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दहेज की मांग ने छीनी एक ओर जिंदगी, रक्षाबंधन को राखी भी नहीं बांध पाई दहेज पीड़िता बहन, भाई ने दर्ज करवाया मुकदमा

Published on: September 8, 2023

द खबर एक्सप्रेस 08 सितंबर 2023। श्रीडूंगरगढ़ के गांव रिड़ी में एक विवाहिता ने ससुराल वालों के द्वारा शारीरिक, मानसिक रूप से पीड़ित किये जाने पर रो-रोकर शादी के 7 साल गुजारे और अंत में दहेज लोभी पति, ससुर, सास और देवर ने मोटरसाइकिल और दहेज के लोभ में निर्ममता की हद पार करते हुए विवाहिता को मौत की नींद सुला दिया। मामले का पता चलते ही पुलिस भी मौके पर पहुंची पर तब तक काफी देर हो चुकी थी और विवाहिता मर चुकी थी। पुलिस ने फांसी पर लटक रही विवाहिता को तुरन्त श्रीडूंगरगढ़ हॉस्पिटल पहुंचाया और शव को मोर्चरी में रखवाया गया है। मृतका के भाई व परिजन सूचना मिलने पर श्रीडूंगरगढ़ पहुंचे और मृतका के भाई ने बहन के ससुराल पक्ष पर दहेज के लिए जान से मारने का आरोप लगाते हुए मामला दर्ज कराया है। मृतका के भाई भंवरलाल पुत्र चुन्नीलाल भार्गव निवासी भार्गव मोहल्ला नापासर ने श्रीडूंगरगढ़ थाने में उपस्थित होकर बताया कि उसकी बहिन पुखा का विवाह करीब 7-8 वर्ष पूर्व विजयपाल पुत्र लालूराम भार्गव निवासी रिडी के साथ हुआ था। विवाह के समय उसने व उसके पिता चुन्नीलाल ने अपनी हैसियत से बढ़कर दान-दहेज दिया था। लेकिन विवाह के पश्चात उसकी बहन का पति विजयपाल, ससुर लालूराम, सास मनावती देवी व देवर सेठी ने दहेज की मांग को लेकर तंग परेशान करना शुरू कर दिया। उक्त सभी लोग बहिन पुखा से मोटरसाईकिल की मांग को लेकर तंग व परेशान करते थे। प्रार्थी ने बताया कि बहिन के बच्चे होने पर छुछक के रूप में अनेकों उपहार दिये थे फिर भी उसका पति, ससुर, सास, देवर मोटरसाईकिल की मांग पर अड़े रहे। जिस बाबत नापासर व रिडी में पंच पंचायती भी हुई। जिसमें नापासर का गुड्डू भार्गव, लक्ष्मीनारायण भार्गव व अन्य लोग भी थे। तब बहिन के ससुराल पक्ष ने अपनी गलती को स्वीकार किया व आईन्दा तंग परेशान नहीं करने का वचन दिया। गत 30अगस्त, 2023 की राखी के दिन बहिन ने मुझे फोन कर बताया कि वह राखी बांधने नापासर आना चाहती है। लेकिन तेरा बहनोई व मेरे सास, ससुर व देवर नापासर भेजने की मनाही कर रहे है। वे लोग कह रहे है कि यदि नापासर से मोटरसाइकिल लेकर आती है तो वहां जा, नहीं तो जाना नहीं है। तब मैंने बहिन को बताया कि अभी हमारी हैसियत मोटरसाइकिल देने की नहीं है। तब ससुराल वालों ने बहिन पुखा को नापासर नहीं भेजा। गुरुवार सुबह करीब 12-01 बजे फोन आया और पुखा ने बताया कि भैया मुझे यहां से ले जाओ वरना मेरा पति मास, ससुर व देवर मुझे जान से मारने का प्लान बना रहे हैं। तब मैंने उसको समझाया कि ऐसा कुछ नही होगा, मैं रिडी आकर उनको समझा दूंगा। परन्तु गुरुवार को दोपहर 3.30 से 4.00 बजे के बीच सूचना मिली की पुखा ने फांसी खा ली। मृतका के भाई ने आरोप लगाते हुए कहा कि मेरी बहिन पुखा को उसके पति विजयपाल, ससुर लालूराम, सास मनावती देवी, देवर सेठी ने मार कर फांसी पर लटका दिया है। पुलिस ने मामले की गंभीरता को को देखते हुए जुर्म धारा 302,498ए, 34 में दर्ज करके जाँच लूणकरणसर सीओ नोपाराम भाकर को सौंपी है।

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