The Khabar Xpress 11 अक्टूबर 2025। फर्जी पट्टो का मामला अभी थमा ही नहीं था कि श्रीडूंगरगढ़ में अजीबोगरीब मामला सामने आया है। सूत्रों के अनुसार श्रीडूंगरगढ़ आडसर बास निवासी और नेपाल प्रवासी नागरिक की मृत्यु 30 साल पहले ही हो चुकी थी। इनकी एक खातेदारी जमीन धोलिया रोड की तरफ जैतासर रोही में है। जिसको 24 सितंबर और 10 अक्टूबर 2025 को बेच दिया गया। बेचनेवाले ने अपने आपको खेत मालिक दर्शाया है जिनकी मृत्यु 30 साल पहले हो चुकी थी। इसी प्रकार उनके ही परिवार के दूसरे खेत मालिक की मृत्यु को भी अरसा बीत गया। उनका भी खेत फर्जी मालिक बनकर बेच दिया गया।
ये है मामला
श्रीडूंगरगढ़ के निवासी नेपाल प्रवासी जितेंद्र लूणिया ने बताया कि उनके पारिवारिक खेत श्रीडूंगरगढ़ धोलिया रोड पर जैतासर की रोही में स्थित है। जिसमे एक खसरा न. 468 (10.1900 हेक्टेयर) उनके दादाजी स्व. भेरुदान पुत्र प्रेमचंद लूणिया एवं दूसरा खसरा न. 474 (5.250 हेक्टेयर) उनकी काकीसा स्व. लक्ष्मी देवी धर्मपत्नी नेमीचंद लूणिया के नाम से है। वे वर्षों से नेपाल में रहकर अपना व्यवसाय कर रहे है। स्व. भेरुदान लूणिया की मृत्यु 30 साल पहले ही हो चुकी है और स्व. लक्ष्मी देवी लूणिया की मृत्यु भी लगभग 25 वर्ष पहले हो चुकी है।
फर्जीवाड़े से बेच दिए खेत
सूत्रों से प्राप्त दस्तावेजों के आधार पर स्व. लक्ष्मी देवी लूणिया द्वारा बीकानेर कांता खतुरिया कॉलोनी निवासी अनवर अली पुत्र हजारी खां को मुख्तयार आम बनाया गया है जिसने 24 सितंबर 2025 को श्रीडूंगरगढ़ के बिग्गाबास दीनदयाल कॉलोनी निवासी मुकेश स्वामी पुत्र महावीर प्रसाद स्वामी को बेच दी। प्राप्त दस्तावेज में पॉवर ऑफ अटॉर्नी को 1 सितंबर 2025 को लिखा गया है जबकि खेत मालिक स्व. लक्ष्मी देवी लूणिया की मृत्यु ही 20 साल पहले हो चुकी थी। विक्रयकर्ता ने फर्जी दस्तावेज बनाकर खेत का बेचान कर दिया।
दूसरा मामला भी इन्ही के परिवार से है। स्व. भेरुदान लूणिया की मृत्यु लगभग 30 साल पहले ही हो चुकी थी लेकिन भूमाफियाओं ने इनके नाम से ही फर्जी व्यक्ति खड़ाकर जमीन का बेचान करवा दिया। उक्त 10.1900 हेक्टेयर भूमि को कालुबास निवासी बजरंग लाल पुत्र शिवदत्त ब्राह्मण को बेच दिया। इस जमीन की रजिस्ट्री 10 अक्टूबर 2025 को श्रीडूंगरगढ़ रजिस्ट्रार कार्यालय में हुई है।

सबसे बड़ी बात ये है कि अभी तक उन भूमाफियाओं का पता नही चला है जो इस पूरे प्रकरण में मुख्य रूप से कर्ता धर्ता है। जानकारी प्राप्त हुई है कि ये पूरा गैंग ही बीकानेर का है जिसमे श्रीडूंगरगढ़ के भी कुछ लोग शामिल हो सकते है। श्रीडूंगरगढ़ में ऐसा लग रहा है कि भूमाफियाओं के हौसले इतने बुलंद हो चुके है कि वे किसी से भी नहीं डर रहे है और बेख़ौफ़ होकर अपनी वारदातों को अंजाम दे रहे हैं। स्व. भेरुदान लूणिया के पौत्र जितेंद्र लुणीया से मोबाईल पर सम्पर्क करने पर उन्होंने बताया कि वे जल्द ही श्रीडूंगरगढ़ आकर उचित कानूनी कार्यवाही करेंगे। दोहको किसी भी हालत में बख्शा नहीं जायेगा।









