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राजस्थान पंचायत-निकाय चुनाव में मिल सकती है राहत, 30 साल पुराना नियम बदलने की तैयारी में सरकार

Published on: February 5, 2026

The Khabar Xpress 05 फरवरी 2026। राजस्थान के मुख्यमंत्री भजन लाल शर्मा की सरकार जल्द ही पंचायत राज संस्थानों और शहरी निकाय चुनावों से जुड़े अहम नियमों में बदलाव करने जा रही है। इसमें उम्मीदवारों की शैक्षणिक योग्यता और दो से अधिक संतान होने पर चुनाव लड़ने की रोक हटाने की तैयारी चल रही है। इस संबंध में विधि विभाग में प्रक्रिया जारी है और सरकार इसे लेकर गंभीरता से आगे बढ़ रही है।

30 साल पुराने नियम को हटाने की कवायद

दो से अधिक संतान होने पर पंचायत और निकाय चुनाव लड़ने पर रोक का नियम करीब 30 साल पुराना है। यह नियम तत्कालीन मुख्यमंत्री भैरोसिंह शेखावत की सरकार के समय लागू किया गया था। अब राज्य सरकार इस नियम को समाप्त करने की दिशा में कदम बढ़ा रही है। माना जा रहा है कि जल्द ही इस पर अंतिम फैसला लिया जा सकता है।

विधानसभा में सवाल, सरकार ने दिया जवाब

यह जानकारी विधानसभा में कांग्रेस विधायक पूसाराम गोदारा के सवाल के जवाब में दी गई है। उन्होंने पूछा था कि क्या सरकार नगर निकाय चुनावों में उम्मीदवारों की शैक्षणिक योग्यता और संतान से जुड़े प्रावधानों में संशोधन करने पर विचार कर रही है ?

सरकार की ओर से जवाब में बताया गया कि नगर निकाय चुनावों के लिए राजस्थान नगरपालिका अधिनियम 2009 की धारा 21 में उम्मीदवारों की योग्यता से जुड़े प्रावधान हैं, लेकिन इसमें शैक्षणिक योग्यता को लेकर कोई नियम नहीं है। फिलहाल शैक्षणिक योग्यता से जुड़े नियमों में बदलाव का कोई प्रस्ताव विचाराधीन नहीं है।

दो से अधिक संतान पर रोक हटाने की तैयारी

हालांकि दो से अधिक संतान वालों को चुनाव लड़ने की छूट देने के सवाल पर सरकार ने साफ किया कि राजस्थान नगरपालिका अधिनियम 2009 की धारा 24 में संशोधन के लिए फाइल विधि विभाग को भेजी जा चुकी है और मामला प्रक्रियाधीन है। इसका मतलब है कि इस दिशा में सरकार सक्रिय रूप से काम कर रही है।

नौकरी से जुड़े नियमों में भी हो चुका है बदलाव

राज्य में साल 2002 में दो से अधिक संतान होने पर सरकारी नौकरी नहीं मिलने का कानून भी लाया गया था। इसके तहत नौकरी लगने के बाद तीसरा बच्चा होने पर पांच साल तक प्रमोशन रोकने और तीन से ज्यादा बच्चे होने पर अनिवार्य सेवानिवृत्ति जैसे कड़े प्रावधान थे।

बाद में वसुंधरा राजे सरकार ने 2018 में इन नियमों को खत्म करने की घोषणा की थी। प्रमोशन रोकने की अवधि भी पांच साल से घटाकर तीन साल कर दी गई थी।

लंबे समय से उठ रही थी मांग

प्रदेश में काफी समय से दो से अधिक संतान और शैक्षणिक योग्यता से जुड़े नियमों में बदलाव की मांग हो रही थी। अब राज्य सरकार बड़े फैसले की ओर बढ़ती दिख रही है।

अगर नियमों में संशोधन होता है तो दो से अधिक संतान वाले और अनपढ़ उम्मीदवार भी पंचायत और निकाय चुनाव लड़ सकेंगे, जिससे स्थानीय राजनीति में बड़े बदलाव देखने को मिल सकते हैं।

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