The Khabar Xpress 27 अगस्त 2024। सोमवार 26 अगस्त को श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का पावन पर्व हर्षोल्लास से मनाया गया। नंद के आनंद भयो जय यशोदा लाल की, हाथी घोड़ा पालकी,जय कन्हैया लाल की, की गूंज हर घर, हर मंदिर, हर संस्थान में गुंजायमान होती रही।
कस्बे में जन्माष्टमी पर्व पर मंदिर रोशनी से जगमग रहे और फूल-मालाओं से सजी उनकी दीवारें खिली-खिली दिखी। मोरपंख से प्रांगण सजे रहे और घंटा-घड़ियालों के बीच ‘हाथी-घोड़ा पालकी-जय कन्हैया लाल की’ के स्वर से मानो आसमान तक गूंज उठा। श्रीडूंगरगढ़ में इस अवसर पर जगह-जगह पंडाल सजे रहे। रात्रि में सांस्कृतिक कार्यक्रमो का भी आयोजन किया गया। श्रीकृष्ण जन्माष्टमी के अवसर पर सुबह से ही भगवान कृष्ण के भक्तों से मंदिरों में भीड़ लगी रही। लोगों ने मंदिरों में शीश नवाकर भगवान से सुखद जीवन की कामना की है। कृष्ण जन्माष्टमी के त्यौहार के लिए घर घर बाल गोपाल को सुंदर वस्त्रों से सजाने के साथ ही भगवान नंदलाल के लिए झूले भी तैयार किये गये। ‘जय कन्हैया लाल की..’ जयकारे के बीच श्रीकृष्ण जन्मोत्सव कार्यक्रम मध्य रात्रि तक कई स्थानों पर मनाया गया।

शहर में स्कूलों में व अपने घरों पर छोटे बच्चों को कान्हा व राधा की पोशाक पहनाकर उनका साज-श्रंगार कर रूप धरा गया। शहर के विभिन्न मौहल्लों में बच्चों ने कान्हा द्वारा माखान खाने व गोपियों संग मुरली बजाने की लीला को भी दर्शाया गया। नन्हे बालकृष्ण द्वारा जन्माष्टमी पर केक भी काटा गया।
बॉम्बे कॉलोनी में कलाकारों ने बांधा भजनों से समां

कस्बे के राष्ट्रीय राजमार्ग स्थित बॉम्बे कॉलोनी के निवासियों ने संगीतमय भजन संध्या के साथ श्रीकृष्ण जन्माष्टमी का पर्व मनाया। सेवानिवृत्त अध्यापक ओमप्रकाश गांधी ने बताया कि श्रीविश्वकर्मा कौशल विकास बोर्ड के अध्यक्ष रामगोपाल सुथार, समाजसेवी महावीर माली और आपणो गांव सेवा समिति के सेवादार डॉ श्यामसुंदर, प्रियंक और सोनू मारू ने दीप प्रज्वलित कर संगीत संध्या का शुभारंभ किया। बीकानेर के शिवकुमार एंड पार्टी तथा रतनगढ़ से घनश्याम एंड पार्टी ने संगीतमय प्रस्तुतियों से भक्तों का मन मोह लिया। कार्यक्रम में बच्चो ने बालगोपाल का रूप धरा और दही हांडी उत्सव का साकार चित्रण किया।


कालूबास स्थित रघुनाथ जी मंदिर (झंवरो का मंदिर) में ठाकुर जी को झूलों पर बैठाया गया।

झंवरोके मंदिर में भक्तों ने देर रात्रि तक भक्तिरस से किया सरोबार।
क्षेत्र के विद्यालयों में भी जन्माष्टमी के त्यौहार को भव्य रूप से मनाया गया।
सेसोमूं विद्यालय प्रांगण में धूमधाम से मनाई गई जन्माष्टमी
सेसोमूं स्कूल में जन्माष्टमी महोत्सव पूरे उत्साह तथा धूमधाम से मनाया गया। इस अवसर पर शाला की नर्सरी विंग के बच्चे कृष्ण व राधा रूप में विद्यालय आए। मुख्य कार्यक्रम में ‘नृत्य नाटिका’ का प्रस्तुतिकरण किया गया। कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों द्वारा भजनों का समा बांध दिया गया। विद्यालय का वातावरण भक्ति रस में डूब गया। श्रीकृष्ण के रूप में झांकी सजाई गई। इस अवसर पर छात्र भवानी सिंह, संतोष मिश्रा, हर्षिता परीभानी, नंदनी राजपुरोहित, गर्विता राजवी, वेनिषा संगवानी तथा योगिता सिद्ध द्वारा भजनों की प्रस्तुति दी गई। कक्षा-1 की छात्रा वान्या खटनानी ने भावपूर्ण भजन की प्रस्तुति दी।

इस अवसर पर अनेक अभिभावकगण तथा शहर के गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे। इस दौरान शाला के संस्थापक जगदीश प्रसाद मूंधड़ा ने सभी आए हुए आंगन्तुकों का आभार व्यक्त किया तथा कृष्ण जन्माष्टमी की शुभकामनाएं दीं। शाला प्राचार्य सुब्रत कुण्डु ने बताया कि शाला में समय-समय पर इस तरह के धार्मिक कार्यक्रम का आयोजन किया जाता है ताकि छात्रों में धार्मिक संस्कार पडे़। गीता के श्लोकों द्वारा विद्यार्थियों को सद्मार्ग पर चलने के लिए प्रेरित किया गया। कार्यक्रम की प्रस्तुति नर्सरी विंग की अध्यापिकाओं प्रीति राजपुरोहित, भारती राजपुरोहित, हेमलता गौड़, क्षेमकंवर भाटी तथा सुष्मिता पारीक द्वारा करवाई गई।
साकार हो गया नंद गांव, कहीं कान्हा दही खा रहा है, कहीं कान्हा बांसुरी बजा रहा है तो कहीं बाल गोपालों के साथ गाय चराने का अभिनय कर रहा है। ऐसे में राधा के रूप में अनेक बालाएं अपने नन्हे नन्हे हाथ पांव से बरसाने की छठा बिखेरती नजर आ रही है । मौका था सृजन पब्लिक स्कूल में जन्माष्टमी का उत्सव

