The Khabar Xpress 03 जून 2024। जंक और प्रोसेस्ड फूड्स खाने के साथ ही शुगर खाना भी सेहत के लिए कई तरीकों से फायदेमंद होती है। प्रोसेस्ड फूड्स बनाने में शुगर का भरपूर इस्तेमाल किया जाता है। जिससे हार्ट के साथ-साथ त्वचा और दिमाग पर भी असर पड़ सकता है। हाल ही में इंडियन काउंसिल मेडिकल रिसर्च (ICMR) ने प्रोसेस्ड फूड्स में इस्तेमाल की जाने वाली शुगर के लिए एक नई गाइडलाइन जारी की है। ICMR ने इन फूड्स और ड्रिंक जैसे सोडा, एनर्जी ड्रिंक और कोल्ड ड्रिंक में मिलाए जाने वाली शुगर की सीमा तय की है।
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तय होनी चाहिए शुगर की सीमा
नेश्नल इंस्टीट्यूट ऑफ न्यूट्रिशन (NIN) की एक्सपर्ट कमेटी द्वारा पैकेज्ड फूड्स और ड्रिंक्स में इस्तेमाल किए जाने वाली शुगर की सीमा तय की जानी चाहिए। सॉलिड पदार्थों के लिए कुल एनर्जी इनटेक की 5 प्रतिशत शुगर होनी चाहिए। वहीं, सभी तरह की शुगर के लिए यह सीमा ज्यादा से ज्यादा 10 प्रतिशत होता है। वहीं, ड्रिंक्स के लिए शुगर की तय सीमा 10 एनर्जी इनटेक का केवल 10 प्रतिशत ही होना चाहिए। नैचुरल शुगर या अन्य प्रकार की शुगर का टोटल इनटेक 30 प्रतिशत से ज्यादा नहीं होना चाहिए।

जंक और प्रोसेस्ड फूड्स में होती है चीनी की मात्रा
प्रोसेस्ड फूड्स को बनाने के लिए एडेड शुगर का इस्तेमाल किया जाता है। इन फूड्स और ड्रिंक्स मे आर्टिफिशियल स्वीटनर्स को भी एड किया जाता है। जिससे इसमें न केवली कैलोरी की मात्रा बढ़ जाती है, बल्कि कई प्रकार के कैमिकल भी इकठ्ठे हो जाते हैं। इसे खाने से शरीर में वसा की मात्रा जम जाती है, जिससे आप मोटापे के शिकार हो सकते हैं।
प्रोसेस्ड फूड्स खाने के परिणाम
- प्रोसेस्ड फूड्स में आर्टिफिशियल इंग्रीडिएंट्स होते हैं, जो सेहत को कई तरीकों से नुकसान पहुंचाते हैं।
- इसमें मिलने वाली शुगर मोटापे के साथ-साथ डायबिटीज के जोखिम को भी बढ़ाती है।
- इसे खाने से कार्डियोवैस्कुलर डिजीज का खतरा बढ़ता है, जिससे हार्ट अटैक और स्ट्रोक भी हो सकता है।
- इसे खाने से शरीर में पोषक तत्वों की कमी हो सकती है।
- इन फूड्स को खाने से शरीर में सूजन भी हो सकती है।










