The Khabar Xpress 02 अक्टूबर 2024। सोते समय अनजाने में यूरीन निकल जाने को बेड वेटिंग या बिस्तर गीला करना कहते हैं। ज्यादातर बच्चे बड़े होने पर धीरे-धीरे बिस्तर गीला करना बंद कर देते हैं। आमतौर पर 4 से 6 साल की उम्र के बीच ज्यादातर बच्चे अपने शरीर के प्राकृतिक तंत्र को समझ जाते हैं और पेशाब लगने पर बिस्तर से उठने के लिए कहने लगते हैं। मगर इस उम्र के बाद भी कुछ बच्चे गहरी नींद या थकावट में ऐसा नहीं कर पाते। डॉक्टर इसे भी सामान्य मानते हैं। पर अगर कोई बच्चा 12 वर्ष की उम्र के बाद भी सप्ताह में दो बार भी बिस्तर गीला करता है, तो उसे समस्या माना जाना चाहिए। ऐसी स्थिति में आपको अपने बच्चे के लिए डॉक्टर से परामर्श करने की जरूरत होती है।
तनाव बढ़ा सकती है बिस्तर गीला करने की आदत
संजीवनी मल्टीस्पेशलिटी हॉस्पिटल, श्रीडूंगरगढ़ के डॉक्टर के.एल. शर्मा कहते हैं, “ छोटे बच्चों का हालांकि बिस्तर गीला करना गंभीर समस्या नहीं है। लेकिन इससे आपका बच्चा और परिवार तनाव का शिकार बन सकता है। जो बच्चे बिस्तर गीला करते हैं, वे शर्मिंदगी महसूस कर सकते हैं। वे कई गतिविधियों में भाग लेने से बचने लगते हैं, जैसे कि स्लीपओवर। रिश्तेदारों के घर रुकते हुए भी उन्हें डर होता है कि वे बिस्तर गीला कर देंगे। यह समझना जरूरी है कि बिस्तर गीला करना खराब टॉयलेट ट्रेनिंग या आलस्य का परिणाम नहीं है। ना ही ये कोई आमतौर पर गम्भीर समस्या है। इसके कई कारण हो सकते है।

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क्या हैं बेड-वेटिंग के कारण
डाॅ. के.एल. शर्मा कहते हैं कि बिस्तर गीला करने के कोई निश्चित कारण नहीं है, लेकिन कई कारक इसमें भूमिका निभा सकते हैं, जैसे:
1.ब्लैडर का छोटा होना:
आपके बच्चे का ब्लैडर इतना विकसित नहीं हो सकता कि वह रात में बने यूरीन को संभाल सके।
2.पहले से पता न चलना
यदि यूरीन को कंट्रोल करने वाली नसें धीमी गति से विकसित हो रही हैं, तो पूरा यूरीन होने पर आपके बच्चे की नींद नहीं टूटती। यह खासतौर पर गहरी नींद में रहने वाले बच्चों के लिए सही हो सकता है।
3.हार्मोन असंतुलन
बचपन में, कुछ बच्चों में एंटी-डाय्यूरेटिक हार्मोन (ADH) का उत्पादन पर्याप्त नहीं होता है, जो रात में यूरीन के उत्पादन को कम करता है।
4.यूरीनरी ट्रैक्ट इन्फैक्शन
यूटीआई (UTI) बच्चे के यूरीन को कंट्रोल करने में मुश्किल पैदा कर सकता है। इसके लक्षणों में बिस्तर गीला करना, दिन में अचानक यूरीन महसूस होना, बार-बार जाना, लाल या गुलाबी यूरीन, और यूरीन करते समय दर्द शामिल हैं।
5.स्लीप एपनिया
कभी-कभी बिस्तर गीला करना ऑब्सट्रक्टिव स्लीप एपनिया का संकेत हो सकता है, जहां बच्चे की नींद के दौरान सांस लेने मे दिक्कत होती है। इसके अन्य लक्षणों में खर्राटे और दिन में नींद आना शामिल हो सकता है।
6.डायबिटीज
अगर कोई बच्चा सामान्यत: रात में सूखा रहता है, तो बिस्तर गीला करना डायबिटीज का पहला संकेत हो सकता है। इसके अन्य लक्षणों में एक साथ बड़ी मात्रा में यूरीन आना, ज्यादा प्यास या थकान और अच्छे खाने के बावजूद वजन का घटना शामिल हैं।
