The Khabar Xpress 22 जुलाई 2025। सोमवार देर रात्रि को श्रीडूंगरगढ़ से आगे सिखवाल उपवन के पास दो कारो की जबरदस्त भिड़ंत होगयी। गाड़ियों की स्थिति देखते हुए ऐसा लग रहा था कि दोनों ही गाड़ियां ओवरस्पीड में थी। दिल दहलाने वाले दर्दनाक सड़क हादसे में 05 व्यक्तियों की मौत हो गई जबकि चार घायल हॉस्पिटल में इलाज ले रहे हैं। हादसे की भयावहता ऐसी थी कि हादसे के बारे में लिखते हुए भी हाथ कांप रहे है। यह जानलेवा हादसा श्रीडूंगरगढ़ में सिखवाल उपवन के पास नेशनल हाइवे पर हुआ। यहां दो 2 कारों की भिड़ंत हो गई। हादसा इतना गंभीर था कि चार लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि पांच अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। एक ने बाद में दम तोड़ दिया। दोनों कार स्विफ्ट डिजायर थीं।
शव बिखरे, गाड़ी काटकर निकाले
भिड़ंत इतनी जोरदार थी कि एक-दो घायल कांच तोड़ते हुए सड़क पर आ गिरे। इतना ही नहीं कारों में फंसी डेडबॉडी निकालने के लिए गाड़ियों को काटना पड़ा। एक शव इतनी बुरी तरह फंसा था कि उसे बाहर निकालने में करीब एक घंटे का समय लग गया।
अभयसिंहपुरा निवासी करण, बिग्गा निवासी दिनेश जाखड़, श्रीडूंगरगढ़ निवासी मदन सारण ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। बिग्गा निवासी मनोज जाखड़ की बीकानेर ले जाते समय मौत हो गई। दूसरी कार में बैठे नापासर निवासी युवक ने हादसे में दम तोड़ दिया। इसी कार में सवार नापासर निवासी सुरेंद्र कुमार नाई, संतोष कुमार, मल्लूराम, जितेन्द्र, लालचंद गंभीर रूप से घायल हो गए जिन्हें पीबीएम अस्पताल रेफर किया गया।
दर्शन कर लौट रहे थे
जिस कार में सवार श्रीडूंगरगढ़ क्षेत्र के 04 लोगों की मौत हो गई वे खाटूश्याम से दर्शन कर लौट रहे थे। देर रात हुए इस हादसे की सूचना के बाद पूरे इलाके में शोक छा गया। बड़ी तादाद में लोग मौके पर पहुंचे। श्रीडूंगरगढ़ पुलिस वृताधिकारी निकेत पारीक भी पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंच गए थे। थानाधिकारी जितेंद्र स्वामी के मुताबिक घायलों को तत्काल प्राथमिक उपचार के बाद बीकानेर के पीबीएम अस्पताल रेफर किया गया। हादसे के कारण मार्ग पर यातायात भी बाधित रहा। फिलहाल, पुलिस ने दोनों वाहनों को हटाकर सड़क को साफ कराया और मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
रात्रि को जैसे ही हादसे की सूचना मिली वैसे ही आपणो गांव सेवा समिति एवं अब्दुल कलाम सोसायटी की एम्बुलेंस मौके पर पहुंच गई। क्षेत्र के सेवादार भी मौके पर पहुंचे। मौके पर उपस्थित लोगों के अनुसार टक्कर आमने सामने की लग रही थी। अगर फ़ॉर लेन सड़क होती तो शायद हादसे में कमी आ जाये। बेहतर चिकित्सीय व्यवस्था एवं ट्रॉमा सेंटर की कमी भी लोगो को खली।
हादसे की भयावहता एवं मानवीय संवेदनाओं के पक्ष को ध्यान में रखते हुए रात्रि को सूचना मिलने के बाद भी समाचार प्रकाशित नहीं किये गए।










