The Khabar Xpress 07 जून 2025। पूरी दुनिया में आज सबसे बड़ा विषय बढ़ता साइबर अपराध है। जालसाज विश्व के किसी भी कोने में बैठकर लोगों को झांसे में लेकर ठगी कर रहे हैं। लोगों की जिंदगी भर की गाढ़ी कमाई कुछ ही सेकंड में साफ हो रही है। नए-नए तरीके अपनाकर जालसाज लोगों के साथ ठगी कर रहे हैं, जिससे आए दिन ठगी की खबरें सुनकर लोग चिंतित हैं। जालसाजों के झांसे में आने से बचने के लिए जागरूकता ही सबसे बड़ा हथियार है, जिससे ऑनलाइन ठगी पर लगाम लगाई जा सकती है।
राजस्थान की साइबर क्राइम शाखा ने आम नागरिकों के लिए एडवायजरी जाती करते हुए आमजन को सतर्क रहने की सलाह दी है। एडवायजरी में आमजन को सलाह दी गयी है कि साइबर अपराधी निरन्तर समय के साथ अपनी अपराधकारी प्रणाली परिवर्तित कर रहे हैं। वर्तमान में सोशल मीडिया पर “पीएम किसान सम्मान निधि योजना” की मोबाइल एप्लीकेशन होने का दावा करने वाला एक फर्जी लिंक /APK file शेयर किया जा रहा है। पीएम किसान योजना के रजिस्ट्रेशन और तुरंत उसका लाभ दिलाने का झांसा देकर व्हाट्सएप के माध्यम से “pm kisan ragistration.apk ” या ” pm kisan yojana.apk” नाम से मैसेज ग्रुपों में आ रहे है, जिसमे रजिस्ट्रेशन करने के लिए कहा जा रहा है। इस लिंक के माध्यम से लोग भी घर बैठे योजना का लाभ पाने की चाहत में ऐप को डाउनलोड कर रहे हैं लेकिन इस ऐप को डाउनलोड करते ही उक्त बैकडोर मैलवेयर के कारण मोबाइल हैक हो जाता है और स्कीन/मोबाइल का कंट्रोल साईबर अपराधी के अधीन हो जाता है तथा इसके कारण लोग साइबर ठगी के शिकार हो रहे हैं।
इस संबंध में आमजन / किसानों/ईमित्र संचालकों को सूचित किया जाता हैं कि फर्जी ऐप व अनजाने लिंक को लेकर सावधान रहें! आपको बता दें कि “पीएम किसान सम्मान निधि योजना” रजिस्ट्रेशन सिर्फ तहसील स्तर के ” कृषि कार्यालय या केंद्र सरकार के पोर्टल, सीएसी” के माध्यम से किया जाता है तथा पीएम किसान योजना की आधिकारिक वेबसाइट https://pmkisan.gov.in है, और मोबाइल एप्लीकेशन को गूगल प्ले स्टोर से सुरक्षित रूप से डाउनलोड किया जा सकता है। इस प्रकार की घटना की सूचना साइबर हेल्प लाईन नम्बर 1930, साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल https://cybercrime.gov.in या निकटतम पुलिस स्टेशन/ साइबर पुलिस स्टेशन को देवे।











