The Khabar Xpress 05 जून 2025। हमने पहले भी बताया था कि राजस्थान के राजनैतिक गलियारों में हलचलें बढ़ गई है। भजनलाल सरकार बदलाव के दौर में है। भाजपा सरकार में सियासी बदलाव के आसार दिखाई दे रहे हैं। राजस्थान में मंत्रिमंडल विस्तार को लेकर एक बार फिर सुगबुगाहट शुरू हो गई है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के दिल्ली दौरे पर उनकी केंद्रीय नेताओं से मुलाकात, पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष के जयपुर आगमन और राजस्थान के बड़े नेताओं का पार्टी के शीर्ष नेतृत्व के साथ होने वाली बैठकों के बाद राजस्थान के सियासी गलियारों में हलचल मच गई है। ऐसी चर्चाएं चल रही है कि सरकार बनने के बाद से कार्य कर रहे मंत्रियों की परफार्मेंस रिपोर्ट तैयार की गई है। परफॉर्मेंस के आधार पर कुछ मंत्रियों का प्रमोशन तो कुछ की छुट्टी होने वाली है। हालांकि मंत्रिमंडल विस्तार की चर्चाएं पिछले छह महीने से चल रही है लेकिन भारत पाकिस्तान के मध्य बढ़ते टकराव के बीच ये चर्चाएं ठंडी पड़ गयी थी परंतु इन दिनों दिल्ली में हुई बैठकों को लेकर अब फिर से चर्चाएं शुरू हो गई है। सुनने में आया था कि भाजपा सरकार का गुजरात मे कार्यक्रम भी इसी बदलाव की कड़ी था जो वक़्त की परिस्थितियों की भेंट चढ़ गया। भाजपा द्वारा राजस्थान सरकार के गत डेढ़ साल के कार्यकाल के निजी कंपनियों द्वारा सर्वे भी करवाया जा रहा है तो अपने मंत्रियों की कार्यप्रणाली का भी फीडबैक लिया जा रहा है। सर्वे कम्पनी स्कूल ऑफ पॉलिटिक्स द्वारा भी The Khabar Xpress से क्षेत्र की विभिन्न राजनैतिक गतिविधियों के साथ संभाग के मंत्रियों के कार्यकाल का फीडबैक लिया गया है। साथ ही क्षेत्र में सरकार के गत डेढ़ साल के कार्यों का लेखा जोखा भी लिया गया है।
कुछ तो बड़ा होने वाला है…
प्राप्त सूत्रों के मुताबिक हाल ही में राजस्थान को लेकर दिल्ली में अहम बैठकें हुई। इन बैठकों और मुलाकातों के शेड्यूल को लेकर चर्चाएं हैं कि इनके पीछे जरूर कोई बड़ा राज छिपा हुआ है। शेड्यूल यह बताया गया है कि बीकानेर सांसद और केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुन राम मेघवाल ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात की थी। इसके ठीक एक घंटे बाद अमित शाह पीएम मोदी से मिले। महज दो घंटे बाद बीजेपी के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा और अमित शाह के बीच मुलाकात होती है और इसके बाद नड्डा और शाह दोनों उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ से भी मुलाकात करते हैं। इन बैठकों और मुलाकातों के बाद राजस्थान के सियासी गलियारों से मंत्रिमंडल विस्तार की सुगबुगाहट तेज हो गई। ऐसा लगता है कि इन बैठकों में बड़ा रहस्य छिपा हुआ है।
जानकारी के अनुसार, शेखावाटी और मेवाड़ से कुछ नए चेहरों को भजनलाल कैबिनेट में जगह मिल सकती है। बताया यह भी जा रहा है कि परफॉर्मेंस के आधार पर 2-3 मंत्रियों की छुट्टी भी संभव है। कुछ मंत्रियों के विभागों में बदलाव भी किया जा सकता है। कुछ विधायकों को संसदीय सचिव की जिम्मेदारी देने की भी चर्चा है। बीकानेर की राजनीति में बदलाव देखने को मिल सकता है। पुर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे सिंधिया गुट के विधायकों को भी मंत्रिमंडल में जगह देने की तैयारी चल रही है।
संगठन महासचिव ने भी किया था इशारा
राजस्थान में मंत्रिमंडल विस्तार की खबरों को लेकर संगठन महासचिव बीएल संतोष भी एक बार अपनी प्रतिक्रिया दे चुके हैं। ऐसे में इन खबरों को अहम माना जा रहा है। पिछले दिनों जयपुर दौरे पर आए बीएल संतोष कह चुके हैं कि इस संबंध में मुख्यमंत्री भजनलाल जो भी चाहें, फैसला ले सकते हैं क्योंकि यह विषय मुख्यमंत्री के विशेषाधिकार का है। उनके इस बयान ने बदलाव की खबरों को और ज्यादा हवा दे दी थी। सत्ता पक्ष के विधायक और मंत्री भी इन खबरों को कुरेद कर ताजा अपडेट जुटाने में लगे हैं।










