The Khabar Xpress 04 मार्च 2026। श्रीडूंगरगढ़ के मोमासरबास में सैंकड़ो वर्षों से आयोजित हो रहे परंपरागत घीन्दड़ महोत्सव ने इस बार खूब फाल्गुनी रंग जमाया। विगत कुछ वर्षों से श्रीडूंगरगढ़ के मोमासरबास में आयोजित होने वाला ये महोत्सव फीका पड़ता जा रहा था और श्रीडूंगरगढ़ के पारंपरिक होली महोत्सव कहीं न कहीं उपेक्षा का शिकार हो रग था। लेकिन इस बार मोहल्ले के युवाओं ने अपनी इस थाती को बचाने एवं उसके पुनरूद्धार के साथ अपनी परंपरा को जीवित रखने के लिए कमर कसी।

मोहल्ले के वरिष्ठ नागरिकों कमल किशोर नाई, बुधाराम सायच, नेमचंद तावणियाँ, सोहनलाल ओझा, दिलिप सिंह तंवर, जुगलकिशोर तावणियाँ, मदनलाल जंवरिया, सहीराम सायच, शंकर ओझा, देवाराम सायच एवं शिवरतन स्वामी के निर्देशन में युवाओं गौरीशंकर स्वामी, सूरजाराम टाक, आशीष जाड़ीवाल, कमल तावणियाँ, जयप्रकाश स्वामी, पूरणमल स्वामी, भागीरथ सिंह बीका, महावीर स्वामी, बबलू भार्गव, मुकेश तावणियाँ, गणेश नाई, रामनिवास सायच, नानुराम स्वामी, रामधन नाई, कन्हैयालाल स्वामी ने इसबार श्रीडूंगरगढ़ के इस पारंपरिक महोत्सव को उसी रंग में मनाने के लिए दृढ़ संकल्पित हुए और 27 फरवरी से 3 मार्च तक पंचदिवसीय फागोत्सव को धूमधाम से मनाया गया।

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जहां पहले दिन चंग धमाल का आयोजन किया गया तो दूसरे दिन होली के रंग बिरंगे रंगों से सरोबार गाजे बाजे के साथ बनोरी निकाली गई जो तरह तरह के स्वांग के साथ शहर के मुख्य बाजार व घुमचक्कर तक गयी और शहर की पुरानी परंपरा को जीवंत किया।

28 फरवरी की शाम से घीन्दड़ मैदान में नगाड़ो के डंके एवं ढोल की थाप पर होली के रंगरसियो ने अलग अलग स्वांग रचकर ताल से ताल मिलाई। इस दौरान कस्बे के आम नागरिकों एवं महिलाओं ने देर रात्रि तक इस रंगारंग उत्सव का आनन्द लिया।

आयोजन समिति द्वारा इस आयोजन में मनमोहक स्वांग धर कर भाग लेने वाले प्रतिभागियों को पुरस्कृत भी किया साथ ही अनेक जनप्रतिनिधियों एवं गणमान्यजनों का सम्मान किया गया।

















