The Khabar Xpress 19 जनवरी 2026। श्रीडूंगरगढ़ में जैन समाज के लिए आज का दिन ऐतिहासिक बनने जा रहा है। जैनाचार्य आचार्य महाश्रमण के नाम से स्थापित होने वाले “आचार्य महाश्रमण इंटरनेशनल स्कूल” की देशभर में 100 शैक्षणिक भवनों की श्रृंखला की पहली नींव श्रीडूंगरगढ़ में रखी जा रही है। यह श्रीडूंगरगढ़ के लिए बड़े गौरव की बात है।
एनएच-11 पर भीखमचंद- सुशीला पुगलिया द्वारा अपनी बेशकीमती भूमि इस शिक्षण संस्थान के लिए समर्पित की गई है। इसके साथ ही पुगलिया दंपत्ति ने भवन निर्माण के लिए आर्थिक सहयोग देकर शिक्षा के क्षेत्र में अनुकरणीय योगदान दिया है।
विद्यालय भवन का शिलान्यास आज दोपहर 1:30 बजे किया जाएगा। श्री जैन श्वेतांबर तेरापंथी महासभा के महामंत्री विनोद बैद ने बताया कि सोमवार को एक साथ चार स्थानों पर शिलान्यास होगा, जिसे “चतुरमंगल शिलान्यास महोत्सव” नाम दिया गया है। यह शिलान्यास श्रीडूंगरगढ़, गंगाशहर, नोखा और भुज (गुजरात) में एक ही समय पर होगा। इनमें श्रीडूंगरगढ़ का विद्यालय मॉडल स्कूल के रूप में विकसित किया जाएगा।
शिलान्यास कार्यक्रम में भीखमचंद- सुशीला पुगलिया द्वारा विधिवत शिलान्यास किया जाएगा। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि राजस्थान राज्य वित्त आयोग के अध्यक्ष डॉ. अरुण चतुर्वेदी होंगे। वहीं विशिष्ट अतिथि के रूप में विधायक ताराचंद सारस्वत और श्री विश्वकर्मा कौशल विकास बोर्ड के अध्यक्ष रामगोपाल सुथार (राज्यमंत्री) मौजूद रहेंगे। महासभा के महामंत्री विनोद बैद और उपाध्यक्ष निर्मल गोखरू भी कार्यक्रम में शामिल होंगे।
यह परियोजना न केवल जैन समाज, बल्कि पूरे क्षेत्र के विद्यार्थियों को विश्वस्तरीय शिक्षा उपलब्ध कराने की दिशा में एक बड़ा कदम मानी जा रही है।










