तस्वीरों पर माल्यार्पण से आगे बढ़ेगा देश, जब जीवन में उतरेंगे गांधी के सिद्धांत और शास्त्री के आदर्श
कस्बे का एकमात्र गाँधी पार्क ही अतिक्रमण का शिकार हो रखा है तो स्वच्छता एवं साफ सफाई के लिये स्थानीय प्रशासन एवं जनप्रतिनिधियों की उपेक्षा का दंश झेल रहा है। मुख्य बाजार में स्थित एकमात्र पार्क का ये हाल है कि नजदीक ही शराब का ठेका है और रात होते ही वहां पर असमाजिक तत्वों का जमावड़ा हो जाता है। गांधी पार्क के चारो तरफ़ रेहड़ियों ने अतिक्रमण कर रखा है। शास्त्री जी को याद करने के लिए उनके चित्र के अलावा हमारे पास को दूसरा विकल्प नहीं है।