The Khabar Xpress 03 जुलाई 2025। लूणकरणसर कस्बे में रीको एरिया के पास बेशकीमती जमीन पर भूमाफियाओं ने तारबंदी कर कब्जा कर रखा था। खसरा संख्या 1037, 1038, 1039 की लगभग 25 बीघा जमीन, जिसकी मार्किट वेल्यू 10 करोड़ है। नगरपालिका पालिका बनने के कारण यह बेसकीमती जमीन है। इस पर कुछ लोगों ने तारबंदी कर दी थी। तहसीलदार विनोद पुनिया बुधवार को राजस्व टीम के साथ मौके पर पहुंचे। तारबंदी हटाकर सरकारी भूमि को कब्जे में लिया। साथ ही राजकीय भूमि का बोर्ड लगाया। यह भूमि शहर के विभिन विकास कार्यों में काम आएगी। तहसीलदार ने बताया कि यदि कोई सरकारी भूमि पर अतिक्रमण करेगा तो आगे से उसके खिलाफ सख्त कार्यवाही की जाएगी और मुकदमा दर्ज करवाया जाएगा। बुधवार को हुई कार्यवाही के दौरान टीम में पटवारी महेंद्र सियाग और राहुल नरसीराम शामिल थे।

क्या श्रीडूंगरगढ़ प्रशासन दिखा पायेगा ऐसी हिम्मत
श्रीडूंगरगढ़ कस्बे की स्थिति तो इससे भी बदतर है। गत कांग्रेस सरकार में जब पट्टा अभियान चलाया गया था तो कस्बे के भूमाफियाओं द्वारा कस्बे की बेशकीमती जमीनो पर जहां चाहे वहीं पट्टे बना लिए गए। उन्हें रोकने वाला कोई नही था। प्रशासन ने अपनी आंखें बंद कर रखी थी तो सरकारी कर्मचारियों ने इस अभियान को अपनी जेब भरने का जरिया बना लिया था। हालात इतने विकट है कि अगर कोई जनहित के कार्यो के निर्माण के लिये जगह तलाशी जाए तो एक इंच भी जगह नहीं मिलेगी। भूमाफिया तो इतने गिर चुके थे कि अगर उन्हें शमशान और कब्रिस्तान की भूमि भी अगर बिना चारदीवारी की मिलती तो वे उसे भी बेच खाते।










