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श्रीडूंगरगढ़ उपजिला अस्पताल में डॉ जगदीश गोदारा की एक ओर उपलब्धि, रूमेटॉइड आर्थराइटिस मरीज के घुटनों का किया सफल प्रत्यारोपण

Published on: April 6, 2026

The Khabar Xpress 06 अप्रैल 2026। श्रीडूंगरगढ़ उपजिला अस्पताल के ऑर्थोपेडिक सर्जन डॉ जगदीश गोदारा और उनकी टीम ने लगातार शानदार परिणाम दिए है। श्रीडूंगरगढ़ सहित आसपास के क्षेत्रों के लिये श्रीडूंगरगढ़ उपजिला अस्पताल, ऑर्थोपेडिक सर्जरी विशेषकर घुटने की सर्जरी का मुख्य केंद्र बनकर उभरा है। डॉ जगदीश गोदारा ने ऐसे कई सफलतम प्रत्यारोपण किये है जिसके लिए मरीजों एवं उनके परिजनों को बीकानेर, जयपुर एवं अहमदाबाद जैसे बड़े अस्पतालों का रुख करना पड़ता था। आज स्थिति ये है कि मरीज बेफिक्र होकर श्रीडूंगरगढ़ उपजिला अस्पताल में अपना सफल ऑपरेशन करवा सकते है।

रूमेटॉइड आर्थराइटिस मरीज के घुटनों का सफल प्रत्यारोपण

लूणकरणसर के गांव सुलेरा की 52 वर्षीय महिला रूपा देवी पत्नी सत्यनारायण गत 5 वर्षों से गंभीर रूमेटॉइड आर्थराइटिस (RA) से पीड़ित थी। जिसके कारण उसके दोनों घुटनों में लगातार भयंकर दर्द बना रहता था और चलने फिरने में उनको काफी दिक्कत हो रही थी। जिस वजह से घुटनों में गम्भीर मुड़ाव (Severe Flexibility Deformity) विकसित हो गया। मरीज का चलना फिरना ही दूभर हो गया जिस कारण वे अपने दैनिक कार्यों के ये ही दूसरों पर निर्भर रहने लगे गयी। मरीज के परिजनों ने उन्हें बीकानेर सहित राज्य के बड़े अस्पतालों में दिखाया जहां एकमात्र इलाज ऑपरेशन कर घुटना प्रत्यारोपण ही इलाज बताया गया। परिजनों द्वारा श्रीडूंगरगढ़ के डॉ जगदीश गोदारा द्वारा किये जा रहे अन्य सफल ऑपरेशनका सुनकर उनका चिकित्सकीय परामर्श लिया और श्रीडूंगरगढ़ उपजिला अस्पताल में ही उनके घुटनों के प्रत्यारोपण करवाया जाना निश्चय हुआ और एक अप्रैल को सफल ऑपरेशन करके उनको इस दर्द से निजात दिलाया गया।

डॉ जगदीश गोदारा ने बताया कि जब मरीज को श्रीडूंगरगढ़ लाया गया तो उनकी ऐसी स्थिति नही थी कि वे अपने पैरों पर ठीक से चल पाये। ऑपरेशन से पहले किए गए एक्स-रे में दोनों घुटनों में उन्नत स्तर के गठिया संबंधी परिवर्तन तथा गंभीर विकृति दिखाई दी थी।

श्रीडूंगरगढ़ उपजिला अस्पताल में डॉ जगदीश गोदारा द्वारा रोगी का सफलतापूर्वक दोनों घुटनों का प्रत्यारोपण (Bilateral Total Knee Replacement – TKR) किया गया।

डॉ गोदारा ने बताया कि ऑपरेशन के बाद के एक्स-रे में दोनों घुटनों की कृत्रिम जॉइंट सही स्थिति और संतुलित एलाइनमेंट में दिखाई दे रही है। दर्द में उल्लेखनीय कमी आई है तथा रोगी की वजन लेकर चलने और चलने-फिरने की क्षमता में स्पष्ट सुधार हुआ है।

मरीज के परिजनों ने बताया पुनर्जन्म

मरीज रूपा देवी के बेटे ने कहा कि उनकी माँ घुटनो के दर्द से असहनीय पीड़ा में थी। उनको अपना जीवन ही नीरस लगने लगा था। रात में उनके साथ एक व्यक्ति का सोना बहुत जरूरी हो गया था क्योंकि रात में भी दैनिक कार्यों के लिये उन्हें दुसरो पर ही निर्भर रहना पड़ता था। उन्होंने डॉ गोदारा एवं उनकी पूरी टीम के आभार जताते हुए कहा कि मेरी माँ की सफल टीकेआर सर्जरी के लिए और उपचार के दौरान मेरी मां की स्नेहपूर्ण देखभाल और सहयोग के लिए हृदय से आभारी हूं। डॉ गोदारा व उनकी टीम के मार्गदर्शन, विश्वास और समर्पण ने इस कठिन समय में हमें बहुत सहारा दिया। मेरी माँ को इस असहनीय दर्द से छुटकारा दिलाकर डॉ गोदारा ने उन्हें पुनर्जन्म दिया है। श्रीडूंगरगढ़ के संपूर्ण नर्सिंग स्टाफ को उनकी निरंतर देखभाल, सहयोग और दयालुता के लिए विशेष धन्यवाद। उनके धैर्य और समर्पण ने इस असहनीय दर्द के समय को बहुत आरामदायक बना दिया।

प्रत्यारोपण टीम में इन्होंने दी सेवायें

डॉ जगदीश गोदारा ने बताया कि इस सम्पूर्ण ऑपरेशन में उपजिला अस्पताल के एनेस्थीसिया एवं क्रिटिकल केयर स्पेशलिस्ट डॉ सुनील सहारण, सीनियर नर्सिंग ऑफिसर प्रदीप पांडे, गणेश, ओटी इंचार्ज रेखा सिस्टर, पोस्ट ऑपरेटिव स्टाफ मनोज, सिस्टर संजू, सिस्टर तेजू, सिस्टर अमृता का विशेष योगदान रहा।


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