7.लगातार कब्ज
अगर बच्चा को लगातार कब्ज की समस्या रहती है, तो यह आतों के समुचित कार्य में बाधा डाल सकता है, जो बिस्तर गीला करने से जुड़ा हो सकता है।
8.नर्वस सिस्टम या यूरीनरी ट्रैक्ट
कभी-कभी, बिस्तर गीला करने का कारण शरीर में ये हिस्से अलग-अलग व्यक्तियों में अलग-अलग तरीके से विकसित हो सकते हैं।
9.तनाव और चिंता
तनावपूर्ण घटनाएं बिस्तर गीला करने का कारण हो सकती हैं। उदाहरण के लिए, परिवार में नए बच्चे का आना, नए स्कूल में जाना, या घर से दूर सोना।
10.पारिवारिक इतिहास
अगर एक या दोनों माता-पिता बचपन में बिस्तर गीला करते थे, तो उनके बच्चे में भी बिस्तर गीला करने की संभावना अधिक होती है।
11.ध्यान की कमी/एडीएचडी (ADHD)
बिस्तर गीला करना उन बच्चों में अधिक सामान्य है, जो ADHD से प्रभावित होते हैं।
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यहां हैं बिस्तर गीला करने की आदत को कंट्रोल करने के उपाय
लाइफस्टाइल में परिवर्तन :
शाम को लिक्विड्स का सेवन सीमित करें, विशेष रूप से कैफीन का। सुनिश्चित करें कि आपका बच्चा सोने से पहले बाथरूम जाए। अपने बच्चे को दिन में हर 2-3 घंटे में बाथरूम ले कर जाएं। अपने बच्चे को सुबह जल्दी उठकर खूब पानी पीने के लिए प्रेरित करें।
टॉयलेट ट्रेनिंग
यह एक अभिभावक का दायित्व है कि वह अपने बच्चे को बाथरूम जाने के लिए एक निश्चित समय पर जगाए। बिस्तर पर जाने से पहले और सुबह उठने पर तो बाथरूम जाना जरूरी है ही। अगर आपका बच्चा बिस्तर गीला करता है, तो रात के समय उसे उठाकर बाथरूम ले जाना भी जरूरी है।
प्रोत्साहित करें
छाेटे-छोटे जेस्चर महत्वपूर्ण बदलाव कर सकते हैं। जब आपका बच्चा अच्छा व्यवहार करे, अपनी टॉयलेट ट्रेनिंग को फाॅलो करे और बिस्तर गीला न करे, तो उसे शाबाशी दें। पुरस्कृत करें।
माॅइस्चर अलार्म
ये उपकरण रात में पहने जाते हैं और इनमें एक अलार्म होता है जो आपके बच्चे के यूरीन करने पर बजता है। आप अपने डॉक्टर से बात करके, अगर इसकी जरूरत हो तो उसे जरूर इस्तेमाल करें।
दवाएं
अगर आप ये सब कर के भी समस्या से निजात नहीं पा रहे, तो डाॅक्टर की सलाह पर कुछ दवाइयां बच्चों में बिस्तर गीला करने की समस्या को रोकने में मदद कर सकती है।
उसे शर्मिंदा न करें
बिस्तर गीला करने वाले किसी भी व्यक्ति का मजाक न उड़ाएं या उसे शर्मिंदा न करें। इससे तनाव और अधिक बढ़ता है और इस आदत का छूटना मुश्किल हो सकता है। यह इतनी गंभीर समस्या नहीं है जिससे निजात न पाई जा सके। इसलिए इसे किसी बच्चे का संपूर्ण व्यक्तित्व पर हावी न होने दें।
Disclaimer: सलाह सहित यह सामग्री केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है। यह किसी भी तरह से योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। ऊपर दी गई जानकारी पर अमल करने से पहले डॉक्टर की राय अवश्य ले लें। The Khabar Xpress की ओर से कोई जानकारी का दावा नहीं किया जा रहा है।








