The Khabar Xpress 14 अगस्त 2025। श्रीडूंगरगढ़ प्रशासन पर तो जितना लिखा जाए उतना ही कम है। ऐसा नहीं है कि सिर्फ प्रशासन ही सोया रहता है, कस्बे की जनता भी कम नही है, ये तो जैसे कुम्भकर्णी नींद में है जो सिर्फ चुनावो के वक़्त की जागती है। नगरपालिका, बिजली विभाग या फिर जलदाय विभाग सभी के सभी बेपरवाह और आंखे बंद किये हुए है क्योंकि उन्हें पता है कि ये श्रीडूंगरगढ़ की जनता है जो ना कभी मुंह खोलती है और ना ही परवाह करती है कि हमारा नुकसान तो नही हो रहा है। क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों के तो कहने ही क्या…? चुनाव के वक़्त घर घर फिरने वाले फिर कभी उन घरों और उनकी समस्याओं की तरफ देखते ही नहीं। उल्टा जब मौका मिले तो वे खुलेआम लूट मचाते है। श्रीडूंगरगढ़ के पट्टो में कितनी घपलेबाजी हुई है, ये आज किसी से छुपा हुआ नहीं है और ना ही ये छुपा हुआ कि ये किया किसने है लेकिन श्रीडूंगरगढ़ की जनता भी लाजवाब है जो उन्हें फिर भी अपने सिर पर उठाए घूमती है और हमारे नेताओ के फोटो भी उनके साथ के बिना अधूरे रहते है। खैर…. हमे क्या…?

ये सड़क के बीचों बीच लगा हुआ खंभा आपको लगता होगा कि श्रीडूंगरगढ़ प्रशासन द्वारा कस्बे की यातायात व्यवस्था सुधारने के लिये ट्रैफिक सिग्नल लगाया जा रहा होगा। पर ऐसा नहीं है ये हमारे कस्बे के प्रशासन की लापरवाही का नतीजा है। कस्बे के मुख्य बाजार के एसबीआई बैंक, गांधी पार्क, पुस्तकालय के पास बरसाती पानी के निकासी के लिए नाला डाला गया था। इस नाले से कस्बे ई सबसे बड़ी समस्या मुख्य बाजार से पानी निकासी करने की वो भी हल हो गयी। जिसके लिए स्थानीय दुकानदारों ने नगरपालिका प्रशासन का आभार भी जताया था। लेकिन इस नाले के दौरान पेयजल आपूर्ति का ये नाला टूट गया। हिमालय ड्रग हाउस के पास टूटे नाले से अवरुद्ध हुई पेयजल आपूर्ति को दूसरी जगह से जोड़कर ठीक किया गया था। लेकिन भादानी कटले के चौराहे पर ये नाला पूरा ही उखड़ कर जमीन से बाहर आगया। जिससे दुर्घटना की स्थिति बनी रहती है जो कभी भी जनहानि का कारण बन सकती है। स्थानीय दुकानदारों ने बताया कि कितनी ही बार प्रशासन को इस स्थिति से अवगत करवाया जा चुका है लेकिन प्रशासन की आंखे बंद है। शायद प्रशासन किसी अनहोनी का इंतजार कर रहा है।
इस नाले के टूटने से भादानी कटले एवं आसपास के घरों में पेयजल आपूर्ति पिछले 2-3 माह से नही हो रही है। विभाग को सूचना देने के बाद भी समस्या का निस्तारण नही हो रहा है। लोगो ने कहा कि हमने अपने जनप्रतिनिधियों से तो आस ही छोड़ दी है अब एकमात्र आस श्रीडूंगरगढ़ के विधायक ताराचन्द सारस्वत से है जो जनहित से जुड़े ऐसे मुद्दों पर सक्रिय रहते है।










