The Khabar Xpress 01 फरवरी 2026। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा आज पेश केंद्रीय बजट 2026-27 में टैक्स, कस्टम्स ड्यूटी और जीएसटी से जुड़े बदलावों का असर राजस्थान के आम आदमी की जेब पर पड़ेगा। बजट में मेक इन इंडिया, ग्रीन एनर्जी और मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देने के लिए कई आयातित कंपोनेंट्स और जरूरी सामान पर ड्यूटी कम की गई, जबकि लग्जरी, सिन गुड्स और कुछ आयातित आइटम्स पर बोझ बढ़ा। यहां किचन से लग्जरी तक की लिस्ट…
क्या सस्ता हुआ ? (राहत वाली चीजें)
-मेडिकल दवाइयाँ और हेल्थ प्रोडक्ट्स: कैंसर, डायबिटीज और लाइफ-सेविंग दवाओं पर कस्टम्स ड्यूटी कम या जीरो होने से कीमतें घटीं। राजस्थान के मरीजों को राहत।
-स्मार्टफोन, टीवी और इलेक्ट्रॉनिक्स: मोबाइल कंपोनेंट्स (कैमरा, डिस्प्ले, बैटरी) पर ड्यूटी कट से मेक इन इंडिया फोन और टीवी सस्ते हुए। LED टीवी, रेफ्रिजरेटर जैसे घरेलू उपकरणों पर भी राहत।
-इलेक्ट्रिक व्हीकल्स (EV): बैटरी और EV कंपोनेंट्स पर ड्यूटी कम होने से इलेक्ट्रिक स्कूटर-कार सस्ती हो सकती हैं। राजस्थान में EV अपनाने वालों को फायद।
-सोलर पैनल और ग्रीन एनर्जी प्रोडक्ट्स: सोलर कंपोनेंट्स पर राहत से घरेलू सोलर सिस्टम सस्ते।
–स्पोर्ट्स उपकरण: बजट में स्पोर्ट्स गुड्स पर प्रोत्साहन से क्रिकेट किट, जिम उपकरण सस्ते।
क्या महंगा हुआ ?
–लग्जरी आइटम्स: आयातित लग्जरी वॉच, डिजाइनर कपड़े, हाई-एंड कार (BMW, Mercedes), ज्वेलरी पर कस्टम्स ड्यूटी बढ़ी या रिवाइज्ड। राजस्थान के अमीर वर्ग पर असर।
-सिन गुड्स: सिगरेट, तंबाकू, पान मसाला पर एक्साइज ड्यूटी बढ़ने से महंगा।
-आयातित लग्जरी फूड और ड्रिंक्स: कुछ इंपोर्टेड वाइन, चॉकलेट्स या गौरमेट आइटम्स पर ड्यूटी प्रभाव।
-गोल्ड और सिल्वर: कुछ रिपोर्ट्स में गोल्ड इंपोर्ट ड्यूटी रिव्यू की बात, लेकिन फिलहाल कोई बड़ा इजाफा नहीं – लेकिन लग्जरी ज्वेलरी महंगी हो सकती है।
किचन से जुड़ी चीजें
किचन अप्लायंसेज (मिक्सर, ग्राइंडर, इंडक्शन) और होम अप्लायंसेज पर मेक इन इंडिया फोकस से सस्ते होने की संभावना। लेकिन कुछ इंपोर्टेड किचनवेयर या प्रीमियम ब्रांड महंगे।
राजस्थान पर कुल असर
राजस्थान में मध्यम वर्ग को इलेक्ट्रॉनिक्स, दवाइयाँ और EV से राहत मिली, लेकिन लग्जरी और सिन गुड्स पर खर्च बढ़ेगा। बजट का फोकस मेक इन इंडिया और ग्रीन एनर्जी पर है, जिससे लंबे समय में रोजमर्रा की चीजें सस्ती होंगी। टैक्स राहत (स्टैंडर्ड डिडक्शन बढ़ोतरी की उम्मीद) से डिस्पोजेबल इनकम बढ़ सकती है।
बजट में राजस्थान को मिली बड़ी सौगात, इन 41 जिलों में बनेंगे गर्ल्स हॉस्टल
राजस्थान में वर्तमान में 41 जिले है। जिनमें राजधानी जयपुर सहित अजमेर, अलवर, बांसवाड़ा, बारां, बाड़मेर, भरतपुर, भीलवाड़ा, बीकानेर, बूंदी, चित्तौड़गढ़, चूरू, दौसा, डूंगरपुर, धौलपुर, हनुमानगढ़, जैसलमेर, जालोर, झालावाड़, झुंझुनूं, जोधपुर, करौली, कोटा, नागौर, पाली, प्रतापगढ़, राजसमंद, सवाई माधोपुर, सीकर, सिरोही, श्रीगंगानगर, टोंक और उदयपुर पुराने जिले है। वहीं, बालोतरा, ब्यावर, डीग, डीडवाना-कुचामन, दूदू, खैरथल-तिजारा, कोटपूतली-बहरोड़ और फलौदी नए जिले है। वित्त मंत्री की घोषणा के अनुसार अब इन सभी जिलों में एक—एक गर्ल्स हॉस्टल बनाया जाएगा।
सबसे बड़े फैसलों पर एक नजर:-
- 1 अप्रैल 2026 से नया ‘इनकम टैक्स एक्ट 2025’ लागू होगा, जिससे रिटर्न भरना आसान होगा.
- विदेश यात्रा (टूर पैकेज) पर टीसीएस (TCS) की दर को 5% और 20% से घटाकर 2% कर दिया गया है.
- कैंसर की 17 जरूरी दवाओं पर कस्टम ड्यूटी पूरी तरह खत्म कर दी गई है, जिससे इलाज सस्ता होगा.
- ‘एजुकेशन टू एम्प्लॉयमेंट’ (Education to Employment) के लिए एक विशेष कमेटी बनेगी जो सर्विस सेक्टर में नौकरियों पर फोकस करेगी.
- माइक्रोवेव ओवन और कुछ इलेक्ट्रॉनिक पार्ट्स पर ड्यूटी हटने से ये सस्ते होंगे.










