The Khabar Xpress 31 अक्टूबर 2025। श्रीडूंगरगढ़ में कथित रूप से हुये फर्जी पट्टा प्रकरण किसी से छुपे हुए नही है। अब इसी कड़ी में कल गुरुवार शाम को कस्बे के आडसर बास निवासी विजयसिंह पुत्र नानुसिंह भाटी ने पुलिस थाना श्रीडूंगरगढ़ हाजिर होकर परिवाद दिया कि वार्ड नम्बर 28 श्रीडूंगरगढ़ में मेरा कब्जाशुदा 4680 वर्गफुट भूखंड स्थित हैं जिसमें वो अपनी पत्नी व बच्चों सहित कच्चा घर बनाकर वर्षों से शातिपूर्वक निवास करता आ रहा हूं। उसने बताया कि वो मजदूरी चेजा कर अपना जीवन यापन करता है और अनपढ है। जिसका बेजा फायदा उठाकर शिवनारायण पुत्र बेगाराम जाट ने उसके कब्जाशुदा उपरोक्त भूखण्ड के फर्जी कागजात नगरपालिका मण्डल श्रीडूंगरगढ़ में पेश कर उसके उपरोक्त भूखण्ड की भूमि में से 3456 वर्गफुट (321.18 वर्गमीटर) का पट्टा उक्त शिवनारायण ने अपने पुत्र सुभाष के नाम से जारी करवा लिया। उसने बताया कि उपरोक्त सम्पूर्ण भूखण्ड शुरू से ही उसके कब्ज़े में चला आ रहा हैं तथा वो उक्त भूखण्ड में घर बनाकर आज भी रहता आ रहा है परन्तु शिवनारायण नें फर्जी व कुटरचित दस्तावेज बनाकर व दस्तावेज नगरपालिका श्रीडूंगरगढ में पेश कर उसके भूखण्ड का पट्टा अपने पुत्र सुभाष के नाम से जारी करवाया हैं। विजयसिंह ने थानाधिकारी को बताया कि शिवनारायण जाट भूमाफिया व्यक्ति हैं तथा नगरपालिका मण्डल की काफी भूमि पर पट्टे बना रखे हैं व कब्जे कर रखे है। शिवनारायण ने नगरपालिका मण्डल श्रीडूंगरगढ में मिथ्या व कुटरचित दस्तावेज पेश कर अपने स्वयं के नाम से दों अन्य पट्टा संख्या 739 दिनांक 10.04.2023 क्षेत्रफल 611.67 वर्गमीटर वाके बिग्गाबास वार्ड नम्बर 15 श्रीडूंगरगढ में व पट्टा संख्या 1 मिसल नम्बर 1707 दिनांक 25.08.2022 क्षेत्रफल 228.41 वर्गमीटर वाके बिग्गाबास श्रीडूंगरगढ में जारी करवाया है। नियमानुसार नगरपालिका की नजूल भूमि भूमिहीन व्यक्ति मात्र एक उसने बताया कि कोई भी व्यक्ति पट्टा आवास हेतु जारी करवा सकता हैं लेकिन शिवनारायण नें झूठे व कुटरचित दस्तावेज के आधार पर उपरोक्त दों पट्टे पूर्व जारी करवाये हैं और उक्त झूठे व कुटरचित दस्तावेज के आधार पर अपने पुत्र सुभाष के नाम से भी मेरे भूखण्ड का पट्टा जारी करवा लिया है और वो मेरे भूखण्ड को हड़पने की फिराक में है। शिवनारायण का पिछले काफी समय से रहवास रूपादेवी स्कूल के पीछे, श्रीडूंगरगढ में हैं। उक्त तीनों पट्टशुदा भूखंड पर शिवनारायण व उसका पुत्र व पत्नी का कभी भी कब्जा नही रहा है और ना ही ना ही रहवास है। तीनों पट्टे शिवनारायण व उसके पुत्र नें कुट रचित दस्ता आधार पर जारी करवाये है।
विजयसिंह ने बताया कि उसने श्रीडूंगरगढ़ विधायक ताराचन्द सारस्वत को इस पूरे प्रकरण के बारे मे बताया और विधायक जी ने उचित कानूनी कार्यवाही में सहयोग करने का आश्वासन दिया है।








