The Khabar Xpress 30 अगस्त 2024। राजकीय रूपा देवी मोहता उच्च माध्यमिक विद्यालय श्रीडूंगरगढ़ में आज शुक्रवार 30 अगस्त को श्रीडूंगरगढ़ ब्लॉक के सभी राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालयों की ब्लॉक स्तरीय दो दिवसीय प्राचार्य वाकपीठ संगोष्ठी ब्लॉक के प्राचार्यो के सान्निध्य में प्रारंभ हुई। संगोष्ठी का शुभारंभ मुख्य अतिथि विधायक ताराचंद सारस्वत और विशिष्ट अतिथि श्रीविश्वकर्मा कौशल विकास बोर्ड के अध्यक्ष रामगोपाल सुथार, मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी ओमप्रकाश प्रजापत, वाकपीठ कार्यकारी अध्यक्ष ओमप्रकाश शर्मा, पुन्दलसर के वरिष्ठ प्राचार्य सीमा चौधरी और रूपा देवी मोहता स्कूल के प्राचार्य उमाशंकर सारण द्वारा माँ सरस्वती के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर दीप प्रज्वलित करके किया गया।

विधायक ताराचंद सारस्वत ने संगोष्ठी में उपस्थित गुरुजनों को संबोधित करते हुए कहा कि सनातन संस्कृति में ही गुरू का स्थान सर्वोपरि माना गया है। ईश्वर प्राप्ति का मार्ग भी गुरु से प्राप्त होता है। व्यक्ति के विकास की नींव का पहला पत्थर गुरु द्वारा ही रखा जाता है। गुरु से प्राप्त शिक्षा के आधार पर ही शिष्य भविष्य में अपने कुल का, समाज का और देश का नाम रोशन करता है।

श्रीविश्वकर्मा कौशल विकास बोर्ड के अध्यक्ष रामगोपाल सुथार ने संगोष्ठी में उपस्थित गुरुओं को नमन करते हुए कहा कि व्यक्ति एक कोरे कागज की तरह होता है जिसमे विविधता के रंग गुरु द्वारा ही भरे जाते है। किसी भी विद्यालय के प्राचार्य अपनी संस्था की धुरी होते है जिसके इर्द गिर्द ही संस्था, संस्था में कार्यरत कार्मिको एवं संस्था में अध्ययन कर रहे छात्रों का सर्वांगीण विकास होता है। किसी भी सफल व्यक्ति की सफलता उसके गुरु द्वारा दिये गए ज्ञान पर ही निर्भर करती है।

मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी ओमप्रकाश प्रजापत ने सत्रारम्भ वाकपीठ में विभिन्न विभागीय योजनाओं और विषयों पर प्रकाश डाला और ब्लॉक में प्राचार्यों के रिक्त पदों को भरने के लिए आग्रह किया। प्रजापत ने सभी प्रधानाचार्यों को कर्तव्य पथ पर चलते हुए विभागीय आदेशों की पूर्ण ईमानदारी से पालना करने का आह्वान किया। राजकीय दायित्वों के हित में अवकाश को निरस्त भी किया जा सकता है। वाकपीठ सचिव देवीसिंह राजपुरोहित ने स्वागत उद्बोधन दिया। वाकपीठ कार्यकारी अध्यक्ष ओमप्रकाश शर्मा ने अपने संबोधन में नई शिक्षा नीति, शिक्षा में तकनीक के इस्तेमाल तथा शिक्षा में नवीन चुनौतियों के बारे में बताया। वाकपीठ के पहले दिन वार्ताकार बजरंगलाल सेवग ने वित्तीय एवं लेखा नियम व अवकाश नियमों की जानकारी दी। एसीबीईओ ईश्वर राम गरुवा ने राजस्थान सिविल सेवा नियमों की जानकारी दी। अरविन्द ताताण प्राचार्य धर्मास ने एस एन ए भुगतान प्रणाली की जानकारी दी। वाकपीठ व्यवस्थापक लक्ष्मीकांत वर्मा ने जानकारी दी कि इस दो दिवसीय वाकपीठ में श्रीडूंगरगढ़ ब्लॉक की कुल 78 राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालयों के प्राचार्य शिक्षा की उन्नति के लिए चिंतन करके उसका प्रतिवेदन विभाग को भेजेंगे। कार्यक्रम का कुशल संचालन रमेश शर्मा ने किया। इस अवसर पर रजनीकांत सारस्वत, सुरेन्द्र चुरा, शिव तावणियाँ की उपस्थिति रही।









