The Khabar Xpress 04 सितंबर 2025। जब कोई चुनाव लड़ता है तो हर दिन हर मतदाता के साथ नया वादा किया जाता है। वादे में सिर्फ आपके क्षेत्र के विकास के अलावा कोई चर्चा नहीं की जाती और उम्मीदवार का वादा रहता है हर परिस्थिति में क्षेत्रवासी के लिए तैयार रहने का। चुनाव खत्म होते ही शायद वादे भी खत्म हो जाते है तो कई बार दर्शन भी दुर्लभ हो जाते है। यही हो रहा है श्रीडूंगरगढ़ शहर में। श्रीडूंगरगढ़ के वार्ड 24 के वार्डवासियों का आरोप है कि हमारे पार्षद ने चुनाव के वक़्त ऐसे ऐसे वादे किए थे कि लगा था कि मोहल्ले के विकास के नए आयाम स्थापित होंगे। लेकिन 5 साल होने को आ रहे हैं पर वार्ड के हालात अब भी नहीं सुधरे। 31 अगस्त को हुई बारिश के बाद आज 5 दिन बीत गए लेकिन गलियों की हालत अब भी चिंताजनक है। कीचड़ ने गलियों की बदतर हालत कर दी है। आमजन को पैदल निकलना भी दूभर कर दिया है।
पूर्व पार्षद मूलचंद स्वामी ने बताया कि इस बारहमासी समस्या के निदान के लिए बार बार नगरपालिका को अवगत कराया जा रहा है लेकिन कोई स्थाई समाधान नहीं हो रहा है।
इस वार्ड में पांच निजी व एक सरकारी स्कूल है और इनके विद्यार्थियों को मजबूरन इस गंदले पानी में से होकर गुजरना पड़ रहा है। वार्ड के सभी चैम्बर जाम है और चारों ओर गंदगी का आलम बना हुआ है। आमजन को गली बदलकर आना पड़ रहा है।
वार्डवासियों का कहना है कि वार्ड के पार्षद ने तो गत साढ़े चार साल से यहां की स्थिति का अवलोकन करना भी उचित नहीं समझा। एक जनप्रतिनिधि से सिर्फ यही आशा रहती है कि वो वार्ड की आम समस्याओं का तो समाधान करें। अगर समाधान ना भी हो तो कम से कम वार्डवासियों के साथ तो खड़ा रहे। लेकिन हमारे पार्षद ने तो चुनाव जीतने के बाद हमारी सुध ही नहीं ली है। पूरा वार्ड पार्षद की उपेक्षा का शिकार हो रखा है। आखिर हम जाए तो जाए कहाँ…?










