The Khabar Xpress 11 फरवरी 2026। राजस्थान विधानसभा में आज बजट पेश किया जा रहा है। बजट को लेकर विधानसभा में खासा माहौल देखने को मिला। राजस्थान की डिप्टी सीएम और फाइनेंस मिनिस्टर दिया कुमारी आज विधानसभा में भजनलाल सरकार का तीसरा पूर्ण बजट पेश कर रही हैं। ‘विकसित राजस्थान @2047’ के विजन को धरातल पर उतारने के लिए तैयार इस बजट से प्रदेश के युवाओं, किसानों और महिलाओं को भारी उम्मीदें हैं। इससे पूर्व विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने सदन में बजट पेश करने की विधिवत अनुमति दी।
राजस्थान बजट 2026 का ऐतिहासिक आकार, पिछले साल से 41% बड़ा बजट!
वित्त मंत्री दिया कुमारी ने सदन में बजट का कुल आकार पेश कर सबको चौंका दिया है. इस बार राजस्थान बजट की कुल राशि 21 लाख 52 हजार 100 करोड़ रुपये है. यह आंकड़ा पिछले वर्ष के बजट के मुकाबले 41.39 फीसदी की भारी-भरकम बढ़ोतरी है.
बजट की महत्वपूर्ण घोषणाएं
अब व्हाट्सएप पर मिलेंगी ई-मित्र की 100 सेवाएं, राजस्थान में ‘स्मार्ट सेवा केंद्र’ और नई IT पॉलिसी का ऐलान
आंगनबाड़ी बनेंगे ‘नंद घर’, 18 हजार केंद्रों को मिलेगा बिजली कनेक्शन
लखपति दीदियों को अब ₹1.5 लाख का लोन, ग्रामीण महिलाओं के लिए खुलेंगे ‘वूमेन BPO’
पुराने कर्ज का रीस्ट्रक्चर और ₹1 लाख करोड़ का पूंजीगत खर्च
- सरकार ने विकास कार्यों के लिए ₹53,978 करोड़ का लक्ष्य रखा है, जो पिछले साल से 36.9% ज्यादा है। अगर प्रभावी पूंजीगत खर्च की बात करें, तो यह ₹1 लाख करोड़ से भी अधिक होगा.
- बिजली, सड़क और पानी जैसी मूलभूत सुविधाओं पर ₹51,000 करोड़ से ज्यादा का पूंजीगत खर्च किया जाएगा.
- राज्य पहली बार ‘स्टेट गवर्नमेंट सिक्योरिटी की स्विचिंग’ प्रक्रिया शुरू कर रहा है. इससे पुराने कर्जों की रीस्ट्रक्चरिंग और डी-कंजेशन (बोझ कम करना) संभव होगा.
- RBI के ‘गारंटी रिडेम्पशन फंड’ में निवेश से सरकार को इस साल ₹600 करोड़ और अगले साल ₹750 करोड़ की सीधी बचत होगी. सरकार ने इस फंड में ₹2450 करोड़ का निवेश किया है.
अब बिना ‘फिजिकल इंस्पेक्शन’ शुरू होंगे उद्योग, सर्विस सेक्टर को भी मिलेगा RIPS का लाभ
- निवेशकों के लिए अब ‘वन एप्लीकेशन, वन डिजिटल ट्रैक’ व्यवस्था होगी. सभी विभागीय स्वीकृतियां एक ही जगह मिलेंगी. कम जोखिम वाले प्रोजेक्ट्स में फिजिकल इंस्पेक्शन (भौतिक निरीक्षण) की जरूरत को खत्म कर दिया गया है.
- टेक्सटाइल उद्योग: इसे नई ऊर्जा देने के लिए ‘कैपिटल सब्सिडी’ और ‘पेरोल सब्सिडी’ के अतिरिक्त विकल्प मिलेंगे.
- अब मैन्युफैक्चरिंग के साथ-साथ सर्विस सेक्टर को भी RIPS के तहत लाभ मिलेगा.
