दिवाली पर पटाखों और दीयों से बच्चे रहेंगे सुरक्षित, पेरेंट्स ध्यान रखें ये बातें

The Khabar Xpress 30 अक्टूबर 2024। दिवाली आनंद, उल्लास का पर्व है जिसमें पटाखों, दीपों और रंगोली की धूम होती है। दिवाली बड़ों से ज्यादा बच्चों का त्योहार होता है। दिवाली के दिन छोटे बच्चे नए-नए कपड़े पहनने, तरह-तरह की मिठाइयां खाने, पटाखे जलाने और जगमगाती रोशनी देखने के लिए उत्साहित रहते हैं। दिवाली जितनी खुशियां लेकर आता है, उससे कहीं ज्यादा यह त्योहार सावधानी बरतने वाला होता है।

विशेषकर पटाखे, रोशनी और गूंजती आवाज से बच्चों को सुरक्षित रखना ज्यादा महत्वपूर्ण होता है। इस त्योहार पर जरा सी भी लापरवाही बच्चों के स्वास्थ्य और शरीर दोनों को नुकसान पहुंचा सकती है। दिवाली का त्योहार शुरू हो चुका है, तो इस खास मौके पर हम आपको बताने जा रहे हैं, कुछ टिप्स, जिसे फॉलो करके आप बच्चों को सुरक्षित रख सकते हैं। इस विषय पर श्रीडूंगरगढ़ के संजीवनी मल्टी स्पेशलिटी हॉस्पिटल के डॉ. के.एल. शर्मा ने पेरेंट्स को विशेष रूप से ध्यान रखने की बाते बताई है।

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बच्चों को दिवाली पर सुरक्षित रखने के तरीके-

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1. पटाखों के साथ बरतें सावधानी

डॉ. के.एल. शर्मा का कहना है कि दीवाली के खास मौके पर बच्चों को जोखिम से बचाने के लिए पेरेंट्स अपनी निगरानी में ही पटाखे फोड़ने दें। बच्चों को कम धुएं वाले और कम शोर करने वाले पटाखे जैसे की चकरी और फुलझड़ी ही दें। ज्यादा आवाज करने वाले या खतरनाक पटाखे बच्चों को बिल्कुल भी न दिलाएं।

2. बच्चों के कपड़ों का रखें ध्यान

दिवाली के दिन बच्चों को सिर्फ सूती के ही कपड़े पहनाएं। हेल्थ एक्सपर्ट की मानें तो सूती कपड़ों के मुकाबले सिंथेटिक कपड़े आग जल्दी पकड़ते हैं। पटाखे और दीपक जलाते वक्त बच्चों को ढीले कपड़े, लंबी चुन्नी और स्काफ देने से बचें, ताकि आग लगने का खतरा कम हो।

3. दीपों और मोमबत्तियों से दूरी बनाएं

घर के आस-पास, विशेषकर बच्चों की पहुंच वाली जगहों पर दीये और मोमबत्तियां संभाल कर रखें। पेरेंट्स बच्चों को समझाएं कि दीपों और मोमबत्तियों से आग लग सकती है, वह जल सकते हैं इसलिए उनसे दूरी बनाकर ही रखें।

4. पानी की बाल्टी तैयार रखें

दिवाली पर पटाखों और दीयों से किसी तरह की आगजनी होने की स्थिति के लिए पहले ही तैयारी करें। इसके लिए घर में पानी या रेत की एक बाल्टी रखें। संभव हो तो घर के बाहर और आसपास भी बाल्टी में पानी और रेत भर रखें।

5. मेडिकल किट तैयार करें

दिवाली पर किसी भी दुर्घटना और आपात स्थिति से बचाव के लिए पहले ही मेडिकल किट को तैयार करें। मेडिकल किट में जलने वाले मरहम, पट्टियां, और एंटीसेप्टिक क्रीम जरूर रखें, ताकि जरूरत पड़ने पर इसका उपयोग किया जा सके।

डॉ. के.एल. शर्मा ने दीपावली की शुभकामनाएं देते हुए सभी को स्वस्थ और सुरक्षित दीपावली मनाने की बात करते हुए कहा है कि दिवाली दीयों और खुशियों का त्योहार है। इसे जहां तक संभव हो ईको-फ्रेंडली तरीके से मनाने की कोशिश करें, ताकि पर्यावरण को भी खतरा कम हो। दिवाली पर बच्चों को समझाएं कि इको फ्रेंडली पटाखे चलाये। पेरेंट्स बच्चों के पास में ही रहे और उन्हें सुरक्षित रखने का विशेष ध्यान रखें।

खानपान का रखें ध्यान

  • त्योहार के जश्न के लिए तैयार किए गए स्वादिष्ट व्यंजनों के बिना कोई भी दिवाली पूरी नहीं होती, लेकिन खानपान के मामलों में भी बच्चों का ध्यान रखना जरूरी है। ऐसे में कुछ बातों का ध्यान जरूर रखें।
  • त्योहार के लिए प्रतिष्ठित और जानी-मानी दुकानों से ही स्नैक्स और मिठाइयां, खरीदें जो क्वालिटी में बेहतर हो।
  • इस बात का ध्यान रखें कि खाना खाने से आपके बच्चे पहले हाथ जरूर धोएं। खासकर पटाखे जलाने के बाद।
  • इस दौरान स्ट्रीट फूड खाने से बचें और खाने-पीने की चीजों हमेशा को ढककर रखें।
  • बाजार में इन दिनों मिलावटी सामान मिलने लगा है। ऐसे में घर पर ही मिठाइयां बनाने की कोशिश करें, जो स्वादिष्ट होने के साथ ही हेल्दी भी हो।

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Disclaimer: सलाह सहित यह सामग्री केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है। यह किसी भी तरह से योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। ऊपर दी गई जानकारी पर अमल करने से पहले डॉक्टर की राय अवश्य ले लें। The Khabar Xpress की ओर से कोई जानकारी का दावा नहीं किया जा रहा है। 

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