सृजन पब्लिक स्कूल में आज जन्माष्टमी का त्योहार बहुत ही धूमधाम से मनाया गया तथा विभिन्न प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया जिसमें राधा कृष्ण बनकर अनेक बालक बालिकाओं ने अपनी सुंदर छवि के द्वारा सभी का मन मोह लिया। उसके अलावा मटकी फोड़ प्रतियोगिता में भी अपना हुनर प्रस्तुत किया। शिक्षाविद लीलाधर सारस्वत ने सभी बच्चों को भारतीय संस्कृति की जीवंत झांकियां प्रस्तुत करने पर आशीर्वाद प्रदान किया। प्रधानाचार्य प्रमोद सारस्वत ने बताया कि प्रतियोगिताओं में प्रथम द्वितीय एवं तृतीय रहने वाले बालक बालिकाओं के अलावा भाग लेने वाले सभी प्रतियोगियों को पुरस्कृत किया गया।

ए. जी. मिशन इंटरनेशनल स्कूल में जन्माष्टमी महोत्सव धूमधाम से मनाया गया। इस अवसर पर विद्यालय में जूनियर वर्ग के लिये कृष्ण – राधा रूप प्रतियोगिता, मध्यम वर्ग के लिये कार्ड मेकिंग, कनिष्ठ वर्ग के लिये मटकी सजाओ प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। सभी बच्चों ने प्रतियोगिताओं में अपना कौशल प्रदर्शित किया। विजेताओं को विद्यालय की वाईस प्रिंसिपल श्रीमती सुनीता कौशिक ने पुरस्कार देकर प्रोत्साहित किया।

कस्बे की श्रीडूंगरगढ़ पब्लिक स्कूल में जन्माष्टमी पर्व पर बच्चों द्वारा बालकृष्ण स्वरूप की झांकियों प्रस्तुत की गई। श्रीडूंगरगढ़ नगरपालिका नेताप्रतिपक्ष अंजू पारख ने सभी प्रतिभागियों को सराहा।
घर घर सजे देवकीनंदन

बीकानेर के गोगागेट सर्किल स्थित रेवती रमण शर्मा – नर्मदा देवी के मकान में इस बार जन्माष्टमी महोत्सव की जानकारी देते हुए रजनी रमण शर्मा ने जानकारी दी कि इस बार श्री गिरिराज गोवर्धन पर केंद्रित झांकी सजाई गई है। झांकी में गिरिराज का गोलोक में प्राकट्य और पुलस्त्य ऋषि का उन्हें द्रोणाचल के पुत्र रूप में प्राप्त करना, देवताओं द्वारा उनका पूजन व परिक्रमा करना, पुलस्त्य का गिरिराज को श्राप देना, बृजवासियों द्वारा गिरिराज पूजन, गोवर्धन धारण,सुरभि एवं ऐरावत द्वारा कृष्ण काअभिषेक, चन्द्र सरोवर पर महारास, गिरिराज की सप्तकोसी परिक्रमा के प्रमुख स्थल,कृष्ण जन्म लीला,दधी मंथन, पुष्पक व्रत के अनुष्ठान पर ,पार्वती को विष्णु द्वारा श्रीकृष्ण को पुत्र रूप में प्राप्त होने का वरदान, कृष्ण का शंकर को दीक्षा देना, द्वारकाधीश का हनुमान को तुलसी महात्म्य बताना आदि लीलाएं प्रदर्शित की गई है।
रामावतार शर्मा ने बताया कि इस बार जन्माष्टमी का तीन दिवसीय महोत्सव 26 से 28 अगस्त तक मनाया जाएगा।
भक्तों के लिए 26 अगस्त को सायं 5 बजे से मध्य रात्रि तक दर्शन खुले रहेंगे ।शेष दो दिन शाम 5 बजे से रात 10 बजे तक दर्शन सुलभ दर्शन होंगे ।
जन्माष्टमी महोत्सव की झांकियो में गौरांग शर्मा , श्वेतांग शर्मा , विभा शर्मा , सविता शर्मा , आशा शर्मा , अल्पना शर्मा , सुमन शर्मा आदि ने विशेष सहयोग दिया है।

अशोक-रंजना ओझा ने अपने घर पर लड्डूगोपाल को स्नानादि करवाकर छप्पनभोग का भोग लगाया।

गुवाहाटी प्रवासी श्रीडूंगरगढ़ निवासी दीनदयाल सोमानी ने परिवार सहित श्रीकृष्ण जन्मोत्सव का त्यौहार मनाया।

मेघना, निकुंज, अवंतिका, तन्वी, धनक और मिहिका सारस्वत ने अपने लड्डूगोपाल को सजाकर छप्पनभोग का प्रसाद अर्पित किया।

वंदना ओझा ने अपने घर पर किया लड्डूगोपाल का श्रृंगार