राजस्थान में लगेंगे 250 नए EV चार्जिंग स्टेशन, GSI के साथ मिलकर बनेगी हाई-टेक खनिज लाइब्रेरी
- जियोलॉजिकल सर्वे ऑफ इंडिया (GSI) के सहयोग से प्रदेश में एक ‘स्टेट ऑफ आर्ट’ खनिज कोर लाइब्रेरी की स्थापना की जाएगी. यह रिसर्च और नए खनन क्षेत्रों की खोज में मील का पत्थर साबित होगी.
- प्रदूषण कम करने और क्लीन एनर्जी को बढ़ावा देने के लिए प्रदेश में 60 नए CNG स्टेशन और 250 नए EV (इलेक्ट्रिक व्हीकल) चार्जिंग स्टेशन स्थापित किए जाएंगे.
- पुराने बकाया टैक्स के मामलों को सुलझाने के लिए सरकार ने राहत का पिटारा फिर खोल दिया है. VAT (वैट), कृषि विपणन, भूमि कर, परिवहन और खनन विभाग से संबंधित नई एमनेस्टी योजनाएं लाई जाएंगी. इससे व्यापारियों और आमजन को पेनल्टी और ब्याज में भारी छूट मिलेगी.
100 नए प्लॉट की नीलामी, खातेदारी जमीन पर माइनिंग आसान और बजरी का विकल्प ‘M-Sand’ अनिवार्य
- अब तक 1 हेक्टेयर और 0.18 हेक्टेयर से कम की छोटी खातेदारी जमीनों का उपयोग खनन के लिए नहीं हो पा रहा था. सरकार ने अब ऐसी भूमियों के लिए खनन क्वेरी (Quarry) आवंटन करने की घोषणा की है.
- खातेदारी जमीन में खान आवंटन के लिए आवेदन के समय लगने वाली प्रीमियम राशि को 40% से घटाकर 30% कर दिया गया है. इससे स्थानीय भू-स्वामियों को बड़ी आर्थिक राहत मिलेगी.
- पारदर्शिता और रफ्तार बढ़ाने के लिए अगले वित्तीय वर्ष में मेजर मिनरल (मुख्य खनिज) के नए ब्लॉक्स और माइनर मिनरल (लघु खनिज) के 100 प्लॉट्स की नीलामी की जाएगी.
- नदियों से निकलने वाली बजरी पर निर्भरता कम करने के लिए ‘एम-सैंड’ पॉलिसी को सख्ती से लागू किया जाएगा. सरकारी निर्माण कार्यों में अब M-Sand का उपयोग 25% से बढ़ाकर चरणबद्ध तरीके से 50% करना अनिवार्य होगा.
- पट्टा जारी होते ही तुरंत खनन शुरू हो सके, ऐसी सुगम व्यवस्था लागू की जा रही है.
अन्य राज्यों से गाड़ी लाना हुआ सस्ता, रजिस्ट्रेशन टैक्स में अब 50% की भारी छूट
अब यदि आप किसी अन्य राज्य से गैर-परिवहन वाहन (Private Vehicles जैसे कार या बाइक) खरीदकर राजस्थान में रजिस्ट्रेशन कराते हैं, तो आपको रजिस्ट्रेशन टैक्स में 50% की छूट मिलेगी. पहले यह छूट 25% थी, जिसे अब सरकार ने दोगुना (50%) कर दिया है।
स्टैंप ड्यूटी और रजिस्ट्रेशन शुल्क में भारी कटौती, पुराने वाहनों पर ‘ग्रीन टैक्स’ की तैयारी
10वीं-12वीं के मेधावी स्टूडेंट्स को ₹20,000 का ई-वाउचर और युवाओं के लिए 10 लाख का बिजनेस लोन
अब घर बैठे होगा जमीन-जायदाद का रजिस्ट्रेशन, सभी 106 ऑफिस बनेंगे ‘मॉडल’
सरस अब UP-MP में, 10 करोड़ पौधे और ₹1500 करोड़ का ‘पृथ्वी प्रोजेक्ट’
अरावली को बचाने का ‘कवच’: 4000 हेक्टेयर भूमि का होगा कायाकल्प, बनेगी सुरक्षा दीवार
