The Khabar Xpress 17 जून 2025। तबादलों का इंतजार कर रहे शिक्षकों के लिए बुरी खबर है। सरकार ने गर्मी की छुट्टियों में तबादले करने का वादा किया था। लेकिन अभी तक कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है। इससे शिक्षकों का इंतजार बढ़ता जा रहा है। स्कूल 1 जुलाई से खुलने वाले हैं और जून के सिर्फ 13 दिन बचे हैं। सरकार ने पहले कहा था कि तृतीय श्रेणी शिक्षकों को छोड़कर बाकी सभी (वरिष्ठ अध्यापक, व्याख्याता और प्रधानाचार्य) के तबादले गर्मी की छुट्टियों में होंगे। शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने भी ऐसा कहा था।
लगभग सवा लाख शिक्षक तबादलों का इंतजार कर रहे हैं। वर्तमान में 67,349 वरिष्ठ अध्यापक, 45,763 व्याख्याता और 10,000 से ज्यादा प्रिंसिपल कार्यरत हैं। इनमें से कई शिक्षक तबादला चाहते हैं।
राजस्थान में शिक्षकों के तबादले को लेकर इस बार माहौल फिर गर्म है। शिक्षा विभाग ने बीजेपी विधायकों से तबादले के लिए शिक्षकों की डिज़ायर लिस्ट मांगी थी, जिसका परिणाम यह हुआ कि 15 जून तक 35000 से ज्यादा आवेदन विधायक कार्यालयों में पहुंच गए।
हर विधायक को अधिकतम 70 नाम देने की छूट मिली है, लेकिन असल परेशानी ये है कि जिनके पास 200 से ज़्यादा नाम पहुंच गए, वो किसे चुनें और किसे छोड़ें ? हालात ये बन गए हैं कि विधायको के दर पर शिक्षक तबादलों की आस में बेकरार हुए खड़े है। विधायक सेवा केंद्रों में अपनी हाजरी रोजाना लगा रहे है।
शिक्षा विभाग ने सभी विधायकों को एक आधिकारिक मेल भेजकर उनसे 15 जून तक निर्धारित प्रारूप में सिफारिशें मांगी हैं। इस मेल में प्रत्येक विधायक से अधिकतम 70 नाम भेजने को कहा गया है। वर्तमान में कुल 199 विधायक है, जिसके हिसाब से करीब 13930 टीचर की सिफारिशें पहुंचने वाली हैं। अब देखना है कि इनमें से किसका भाग्य खुलता है।
शिक्षा विभाग का लक्ष्य है कि डिज़ायर लिस्ट के आधार पर जल्द ट्रांसफर प्रक्रिया शुरू हो, लेकिन इतने ज्यादा आवेदन छांटना और उन्हें निष्पक्षता से लागू करना एक बड़ी चुनौती है।
शिक्षक का कहना है…
“सात साल से गांव में सेवा दे रहे हैं, घर से दूर रहकर परिवार से दूर, अब उम्मीद जगी है कि शायद इस बार सुनवाई हो जाए।”
राजनीतिक हस्तक्षेप से ज़्यादा ट्रांसफर पॉलिसी हो ट्रांसपेरेंट, तो हजारों शिक्षक अपने गृह जिले लौटकर मानसिक संतुलन और परिवारिक सुख के साथ पढ़ा सकेंगे।










