The Khabar Xpress 21 जुलाई 2024। कस्बे के सेवा केंद्र मालू भवन में गुरु पूर्णिमा के पावन अवसर पर सेवा केंद्र व्यवस्थापिका साध्वी शासनश्री कुंथुश्री जी के सान्निध्य में 265वाँ तेरापंथ स्थापना दिवस एवं मंत्र दीक्षा कार्यक्रम तेरापंथ युवक परिषद श्रीडूंगरगढ़ के तत्वावधान में मनाया गया।

कार्यक्रम में सर्वप्रथम ज्ञान शाला के बच्चों द्वारा अर्हम् अर्हम् की वंदना से मंगला चरण किया गया। उसके उपरांत साध्वीश्री ने 9 वर्ष के ज्ञानार्थी बच्चो को मंत्र दीक्षा द्वारा दीक्षित किया। नमस्कार मंत्र जप करने की प्रेरणा दी।
कार्यक्रम में श्री जैन श्वेताम्बर तेरापंथी सभा के मंत्री प्रदीप पुगलिया, महिला मंडल से अंबिका जी डागा, तेयुप से अध्यक्ष मनीष जी नौलखा, अणुव्रत समिति से उपाध्यक्ष सत्यनारायण जी स्वामी ने वक्तव्य दिया तथा महिला मंडल व तेयुप ने गीतिका प्रस्तुत की।

सभा के मंत्री प्रदीप पुगलिया ने बताया कि आज रात्रि कालीन अर्हंत वंदना के पश्चात 8.15 बजे मालू भवन में ही धम्म जागरण का कार्यक्रम रखा गया है।
शासन श्री साध्वी कुंथुश्री जी ने उपस्थित जनसमूह को संबोधित करते हुए अपने मंगल उद्बोधन में कहा कि आज गुरु पूर्णिमा का दिन है। गुरु का स्थान भगवान से ऊपर होता है। दोनों की तुलना में गुरु का महत्व अधिक है। भारतीय संस्कृति में गुरु को सर्वोपरि माना है। गुरु को सभी संप्रदाय के लोग स्वीकार करते हैं। गुरु स्वार्थी नहीं पर परार्थी होते हैं। संयम की मशाल लेकर चलते हैं। जनता का पथ दर्शन करते हैं। आज के दिन तेरापंथ को विलक्षण गुरु मिला था। जिसका नाम था आचार्य भिक्षु। आषाढ़ी पूर्णिमा के दिन तेरापंथ की स्थापना हुई। अहंकार और ममकार विसर्जन का नाम है तेरापंथ।
कार्यक्रम का कुशल संचालन मंगल उदघोष के साथ मधु जी झाबक ने किया।

भामाशाह राखेचा परिवार ने ओसवाल पंचायत संस्था में लगवाए एयर कंडीशनर
श्री ओसवाल पंचायत श्रीडूंगरगढ़ के उपाध्यक्ष नरेंद्र डागा ने बताया कि श्रीडूंगरगढ़ निवासी और बैंगलोर प्रवासी राखेचा परिवार ने श्री ओसवाल पंचायत को 7 एसी भेंट करके संस्था में अतिआवश्यक वस्तु की आपूर्ति करके उदारमना भावना प्रदर्शित की है। स्व. श्रीमती पुखराज देवी धर्मपत्री स्व. श्री भंवरलाल जी राखेचा की पुण्यस्मृति में उनके पुत्र राजेन्द्र प्रसाद, शांति प्रसाद और पौत्र अरिहंत, श्रेयांश और निवान ने श्री ओसवाल पंचायत भवन, कालूबास में 7 एसी भेंट की है। संस्था ने भामाशाह राखेचा परिवार का आभार व्यक्त किया और राखेचा परिवार और इसके प्रेरक रहे श्रीमान राजकरण जी तातेड़ के प्रति कृतज्ञता प्रकट की।