किसानों को ₹25,000 करोड़ का ब्याज मुक्त लोन, कृषि विश्वविद्यालयों में भर्ती और ‘मिशन राज गिफ्ट’ का ऐलान
2.5 लाख किसानों को मिलेंगे फ्री बीज, हर पंचायत में वर्मी कंपोस्ट यूनिट
किसानों को ‘ब्याज माफी’ का बड़ा तोहफा, मशीनों पर ₹160 करोड़ की सब्सिडी और 500 नए कस्टम हायरिंग सेंटर
3 लाख किसानों को ड्रिप-स्प्रिंकलर, 50 हजार नए सोलर पंप और ₹11,300 करोड़ का बजट
शेखावाटी को जल्द मिलेगा यमुना का पानी, बेहतर काम करने वाली पंचायतों को मिलेगा ‘स्टेट अवॉर्ड’
कर्मचारियों के लिए ‘सैलरी अकाउंट पैकेज’: 8वें वेतन आयोग पर कमेटी और 70 की उम्र तक बीमा-लोन की सुविधा
3000 करोड़ से सुधरेंगे पंचायत-सचिवालय, आदिवासियों को मिलेगा जमीन का हक; बिजनेस के लिए आसान लोन
नीति आयोग की तर्ज पर ‘रीति’ का गठन, अब AI और डेटा से चलेगी सरकार
खाटू श्याम जी और पुष्कर में बनेंगी ‘मॉडल रोड’, भरतपुर को मिला कन्वेंशन सेंटर
जैसलमेर बनेगा ‘अल्ट्रा लग्जरी’ टूरिज्म हब, पर्यटन के लिए ₹5000 करोड़ का मेगा प्लान
मरीजों के परिजनों को बड़ी राहत: 6 शहरों में बनेंगे हाई-टेक विश्रामगृह और ‘अटल आरोग्य फूड कोर्ट’
वित्त मंत्री दिया कुमारी ने अस्पतालों में इलाज के साथ-साथ मरीजों के परिजनों की सुविधाओं और सम्मानजनक अंतिम विदाई के लिए बड़ी घोषणाएं की हैं:-
- जयपुर, अजमेर, बीकानेर, उदयपुर, कोटा और जोधपुर के मेडिकल कॉलेजों से जुड़े अस्पतालों में अत्यधुनिक विश्रामगृह (Shelter Homes) बनाए जाएंगे. इससे दूर-दराज से आने वाले परिजनों को ठहरने के लिए दर-दर नहीं भटकना पड़ेगा.
- अस्पताल परिसर में ही मरीजों, स्टाफ और विद्यार्थियों को सस्ती दर पर पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराने के लिए ‘अटल आरोग्य फूड कोर्ट’ स्थापित किए जाएंगे. इसके लिए ₹100 करोड़ का बजट आवंटित.
- सड़क दुर्घटना में जान गंवाने वाले मृतकों के पार्थिव शरीर को अस्पताल की मोर्चरी से उनके घर तक सम्मानपूर्वक पहुँचाने के लिए सरकार निशुल्क ‘मोक्ष वाहिनी’ सेवा शुरू करेगी.
दस्तावेज नहीं तो भी मिलेगा इलाज,
- बच्चों के प्रमुख अस्पताल JK लोन में ₹75 करोड़ की लागत से 500 बेड क्षमता वाला नया IPD टावर बनाया जाएगा. इससे गंभीर बीमार बच्चों को बेहतर इलाज और ज्यादा जगह मिल सकेगी.
- जिन पात्र परिवारों के पास दस्तावेजों की कमी है, उन्हें भी मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना और निरोगी राजस्थान योजना के तहत निशुल्क इलाज सुनिश्चित किया जाएगा.
- योजना से वंचित पात्र परिवारों को जोड़ने के लिए हर पंचायत स्तर पर विशेष ‘आरोग्य शिविरों’ का आयोजन होगा.
- सरकार का लक्ष्य है कि कोई भी व्यक्ति आर्थिक तंगी या कागजों की कमी के कारण इलाज से वंचित न रहे.
