The Khabar Xpress 13 अगस्त 2026, श्रीडूंगरगढ़। प्रदेश में पंचायत और निकाय चुनाव की स्थिति साफ हो गयी है। स्वायत शासन विभाग की ओर से शहरी निकायों के प्रमुख के लिए लॉटरी निकाल दी गई है। प्रदेश में कुल 309 शहरी निकाय हैं। इनमें से 10 नगर निगम में मेयर, 51 नगर परिषद के सभापति और 248 नगर पालिकाओं के चेयरमैन के पदों पर आरक्षण की स्थिति साफ हो गई है। अब भाजपा, कॉंग्रेस और कॉमरेड तीनो ही प्रमुख दल श्रीडूंगरगढ़ के चुनावी रण में अपनी बिसात बिछायेंगे। इस बार निर्दलीयों का भी दबदबा रहने की संभावना है।

निकाली गई लॉटरी
लॉटरी निकालने के लिए अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति की जो सीटें 2014 और 2019 में आरक्षित थी। उन्हें इस बार आरक्षण की सूची से बाहर किया है। इसके बाद बची हुई सीटों में एससी और एसटी में उनके जनसंख्या के आंकड़ों को अवरोही यानी सबसे ज्यादा जनसंख्या वाली सीट सबसे पहले के हिसाब से सूचीबद्ध की गई है। इसके बाद यह लॉटरी निकाली गई है। इसके बाद बची हुई सीटों में से ओबीसी वर्ग के लिए सीटों का आरक्षण तय किया गया है।
श्रीडूंगरगढ़ सामान्य एवं बीकानेर सामान्य
बीकानेर के नोखा की नगर पालिका को ओबीसी ओपन किया गया है। यहां ओबीसी की महिला या पुरुष दोनों को अवसर मिलेगा।
वहीं खाजूवाला और लूणकरनसर में भी ओबीसी महिला या पुरुष सभापति हो सकते हैं। ये दोनों नई पालिका है। वहीं नापासर में पहली पालिका चुनाव में एससी महिला को अवसर मिलेगा।
सीटों का सामाजिक समीकरण: 188 अनारक्षित, 121 आरक्षित
विभाग की ओर से जारी आंकड़ों के अनुसार,कुल 309 निकायों में से सीटों का श्रेणीवार बंटवारा इस प्रकार किया गया है।
- अनुसूचित जाति (SC): 50 पद (जिनमें 16 पद महिलाओं के लिए आरक्षित)
- अनुसूचित जनजाति (ST): 11 पद (3 पद महिलाओं के लिए आरक्षित)
- अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC): 60 पद (21 पद महिलाओं के लिए आरक्षित)
- अनारक्षित (General): 188 पद (62 पद महिलाओं के लिए आरक्षित)
सबसे पहले एससी वर्ग के लिए लॉटरी निकाली जा रही है। इसके लिए 2011 की जनगणना के आधार पर निकायों में इस वर्ग की जनसंख्या के घटते क्रम में सूची बनाई गई है। पारदर्शी प्रक्रिया अपनाते हुए वर्ष 2014 और 2019-20 में आरक्षित रही सीटों को अपवर्जित करते हुए 50 सीटों का निर्धारण किया गया है।
17 अगस्त को होगी 10,245 वार्डों की लॉटरी
नगर निकायों के मेयर और चेयरमैन पदों के आरक्षण के बाद अब शहरों के वार्डों की बारी होगी। 17 अगस्त को प्रदेश के शहरों के 10,245 वार्डों के आरक्षण की लॉटरी निकाली जाएगी। इसमें अलग-अलग वर्गों के लिए वार्ड आरक्षित किए जाएंगे। वार्डों के आरक्षण की प्रक्रिया पूरी होने के बाद नगर निकाय चुनाव को लेकर तस्वीर और स्पष्ट हो जाएगी। वहीं ग्रामीण क्षेत्रों में भी आरक्षण की प्रक्रिया चरणबद्ध तरीके से पूरी की जाएगी। जिला स्तर पर कलेक्टर प्रधान, जिला परिषद और पंचायत समिति के वार्डों के आरक्षण की लॉटरी निकालेंगे। इसके बाद 18 अगस्त को ब्लॉक स्तर पर सरपंच और वार्ड पंचों के आरक्षण की लॉटरी निकाली जाएगी।









