The Khabar Xpress 03 फरवरी 2026। सृजन सेवा संस्थान श्रीगंगानगर के वार्षिक पुरस्कार एवं सम्मानों की घोषणा कर दी गई है। संस्थान के सचिव वरिष्ठ साहित्यकार कृष्ण कुमार ‘आशु’ ने बताया कि वर्ष 2026 का माया मोहन आलोक राजस्थानी साहित्य सृजन सम्मान डॉ मदन सैनी को दिया जाएगा।
मोहन आलोक राजस्थानी डांखळा विधा के प्रवर्तक रहे हैं।
आशु ने बताया कि 10 मई 2026 को नोगजे पब्लिक स्कूल, श्रीगंगानगर में आयोजित शब्द-शिल्पी सम्मान समारोह में यह पुरस्कार प्रदान किया जाएगा, जिसमें सम्मान स्वरूप इक्यावन सौ रुपये नकद एवं सम्मान-प्रतीक दिया जाएगा।
संस्थान की कोषाध्यक्ष नवजोत भनोत ने बताया कि मदन सैनी की कई पुस्तकें प्रकाशित है जिनमे मुख्य किताब और बच्चा, सफेदे और भेर्डे, साहित्य की लोकधर्मिता, पानी में आग, कहानियां पंचतंत्र की (हिंदी), फुरसत, भोळी बातां, आस-औलाद, चांदी रो चबूतरो (कहाणी-संदी), सिरजण री साख (निबंध-संदी), मेहोजी री रामायण (संपादन) (राजस्थानी) पुरस्कार अर सम्मान ‘फुरसत’ पर मुरलीधर व्यास राजस्थानी कथा पुरस्कार (राजस्थानी भाषा साहित्य एवं संस्कृति अकादमी, बीकानेर) ‘मदन बावनियो’ पर अनुवाद पुरस्कार (साहित्य अकादेमी, नई दिल्ली) यूआईटी, बीकानेर से, एलपी टैस्सीदोरी गद्य पुरस्कार ‘आस-औलाद’ पर पोकरमल राजरानी गोयल पुरस्कार नरपतसिंह सांखला कथा पुरस्कार (बीकानेर) चुन्नी लाल सोमानी राजस्थानी कथा पुरस्कार (श्रीडूंगरगढ़), बैजनाथ पंवार कथा पुरस्कार (प्रयास, चूरू) राव बीकाजी ट्रस्ट से विद्याधर शास्त्री सम्मान जोधपुर से कथा सम्मान महाराजा मानसिंह पुस्तक प्रकाश को मायड़ भासा सेवा सम्मान, मरुदेश संस्थान, सुजानगढ़ नगर श्री, चूरू , राष्ट्रभाषा हिन्दी प्रचार समिति, श्रीडूंगरगढ़ से ‘साहित्य-श्री’ से सम्मानित हैं तथा उच्च शिक्षा (कालेज) विभाग से प्राचार्य पद से सेवानिवृत्त हैं।
डॉ मदन सैनी को पुरस्कार मिलने पर वरिष्ठ साहित्यकार श्याम महर्षि, रवि पुरोहित, भंवर भादाणी, भगवान सैनी, डॉ चेतन स्वामी, मोनिका गौड़, किरण पुरोहित व सभी साहित्यकारों ने प्रसन्नता व्यक्त की।
बीकानेर के वरिष्ठ साहित्यकार सम्पादक डॉ मदन सैनी को माया मोहन आलोक राजस्थानी साहित्य सृजन सम्मान
Published on: February 3, 2026










