The Khabar Xpress 13 जनवरी 2025। श्रीडूंगरगढ़ के प्रशासन ने लगता है आंखे बंद रखने की कसम ही खा रखी है। पिछले काफी समय से जागरूक नागरिकों ने इसकी सूचना प्रशासन को दी है कि यहां कोई बड़ा हादसा हो सकता है लेकिन प्रशासन तो जैसे सोया हुआ पड़ा है। रविवार रात को ही इस मकान की एक छत गिर गयी, शुक्र था कि उस वक़्त ना ही कोई व्यक्ति विशेष वहां था और ना ही कोई जानवर। नहीं तो इस हादसे में कुछ भी हो सकता था। जनहानि होने की भी संभावना हो सकती थी।

हम बात कर रहे है श्रीडूंगरगढ़ के घुमचक्कर रोड पर मस्जिद के सामने की तरफ स्थित बिजलीघर के पुराने मकान की। बीते रविवार रात करीब 12 बजे इस बिजली विभाग की मुख्य सड़क पर स्थित बिल्डिंग का पिछला हिस्सा तेज़ आवाज़ के साथ ढह गया। पड़ोसी सदीक भुट्टा ने बताया कि रात को जब हम सोए हुए थे तब जोरदार आवाज़ ने हमे जगा दिया बाहर आकर देखा तो बिजली विभाग की बिल्डिंग का पिछला हिस्सा जो हमारे घर के बगल में ही है वो गिर गया है। पट्टियां टूट कर नीचे गिर गयी थी। किसी भी जनहानि की आशंका से हमने टॉर्च जलाकर वहां पर देखा लेकिन इस ठिठुरती सर्दी में कोई जानवर ने भी वहां पर आशियाना नहीं बनाया था जिस कारण कोई जनहानि नहीं हुई। अब डर इस बात का है कि मुख्य सड़क पर स्थित बिल्डिंग भी जर्जर हालत में है जो कभी भी गिर सकती है। उस बिल्डिंग में आजाद गौवंश एवं अन्य जानवर भी पनाह लेते है। कहीं ऐसा ना हो कि विभाग की लापरवाही किसी की जान लेले।

सबसे बड़ी बात ये है कि आमजन के साथ ही साथ सभी विभागीय अधिकारियों का आवागमन इसी बिल्डिंग के आगे से होकर निकलता है। ऐसा लग रहा कि सभी की आंखे बंद है और किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहे है।
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कस्बे के जागरूक युवा ने ये वीडियो भेजा है…








