द खबर एक्सप्रेस 11 मार्च 2024। लोकसभा चुनाव की घोषणा कभी भी हो सकती है। राजस्थान में बीजेपी जहां अपना कुनबा बढ़ा रही है वही बीजेपी के ही सांसद राहुल कस्वां के बगावती तेवरों का भी पार्टी को करना पड़ रहा है। शिव के निर्दलीय विधायक रविन्द्र सिंह भाटी ने भी बीजेपी के लिए चुनौती पेश करने के लिए कमर कस ली है।
राजस्थान में लोकसभा चुनाव को लेकर बाड़मेर जैसलमेर लोकसभा सीट से बीजेपी की धड़कने बढ़ी गई है। बीजेपी ने केंद्रीय मंत्री कैलाश चौधरी को चुनाव मैदान में उतारा है। लेकिन उनकी राह में सबसे बड़ा रोड़ा शिव विधानसभा के विधायक रविंद्र सिंह भाटी है। जो बीजेपी के सफर को मुश्किल कर रहे हैं। हालांकि कांग्रेस ने अभी तक यहां से उम्मीदवार की घोषणा नहीं की है। लेकिन रविंद्र सिंह भाटी के चुनाव लड़ने से सबसे ज्यादा नुकसान भाजपा को होने की आशंका है। भाटी के चुनाव लड़ने को लेकर उन्होंने कड़ी टक्कर देने का बयान देकर भाजपा के लिए टेंशन बढ़ा दी है।

भाटी ने कहा- ऐतिहासिक होगा मुकाबला, भचीड़ बोला देंगे
लोकसभा चुनाव को लेकर रविंद्र सिंह भाटी ने निर्दलीय चुनाव लड़ने की बात से सियासत बड़ा गर्म है। विधानसभा चुनाव में बीजेपी से बागी होकर भाटी ने निर्दलीय चुनाव लड़कर जीता। बाड़मेर जैसलमेर लोकसभा क्षेत्र से भाटी की लोकप्रियता काफी लंबी चौड़ी है। युवाओं में उनके प्रति काफी क्रेज है। ऐसे में कयास है कि उनके चुनाव लड़ने से बीजेपी को नुकसान हो सकता है। इधर, भाटी ने कहा कि ‘पहले मैं सिर्फ दुधोड़ा परिवार का सदस्य था। लेकिन, अब मेरी जनता मेरा परिवार है। जो जनता का आदेश होगा, वही करूंगा। भाटी से पूछा की आपकी क्या मंशा है? तो, भाटी ने कहा कि ‘इस बार जो कुछ भी होगा, अच्छा होगा, ऐतिहासिक होगा और बहुत कुछ नई चीजें आयेगी।’ भाटी ने कहा कि ‘भचीड़ बोला देंगे।’
कल से देवदर्शन यात्रा निकालेंगे भाटी
शिव विधायक रविंद्रसिंह भाटी आज 11 मार्च से बाड़मेर -जैसलमेर लोकसभा की देव दर्शन यात्रा शुरू करने जा रहे हैं। विधायक रविंद्र सिंह भाटी ने देव दर्शन यात्रा को लेकर बताया कि मैं बाड़मेर-जैसलमेर लोकसभा क्षेत्र में जाकर लोगों से मुलाकात करूंगा और उनसे राय लूंगा। उसके बाद ही कुछ निर्णय करेंगे। भाटी ने चुनाव लड़ने को लेकर स्पष्ट तो कुछ नहीं कहा। हालांकि, लोकसभा चुनाव लड़ने को लेकर बड़े संकेत दे डाले हैं। इससे बाड़मेर जैसलमेर लोकसभा सीट पर बीजेपी की मुश्किलें बढ़ती जा रही है। उधर, सियासी चर्चा हैं कि बीजेपी ने रविंद्र सिंह भाटी को कोई तवज्जो नहीं दिया। इसके चलते भाजपा पर दबाव बनाने के लिए भाटी ने निर्दलीय चुनाव लड़ने की घोषणा की है।












