द खबर एक्सप्रेस 18 जनवरी 2024। मोरिंगा ओलीफेरा एंटी-ऑक्सीडेंट और एंटी- इंफ्लेमेटरी गुणों वाला एक पेड़ है। इसके सभी हिस्से, जैसे- जड़ें, छाल, रस, पत्तियां, फली, फल और फूल में औषधीय गुण मौजूद होते हैं। मोरिंगा को सहजन, ड्रमस्टिक ट्री के नाम से भी जाना जाता है। इसके पत्तों को लोग कई तरीकों से डाइट में शामिल कर सकते हैं।
जैसे आप इन्हें सलाद, सब्जी के साथ या चाय के रूप में प्रयोग कर सकते हैं। मोरिंगा की चाय बनाने के लिए इसके पत्तों को पीसने के बाद गर्म पानी में डालकर इसका सेवन कर सकते हैं। मोरिंगा के पत्तों को खाने से सेहत को कई फायदे होते हैं। जानिए क्या और कैसे..?
मोरिंगा के लाभ
हाई एंटी-ऑक्सीडेंट
एंटी-ऑक्सीडेंट दिल की बीमारी और टाइप 2 डायबिटीज के जोखिम को कम करते हैं। इसकी पत्तियां एंटी-ऑक्सीडेंट से भरपूर होती हैं, जिसमें क्वेरसेटिन भी होता है, जो ब्लड प्रेशर को कम करने में मदद करता है। क्लोरोजेनिक एसिड जो खाने के बाद शुगर लेवल को कंट्रोल करता है, उसे भी घटाने में सहायक है।
विटामिन और मिनरल्स से भरपूर
मोरिंगा की पत्तियों में विटामिन, जरूरी मिनरल्स, फ्लेवोनोइड और एल्कलॉइड के साथ-साथ बायोएक्टिव केमिकल्स होते हैं। यह जरूरी पोषक तत्व आपके ब्लड प्रेशर के लेवल को कंट्रोल करने में मदद कर सकते हैं। इससे डायबिटीज, सूजन और लिवर की बीमारियों का जोखिम कम होता है।
एंटी इंफ्लेमेटरी कंपाउंड
सूजन, चोट या इंफेक्शन में मोरिंगा काफी लाभदायक है। क्योंकि इसकी पत्तियों, फलियां और बीजों में मौजूद आइसोथियोसाइनेट्स नामक केमिकल्स रहता है।
मोरिंगा पाउडर खाने के लाभ
इम्यूनिटी बढ़ाता है मोरिंगा
मोरिंगा की पत्तियां पावरफुल फाइटोन्यूट्रिएंट्स से भरपूर होती हैं, जो इम्यूनिटी को मजबूत करती हैं और संक्रमण को दूर करने में मदद करती हैं।
पाचन में सुधार करता है
मोरिंगा की पत्तियों में भरपूर फाइबर होता है, जो पाचन में मदद करता है, जिससे डायबिटीज और पेट के कैंसर जैसी बीमारियों का जोखिम कम होता है। इसका एंटी इंफ्लेमेटरी गुण कोलाइटिस जैसे पाचन से जुड़े डिसऑर्डर से राहत देता है।
ब्लड शुगर के लेवल को मैनेज करता है
मोरिंगा ओलीफेरा ब्लड शुगर के लेवल को कम करने में मदद करता है। खाने के बाद 50 ग्राम मोरिंगा की पत्तियां खाने से ब्लड शुगर बढ़ना कम हो जाता है।
डायबिटीज
मोरिंगा की पत्ती का अर्क डायबिटीज पीड़ितों के लिए फायदेमंद है। यह शरीर में इंसुलिन के रेगुलेशन को बना सकता है और ऑर्गन डैमेज से बचाव करता है।
Disclaimer: इसमें दी गई जानकारी पाठक खुद पर अमल करने से पहले डॉक्टर या हेल्थ एक्सपर्ट से सलाह जरूर कर लें।








