The Khabar Xpress 29 मई 2025। इस भीषण गर्मी में श्रीडूंगरगढ़ कस्बे सहित क्षेत्र में पेयजल संकट गहराया हुआ है। ऐसा नहीं है कि ये कोई पहली बार है कि गर्मियों में पेयजल समस्या है। पहले भी गर्मियों में समस्या आम थी लेकिन उचित मोनिटरिंग से काफी हद तक समस्याओं को कम किया गया था। श्रीडूंगरगढ़ में फिलहाल लगभग 22 ट्यूबवेल संचालित है उनमें भी 3-4 तो ऐसे है जो बड़ी नाजुक स्थिति में है। गत कॉमरेड शासन के समय मे एक भी नया ट्यूबवेल नही खोदा गया था तो वर्तमान भाजपा शासन में अभी तक तो हालात लगभग एक जैसे ही है। श्रीडूंगरगढ़ विधायक ताराचंद सारस्वत पेयजल व्यवस्था सुधारने के लिए दृढ़संकल्पित है लेकिन विभाग की हठधर्मिता उनके संकल्प में बाधक बन हुए है। पुर्व एईएन की हठधर्मिता के चलते श्रीडूंगरगढ़ विधायक ने दो नए ट्यूबवेल कोर्ट परिसर के पास स्थित टंकी के पास बनवाये थे जो कि बिना पानी के फैल हो गए। जबकि विभाग के पुराने कर्मचारियों को भी पता था कि यहाँ की भूमि में पानी अनुपलब्ध है लेकिन अधिकारी की जिद्द ने पानी पर पानी फेर दिया। सबसे बुरे हालात ये है कि विभाग के पास दस दिन पहले से ही बूस्टर और मोटर्स आयी हुई पड़ी थी लेकिन उन्हें आज तक नहीं लगाया गया जबकि उनसे हालात सुधारे जा सकते थे। लेकिन कमी मोनिटरिंग की ही रही। विधायक क्या करे…..

श्रीडूंगरगढ़ विधायक ताराचंद सारस्वत द्वारा पूर्व में भी विभागीय अधिकारियों को क्षेत्र में पेयजल आपूर्ति सुचारू बनाये रखने के आदेश दिए गये थे लेकिन जलदाय विभाग ना कभी सुधरा था और ना ही अब सुधरा है। विधायक ने आज भी जलदाय विभाग के अधिशासी अभियंता नरेश रैगर, सहायक अभियंता कैलाश वर्मा को स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि पेयजल आपूर्ति व्यवस्था में सुधार तुरंत प्रभाव से किया जाए। जिसके लिए मशीनरी, पाइप, मोटर पंप, संसाधन एवं जो भी तकनीकी सहयोग चाहिए वो उच्चाधिकारियों से लिया जाए।
कांग्रेस को मौका
श्रीडूंगरगढ़ में बिगड़ी हुई पेयजलापूर्ति के प्रति आमजन के आक्रोश ने कांग्रेस को कस्बे में नगरपालिका चुनावो से भले एक बड़ा मुद्दा दे दिया और पुर्व विधायक मंगलाराम गोदारा के नेतृत्व में कांग्रेसी कार्यकर्ताओं ने आज कस्बे के गांधी पार्क से लेकर उपखंड कार्यालय तक पैदल मार्च निकाल कर विरोध प्रदर्शन किया।

वर्तमान में शहर में सुप्त पड़ी कांग्रेस को पेयजल संकट के रूप में संजीवनी मिली और इन्होंने इसे भुनाया भी। पुर्व विधायक ने ठेकेदारों और विभागीय कर्मचारियों की कारस्तानी बताते हुए कहा कि वर्तमान विधायक के सरपंच भाई ने पंचायत समिति में स्पष्ट रूप से कहा है कि ठेकेदार एवं विभागीय अधिकारियों द्वारा नई मोटर को बेच दिया जाता है।
अब देखना ये है कि वर्तमान विधायक द्वारा पेयजल संकट से किस प्रकार निपटा जाएगा या आमजन के आक्रोश को आगे भी पुर्व विधायक द्वारा भुनाया जाएगा। जबकि सच्चाई ये है कि विभाग की अकर्मण्यता पर वर्तमान विधायक द्वारा सही तरीके से मोनिटरिंग ना होने से सारी व्यवस्थाएं गड़बड़ाई हुई है। और जो लोग भी इस व्यवस्था की अप्रत्यक्ष रूप से मोनिटरिंग कर भी रहे है वे नोसखिये है जिन्हें पूर्व में इसका कोई अनुभव नहीं है।









