The Khabar Xpress 13 अगस्त 2025। देश व धर्म के लिए सर्वस्व बलिदान करने वालों को ही समाज मान सम्मान देते हुए श्रद्धा से याद करता है। ऐसे ही वीर राठौड़ दुर्गादास हुए हैं। जिन्होंने मारवाड़ राज्य की रक्षा के लिए संपूर्ण जीवन लगा दिया उनके इसी त्याग व समर्पण के लिए उन्हें संपूर्ण भारत में राष्ट्र वीर के रूप में याद किया जाता है। यह बात तारा तारा मठ के महंत एवं पोकरण विधायक प्रतापगिरी जी महाराज ने राष्ट्रवीर दुर्गादास राठौर की 387वी जयंती पर कही।
श्री क्षत्रिय युवक संघ प्रांत श्रीडूंगरगढ़ द्वारा श्रीरघुकुल राजपूत छात्रावास परिसर में आज राष्ट्रनायक वीर दुर्गादास का 387वां जयंती समारोह मनाया गया।

समारोह की शुरूआत वीर दुर्गादास राठौड़ के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन व पूजन से हुई। गणेश वंदना संदीप सिंह पुन्दलसर ने करवाई इसके पश्चात संघ प्रार्थना की गई व तस्वीर के समक्ष उपस्थित अतिथियों द्वारा माल्यार्पण व दीप प्रज्ज्वलन कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया
समारोह में मुख्य वक्ता संघप्रमुख लक्ष्मणसिंह बेण्या का बास ने कहा कि माता नेतकुंवर पिता आसकरण की ही तरह उनमें भी बाल्यकाल से ही वीरता व अदम्य साहस भरा था। जीवन के अंतिम समय उज्जैन महाकाल नगरी में बिताएl उन्होंने वीर दुर्गादास को मातृभूमि के लिए समर्पित एक आदर्श योद्धा बताया और कहा कि उनका जीवन आज की युवा पीढ़ी के लिए प्रेरणा है। उन्होंने कहा कि यह सौभाग्य की बात है कि वीर दुर्गादास जैसे चरित्रवान व्यक्तित्व का जन्म मारवाड़ की धरती पर हुआ, जिन्होंने अपने गुणों से मारवाड़ ही नहीं सम्पूर्ण राजस्थान का नाम विश्व विख्यात किया। उनकी स्वामी भक्ति की मिसाल आज इतिहास के सुनहरे अक्षरों में लिखी हुई है। वीर दुर्गादास के चरित्र को शब्दों में बयां नहीं किया जा सकता है जिन्होंने अपनी मातृभूमि मारवाड़ के लिए त्याग ओर बलिदान की अनूठी मिसाल स्थापित की। उन्होंने कहा कि ऐसे चरित्रवान, गुणों से परिपूर्ण व्यक्तित्व से लोगों एवं विशेषकर युवा पीढ़ी को प्रेरणा लेनी चाहिए।

इस दौरान विश्वकर्मा कौशल बोर्ड के अध्यक्ष राज्यमंत्री रामगोपाल सुथार ने वीर दुर्गादास राठौड़ से प्रेरणा लेकर देश और समाज के प्रति स्वामीभक्ति रखने की बात कही। वरिष्ठ स्वंयसेवक जोरावर सिंह भादला ने संघ के माध्यम से मातृशक्ति को सक्रिय होने की बात कही। उन्होंने कहा कि माता ही निर्माता है। उन्होंने ऐतिहासिक उदाहरण हुए, दुर्गादास जी के जीवन पर प्रकाश डाला।
कार्यक्रम का संचालन बीकानेर संभाग प्रमुख रेवंतसिंह जाखासर ने किया।
भागीरथसिंह सेरूणा ने पूज्य तनसिंह जी द्वारा रचित ‘मेरे वीर दुर्गादास’ गीत का गायन किया। उपस्थित वक्ताओं ने ओजस्वी विचार प्रस्तुत किए और बड़ी संख्या में क्षेत्र के गणमान्य लोग समारोह में शामिल हुए। सभी ने राष्ट्रनायक वीर दुर्गादास राठौड़ को इतिहास पुरूष बताते हुए उनके गुणों से प्रेरणा लेने की बात कही।
कार्यक्रम में संघ के बीकानेर प्रांत प्रमुख जुगलसिंह बेलासर, नोखा व कोलायत प्रांत प्रमुख राजेन्द्रसिंह आलसर, वरिष्ठ स्वयंसेवक उम्मेद सिंह सुलताना, हड़वंतसिंह आशापुरा, श्री क्षात्र पुरुषार्थ फाउंडेशन से विक्रम सिंह सत्तासर, यशवंत सिंह मिंगसरिया, श्रीडूंगरगढ़ प्रांत प्रमुख जेठूसिंह पुन्दलसर अपने सभी सहयोगियों सहित उपस्थित रहें। समारोह में श्रीडूंगरगढ़ पालिकाध्यक्ष मानमल शर्मा, भाजपा ओबीसी मोर्चा के देहात जिलाध्यक्ष विनोद गिरी गुंसाई, पूर्व प्रधान छैलूसिंह शेखावत, एडवोकेट भरतसिंह राठौड़, साहित्यकार श्याम महर्षि, सोहनलाल ओझा, युवा भाजपा नेता शिवप्रसाद तावनियां, भाजपा देहात जिला मंत्री भरत सुथार, पूर्व सरपंच समुद्र सिंह धीरदेसर, रतनसिंह केऊ, सरपंच प्रतिनिधि एडवोकेट रणवीर सिंह सेरुना, पार्षद विक्रम सिंह शेखावत, भंवरसिंह झंझेऊ, भंवर सिंह जोधासर, अगरसिंह कोटासर, पूर्व पालिकाध्यक्ष नारायण मोट सहित क्षेत्र के गणमान्य लोग शामिल हुए।










