The Khabar Xpress 01 जुलाई 2025। श्रीडूंगरगढ़ भाजपा कार्यालय में आज डॉक्टर्स डे, डाक कर्मचारी एवं सी.ए. दिवस पर डॉक्टर्स, डाक कर्मचारियों एवं चार्टर्ड अकाउंटेंट का भाजपा कार्यालय में विधायक ने सम्मान किया। विधायक ताराचंद सारस्वत ने बताया कि भारत में हर साल 1 जुलाई के दिन राष्ट्रीय चिकित्सक दिवस, सी.ए. दिवस व डाक कर्मचारी दिवस मनाया जाता है। इस दिन को डॉक्टरों के त्याग, समर्पण और सभी के स्वास्थ्य को बनाए रखने के जुनून का सम्मान करने के लिए मनाते हैं। इस दिन को मनाने का मकसद डॉक्टरों के लिए काम की जगह को बेहतर बनाना, जरूरी सुविधाएं मुहैया कराना और उनके काम को आसान बनाने की कोशिश करना भी है। डॉक्टरों के बिना जीवन की कल्पना करना भी मुश्किल लगता है और यही वजह है कि डॉक्टर को भगवान का दर्जा दिया जाता है। विधायक सारस्वत ने कोरोना काल को याद करते हुए कहा कि इस दौर में जब पूरी दुनिया मे भयावह स्थिति पैदा हो गई थी तब डॉक्टर्स भगवान स्वरूप आमजन की सेवा में अपने प्राणों की चिंता किये बगैर आमजन के सेवा में लगे हुए थे।

इस दौरान श्रीडूंगरगढ़ शहर मण्डल के महामंत्री मदन सोनी ने सभी आये हुए कार्मिकों का स्वागत अभिवादन किया। भाजपा ओबीसी मोर्चा के जिलाध्यक्ष विनोदगिरी गुसाईं ने आज के परिपेक्ष्य में डॉक्टर्स और सीए की महत्ता के बारे में बताया। पुर्व जिला परिषद सदस्य हेमनाथ जाखड़ ने अपने अनुभव साझा करते हुए बताया कि उनके गले के कैंसर के इलाज में डॉक्टर्स ही उनके जीवनदाता बने।

सम्मान समारोह में श्रीडूंगरगढ़ बीसीएमओ डॉ राजीव सोनी, डॉ एस के बिहाणी, डॉ, एस एस नांगल, डॉ सुनील गोयल, डॉ निमिषा बियाला, संजीवनी हॉस्पिटल के निदेशक डॉ के.एल. शर्मा, डॉ ओमप्रकाश गोदारा, डॉ आकिब छींपा, डॉ प्रियंका यादव, होम्योपैथी डॉ केके व्यास, डॉ भवानीशंकर सारस्वत, डॉ अंकित स्वामी, तुलसी मेडिकल के प्रशासक सूर्यप्रकाश गांधी, सीए रवि शर्मा, सीए प्रीति गुसाईं, डाककर्मी कैलाश स्वामी एवं दिनेश मीणा सहित क्षेत्र के निजी व सरकारी डॉक्टर्स का सम्मान किया गया।

इस दौरान शहर अध्यक्ष राधेश्याम दर्जी, मोमासर मण्डल अध्यक्ष नरेश मोट, पवन नाई, लीलाधर बोथरा, शिवकुमार स्वामी, रामसिंह जागीरदार, सुरेंद्र चुरा, महेश राजोतिया, सांवरमल सारस्वत, पवन इंदौरिया, भवानी तावणियाँ, श्यामसुंदर तिवाड़ी, जगदीश गुर्जर, संदीप कायल एवं रामानन्द प्रजापत सहित भाजपा नेता एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।

1 जुलाई को ही क्यों मनाते हैं राष्ट्रीय चिकित्सक दिवस ?
भारत सरकार द्वारा पहला राष्ट्रीय चिकित्सक दिवस साल 1991 में मनाया गया था। 1 जुलाई, 1882 में जन्मे डॉ. बिधान चंद्र रॉय एक प्रतिष्ठित चिकित्सक थे और चिकित्सा के क्षेत्र में उनके योगदान को देखते हुए भारत सरकार ने 1 जुलाई को राष्ट्रीय चिकित्सक दिवस घोषित किया। डॉ. रॉय पश्चिम बंगाल के दूसरे मुख्यमंत्री भी थे और उन्हें भारत रत्न से नवाजा गया था। बता दें कि 1 जुलाई 1962 के दिन ही डॉ. बिधान चंद्र रॉय का निधन हुआ था।
सी.ए. दिवस क्यो मनाते हैं ?
1 जुलाई 1949 को भारत की संसद में चार्टर्ड अकाउंटेंट्स अधिनियम (The Chartered Accountants Act, 1949) पारित करके इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड अकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया (ICAI) की स्थापना की गई थी। यह भारत में चार्टर्ड अकाउंटेंसी के पेशे को विनियमित करने वाला एकमात्र लाइसेंसिंग और नियामक निकाय है।
राष्ट्रीय डाक कर्मचारी दिवस का इतिहास
इस दिन की शुरुआत 1997 में हुई थी, जब सिएटल क्षेत्र के एक डाक वाहक ने अपने साथी कर्मचारियों को सम्मानित करना शुरू किया था। तब से, डाक सेवाओं में काम करने वाले डाक कर्मचारियों के प्रति आभार प्रकट करने के लिए 1 जुलाई को राष्ट्रीय डाक कर्मचारी दिवस के रूप में घोषित किया गया है।










