दी खबर एक्सप्रेस 24 अगस्त 2023। श्रीडूंगरगढ़ के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र को राजस्थान सरकार ने उपजिला स्वास्थ्य केंद्र बना दिया। स्थानीय विधायक और नेताओ ने इसके लिये खूब वाह वाही लूटी तथा जनता ने भी इस फैसले का खुले दिल से प्रशंसा भी की। लेकिन उपजिला स्वास्थ्य केंद्र की घोषणा होने के बाद भी श्रीडूंगरगढ़ स्वास्थ्य केंद्र में विशेषज्ञ डॉक्टर नही है। और तो और तकनीकी कर्मी, लेबोरेटरी कर्मी, ब्लड बैंक की कमी और नर्सिंग कर्मियों के पद रिक्त पड़े है। अभी कुछ दिन पहले ही राज्य सरकार द्वारा 5 विशेषज्ञ डॉक्टर्स की नियुक्ति के आदेश जारी किये गए थे उसमे भी एक फोरेंसिक डॉक्टर महिपाल नेहरा ने अभी तक नियुक्ति नहीं ली है।
स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ की कमी
श्रीडूंगरगढ़ स्वास्थ्य केंद्र विगत काफी वर्षों से स्त्री रोग विशेषज्ञ (गायनोकोलॉजिस्ट) की कमी से जूझ रहा है। क्षेत्र का सबसे बड़ा हॉस्पिटल होने के बावजूद भी यहाँ एक स्त्री रोग विशेषज्ञ महिला डॉक्टर नही है। श्रीडूंगरगढ़ स्वास्थ्य केंद्र में 700 के करीब रोगियों का पंजीकरण प्रतिदिन होता है जिसमे महिला रोगियों की संख्या बहुतायत में होती हैं।
गरीब महिला रोगियों को किसी स्त्री रोग विशेषज्ञ से अपना उपचार करवाने के लिए निजी अस्पतालों में जाना पड़ता है जहाँ पर उनके द्वारा मोटी फीस ली जाती है।
ऐसे ही एक घटनाक्रम में आज एक गरीब महिला प्रसूता को अपनी पायजेब गिरवी रखकर निजी अस्पताल में दिखाने के लिए जाना पड़ा। जिसका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रखा है।
हालांकि दी खबर एक्सप्रेस इस वीडियो की पुष्टि नही करता है लेकिन ये भी सत्य है कि श्रीडूंगरगढ़ अस्पताल में प्रसूति रोग विशेषज्ञ के अभाव में महिला रोगियों को अन्यंत्र महंगे निजी अस्पताल में अपना इलाज करवाना पड़ रहा है।
सूत्रों के अनुसार श्रीडूंगरगढ़ स्वास्थ्य केंद्र में गर्भवती महिलाओं की डिलेवरी नर्सिंग स्टाफ द्वारा ही करवाई जा रही है ना कि किसी विशेषज्ञ स्त्री रोग विशेषज्ञ के द्वारा।













