The Khabar Xpress 24 दिसम्बर 2024। सड़क समझ कर सरपट भागने की कोशिश जानलेवा हो सकती है। कालुबास के वार्ड 37 की सड़क की हालत वैसी नहीं हैं। कारण गड्ढे में सड़क है, या फिर सड़क में गड्ढे यह पता भी नहीं चलेगा। सड़क पर डामर से ज्यादा गड्ढे है। पूरी सड़क ही टूटी हुई है। ऐसे में इन गड्ढों वाली सड़क की हालत ऐसी बन चुकी है कि सावधानी हटी तो दुर्घटना घटी। इस सड़क को देखकर लगता है कि श्रीडूंगरगढ़ की नगरपालिका को आमजन की तकलीफों से कोई मतलब नहीं है।

हास्यास्पद ये है कि ये गली रानी बाजार से सीधी श्रीडूंगरगढ़ नगरपालिका के वाईस चेयरमैन बंशीधर सुथार के घर के आगे तक जाती है। जैन श्रावक साधुओं के निवास स्थल मालू भवन के पीछे से उत्तर दिशा में लगभग एक किलोमीटर तक कि ये सड़क 2 साल पहले पूरी ही टूटी हुई थी। इस सड़क का निर्माण पूर्व विधायक के कोटे से होना था लेकिन निर्माण में हो रही देरी के कारण और जैन मुनि के आगमन पर सिर्फ एक चौराहे तक कि सड़क नगरपालिका द्वारा बना दी गयी। इसके बाद आज तक इस सड़क की किसी भी जनप्रतिनिधियों ने सुध ही नहीं ली। इस वार्ड से पूर्व पार्षद, पार्षद और नगरपालिका उपाध्यक्ष भी सत्तासीन भाजपा के है। वार्ड के ओमप्रकाश सुनार, राजकुमार सोनी, हेमराज झाबक, रामलाल सुथार, प्रबोध बिहाणी सहित सभी मोहल्लेवासियों ने आरोप लगाया कि नगरपालिका में कई बार मौखिक और लिखित में देने के उपरांत भी ये सड़क नही बन रही है। बड़े बुजुर्गों का पैदल चलना भी इस मार्ग में दुश्वर है। वाहन चालकों को हर बार क्षति पहुंचती है।

वार्डवासियों का कहना है कि दोष दे तो किसे दे। जब हमारे चुने हुए जनप्रतिनिधियों ने ही आंखों पर पट्टी बांध रखी है तो हम गुहार किसको लगाये। मोहल्लेवासियों का कहना है कि इस बार जब नगरपालिका चुनाव आयेंगे और काम के नाम पर वोट मांगने आएंगे तब इन्हें इनका काम जरूर दिखायेंगे। घर के बड़े बुजुर्गों को घर से बाहर निकलने में ही डर लगता है।









