The Khabar Xpress 06 अप्रेल 2026। अंतर्राष्ट्रीय सारस्वत ब्राह्मण महासम्मेलन 2025 के दौरान पारित 26 महत्वपूर्ण संकल्प केवल कागज़ों तक सीमित न रहकर अब धरातल पर साकार रूप लेने लगे हैं। सारस्वत समाज के सर्वांगीण विकास का जो संकल्प उस मंच से लिया गया था, वह आज एक नई ऊर्जा और स्पष्ट दिशा के साथ आगे बढ़ रहा है।

इसी कड़ी में समाज के होनहार, मेधावी एवं प्रतिभाशाली छात्र-छात्राओं को उच्च प्रशासनिक सेवाओं UPSC एवं राज्य लोक सेवा आयोग में अधिकाधिक चयनित कराने के उद्देश्य से एक दूरदर्शी और सशक्त पहल का शुभारंभ रविवार को हुआ। यह पहल कोचिंग के साथ मार्गदर्शन, संसाधन और अवसर उपलब्ध कराने का प्रयास है, जिससे देश भर के सारस्वत ब्राह्मण समाज का चयनित योग्य विद्यार्थी अपनी क्षमता के अनुरूप सर्वोच्च स्थान प्राप्त कर सके।
इस महत्वपूर्ण लक्ष्य को मूर्त रूप देने, विस्तृत कार्ययोजना तैयार करने और ठोस दिशा-निर्धारण के लिए रविवार, 5 अप्रैल 2026 को नई दिल्ली स्थित लघु उद्योग भारती सभागार में मीटिंग का आयोजन किया,मीटिंग में देश के प्रतिष्ठित एवं अनुभवी व्यक्तित्वों की गरिमामयी उपस्थिति रही। खाद्य एवं प्रसंस्करण उद्योग मंत्रालय के सचिव वरिष्ठ आईएएस अविनाश जोशी, सुप्रसिद्ध करियर कंसल्टेंट संजीव कबीर तथा लघु उद्योग भारती के निवर्तमान अध्यक्ष घनश्याम ओझा के सानिध्य में गहन और सारगर्भित विचार-विमर्श हुआ। दो घंटे से अधिक समय तक चली मीटिंग में समाज के विद्यार्थियों के लिए एक सुव्यवस्थित, उच्च गुणवत्ता वाली एवं परिणामोन्मुख कोचिंग व्यवस्था विकसित करने पर गंभीर चर्चा हुई। विशेष रूप से सुनिश्चित करने पर सहमति कि मई 2026 में होने वाली UPSC प्रारंभिक परीक्षा के लिए विद्यार्थियों को समय पर उचित मार्गदर्शन, अध्ययन सामग्री और वातावरण उपलब्ध कराया जाए।
मीटिंग में सर्व सहमति से निर्णय लिया कि,जो विद्यार्थी वर्ष 2026 की UPSC प्रारंभिक परीक्षा सफलतापूर्वक उत्तीर्ण करेंगे, उनके लिए दिल्ली में मुख्य परीक्षा (Mains) एवं साक्षात्कार (Interview) की व्यवस्था समाज द्वारा की जाएगी। इसमें आवास, कोचिंग, मार्गदर्शन एवं अन्य सुविधाएं शामिल करने का प्रयास होगा। घनश्याम ओझा के मार्गदर्शन में शुरू हो रही यह पहल समाज के विद्यार्थियों के लिए न केवल आर्थिक संबल बनेगी, बल्कि उनके आत्मविश्वास को भी नई ऊंचाइयों तक पहुंचाएगी।
इस अवसर पर अविनाश जोशी ने कहा कि यह कार्य केवल एक परियोजना नहीं, बल्कि समाज के भविष्य निर्माण का मिशन है, और वे स्वयं इस कार्य के लिए पूर्णतः समर्पित रहेंगे। उन्होंने मार्गदर्शन एवं हर संभव सहयोग का आश्वासन भी दिया। घनश्याम ओझा ने इस कार्य को शीघ्र प्रारंभ करने का आह्वान किया। संजीव कबीर ने ऑनलाइन और ऑफ लाइन ट्रेनिंग प्रोग्राम पर विस्तृत विचार रखें।
मीटिंग में आंचल बोहरा , कैलाश सारस्वत, रामदेव ओझा, बृजेश शर्मा एवं दिनेश ओझा उपस्थित रहे, जिन्होंने अपने अनुभव और सुझावों से इस पहल को और अधिक सशक्त बनाने में सहयोग किया।