जिला अस्पतालों में मिलेंगे काउंसलर
- अब जिला अस्पतालों में केवल मनोरोग चिकित्सक (Psychiatrist) ही नहीं, बल्कि साइकोलॉजिकल काउंसलर भी नियुक्त किए जाएंगे.
- सभी हायर सेकेंडरी स्कूलों में हर महीने स्ट्रेस कम मेंटल हेल्थ काउंसलिंग सेशन आयोजित करना अनिवार्य होगा. यह प्रशिक्षित काउंसलर्स के माध्यम से किया जाएगा.
- सरकार का मुख्य फोकस इस बात पर है कि रोगों की पहचान शुरुआत में ही हो सके, ताकि आत्महत्या जैसे आत्मघाती कदमों को रोका जा सके.
‘राज ममता’ योजना का ऐलान, SMS में बनेगा मेंटल हेल्थ एक्सीलेंस सेंटर
हाईवे पर तैनात होंगी एम्बुलेंस, ड्राइविंग लाइसेंस के लिए CPR ट्रेनिंग अब अनिवार्य
‘राज सुरक्षा’ योजना का ऐलान, अब CHC पर भी होगा हार्ट अटैक का इलाज
भजनलाल सरकार के तीसरे पूर्णकालिक बजट की बड़ी बातें
- जलदाय विभाग में 3 हजार संविदा तकनीकी कर्मचारियों की भर्ती की घोषणा.
- राजस्थान की नई जल नीति लाई जाएगी.
- सीएम जल जीवन मिशन के तहत 6500 गांवों को हर घर नल से जोड़ा जाएगा, इस पर 4500 करोड़ रुपये खर्च होंगे.
- शहरों में पेयजल सुविधाओं के लिए 2300 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे.
- अगले साल 3 लाख नए पेयजल कनेक्शन दिए जाएंगे.
- देशनोक में 24 घंटे पानी उपलब्ध कराने के लिए 750 करोड़ रुपये खर्च होंगे.
- 1092 गांवों तक बिसलपुर योजना का पानी पहुंचाने के लिए 650 करोड़ रुपये खर्च होंगे.
- गर्मी में पर्याप्त पेयजल के लिए 600 ट्यूबवेल लगाए जाएंगे.
- समर कंटिजेंसी के लिए हर कलेक्टर को 1 करोड़ रुपये दिए जाएंगे.
- सीएम जल जीवन मिशन के तहत 6500 गांवों को हर घर नल से जोड़ा जाएगा, इस पर 4500 करोड़ रुपये खर्च होंगे.
- शहरों में पेयजल सुविधाओं के लिए 2300 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे.
- अगले साल 3 लाख नए पेयजल कनेक्शन दिए जाएंगे.
- देशनोक में 24 घंटे पानी उपलब्ध कराने के लिए 750 करोड़ रुपये खर्च होंगे.
- 1092 गांवों तक बिसलपुर योजना का पानी पहुंचाने के लिए 650 करोड़ रुपये खर्च होंगे.
- गर्मी में पर्याप्त पेयजल के लिए 600 ट्यूबवेल लगाए जाएंगे.
- समर कंटिजेंसी के लिए हर कलेक्टर को 1 करोड़ रुपये दिए जाएंगे.
- जयपुर में 10 करोड़ की लागत से पानी पर सेंटर ऑफ एक्सीलेंस खोला जाएगा.
- मोबाइल वाटर टेस्टिंग लैब शुरू की जाएगी.
- इंफ्रास्ट्रक्चर क्षेत्र में 1800 करोड़ रुपये की लागत से नई सड़कें और ब्रिज बनाए जाएंगे.
- अगले साल 15 नए रेलवे ओवर ब्रिज और अंडर ब्रिज बनाए जाएंगे.
- नॉन पैचेबल सड़कों के लिए 1400 करोड़ रुपये और मिसिंग लिंक सड़कों के लिए 600 करोड़ रुपये खर्च होंगे.
- 250 अटल प्रगति पथ के 500 करोड़ रुपये के काम अगले साल शुरू होंगे.
- बारिश से टूटी सड़कों की मरम्मत के लिए 500 करोड़ रुपये का प्रावधान.
