The Khabar Xpress 06 नवम्बर 2025। श्रीडूंगरगढ़ उपजिला अस्पताल में लेबोरेटरी और डॉक्टर की लापरवाही से एक मरीज की जान सांसत में पड़ गयी। कल 4 नवम्बर को 18 वर्षीय नाजमीन सामान्य बुखार के लिये हॉस्पिटल दिखाने आई। मौजूदा डॉक्टर श्रवण चौधरी ने मरीज के बीपी और सीबीसी रिपोर्ट करवाने का लिख दिया। मरीज के परिजनों ने अस्पताल की लेबोरेट्री में उसकी जांच करवाई।

लेबोरेट्री की लापरवाही व डॉक्टर की अनदेखी ने मरीज को डाला संकट में
जब मरीज लेबोरेट्री से अपनी जांच लेकर डॉक्टर के पास पहुंची तो लेबोरेट्री ने उसकी जांच के साथ किसी अन्य मरीज धन्नी की शुगर रिपोर्ट भी उसके साथ अटैच कर दी। जिसमे उसकी शुगर 450mg की अत्यधिक मात्रा दर्शाई गई थी। डॉक्टर श्रवण चौधरी ने बिना ये देखे कि ये जांच मरीज नाजमीन की है उसे शुगर के इंजेक्शन लिखकर दे दिए और तत्काल ही उसके शुगर के इंजेक्शन भी लगा दिए। मरीज के पिता जब्बार सोलंकी मोमासर बास ने बताया कि डॉक्टर द्वारा लिखे गए इंजेक्शन के आधार पर उसे दो इंजेक्शन लगा दिए गए जिससे रात्रि में और पूरे दिन उसकी तबियत बहुत ज्यादा खराब रही। उसकी शुगर हद से ज्यादा कम हो गयी।


मरीज के परिजनों ने बताया कि जब उसकी तबियत ज्यादा खराब हो गयी और हमे शक हुआ कि इसके शुगर होने की संभावना नही है तो हमने दूसरी लेब में जांच करवाई जिसमे शुगर नही होने की पुष्टि हुई। आज जब हम वापिस डॉक्टर के पास लेकर गए तो उन्होंने मरीज की रिपोर्ट देखकर हॉस्पिटल में भर्ती कर लिया और इलाज शुरू किया।
लापरवाही से जा सकती थी जान
जब The Khabar Xpress ने इस मामले को लेकर अन्य फिजिशियन से जानकारी ली तो पता चला कि ऐसे केसेज में मरीज की जान को खतरा हो सकता है। मरीज के दिमाग तक शुगर नहीं पहुंचने पर ब्रेन स्ट्रोक हो सकता है। मरीज को हाइपोग्लाइसीमिया होने का खतरा बढ़ जाएगा।