- एक्सीडेंट रोकने के लिए 100 करोड़ रुपये की लागत से प्रदेश भर में 2 हजार कैमरे लगाए जाएंगे.
- सभी संभागीय सड़कों पर फ्लाईओवर, अंडरपास और पार्किंग संबंधी कार्य, जयपुर सहित 2300 करोड़ रुपये से अधिक खर्च.
- ऊर्जा क्षेत्र में दो नए सोलर पार्क, बीकानेर और जैसलमेर में 2950 करोड़ रुपये खर्च.
- 220 केवी के 6, 132 केवी के 13 और 33 केवी के 110 नए जीएसएस बनाए जाएंगे
- बिजली सिस्टम की रीयल टाइम मॉनिटरिंग के लिए अजमेर डिस्कॉम सेंटर को एआई से जोड़ा जाएगा.
- 3427 करोड़ रुपये का पूंजीगत खर्च इंफ्रास्ट्रक्चर पर, अब तक का सर्वाधिक.
- 16,430 किलोमीटर नई सड़कों को जोड़कर कुल 42 हजार किलोमीटर सड़कों का विकास.
- राज्य की अर्थव्यवस्था में 41.39 प्रतिशत वृद्धि, 2026–27 में 21 लाख करोड़ रुपये से अधिक होने का
शिक्षा में ‘राज पहल’ का आगाज: ‘स्कूल ऑन व्हील्स’ से AI लैब तक, संस्कृत शिक्षा भी होगी हाई-टेक
शहरों का कायाकल्प, ₹3000 करोड़ से संवरेगा राजस्थान
- ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के समग्र विकास के लिए पंचायती राज संस्थाओं को सशक्त बनाया जाएगा.
- प्रदेश के विभिन्न क्षेत्रों के सौंदर्यीकरण, पुनरुद्धार और उन्नयन (Beautification & Upgradation) के लिए ₹3,000 करोड़ के कार्यों की घोषणा.
- मास्टर प्लान के आधार पर शहरों का विकास और आमजन को किफायती आवास व नागरिक सुविधाएं उपलब्ध कराने का संकल्प.
2000 पदों पर अतिरिक्त संविदा भर्ती का ऐलान
राजस्थान बजट 2026 पेश करते हुए वित्त मंत्री दिया कुमार ने कहा, ‘आमजन को पेयजल उपलब्ध कराने तथा पेयजल योजनाओं के समुचित ऑपरेशन एंड मेंटेनेंस के लिए हमारे द्वारा पिछले बजट में घोषित 1050 तकनीकी अधिकारियों कर्मचारियों के संविदा काडर में वृद्धि करते हुए 3000 पदों पर भर्ती की जाएगी.’











मुलताई में कुछ बैंक, कुछ शॉपिंग कॉम्प्लेक्स बिना पार्किंग के संचालित हो रहे हैं, तथा कुछ लोगों ने पार्किंग के लिए जगह बहुत कम दी है। जो वाहन पार्किंग के लिए पर्याप्त नहीं है। इससे ग्राहको को वाहन खड़े करने में बहुत परेशानी होती है। आखिर बिना पार्किंग के बैंक कैसे संचालित हो रहे हैं। ये तो नियमों का उल्लघंन हो रहा है। सड़क किनारे वाहन खड़े करने से यातायात व्यवस्था प्रभावित होती है। कई बार दुर्घटना तक हो जाती है। सरकारी जमीन पर वाहन खड़े हो रहे हैं । जबकि जिस भवन मे बैंक संचालित होती है उसकी स्वयं की पार्किंग होना जरूरी है। मुलताई में संचालित सभी बैंकों की पार्किंग व्यवस्था की जांच होना चाहिए।
कुछ बेसमेंट बिना अनुमति के बने हैं। कुछ व्यावसायिक भवनों के नक्शे बिना पार्किंग दिए पास हुए हैं। कुछ लोगों ने सरकारी जमीन पर पक्का अतिक्रमण कर लिया है। जांच होना चाहिए।
नाम – रवि खवसे
शहर – मुलताई
जिला – बैतूल
राज्य – मध्यप्रदेश