12 नवंबर को क्यों मनाया जाता है विश्व निमोनिया दिवस, जानें इसका इतिहास और इस साल की थीम

The Khabar Xpress 12 नवम्बर 2024। निमोनिया एक गंभीर बीमारी है। यूं तो निमोनिया ज्यादातर छोटे बच्चों को होता है, लेकिन यह बीमारी किसी को भी हो सकता है। निमोनिया के कारण फेफड़ों में इंफेक्शन हो जाता है। इस बीमारी में सांस लेने में परेशानी देखी जाती है। स्वास्थ्य विशेषज्ञों की मानें तो निमोनिया एक ऐसी बीमारी है, जिसका इलाज समय रहते न किया जाए, तो यह गंभीर रूप ले सकती है। निमोनिया के प्रति लोगों को जागरूक करने के लिए हर साल 12 नवंबर को विश्व निमोनिया दिवस मनाया जाता है।

इस खास मौके पर वैश्विक स्तर पर कई तरह के कार्यक्रम,  हेल्थ कैंप और सेमिनार भी किए जाते हैं। विश्व निमोनिया दिवस के मौके पर हम आपको बताने जा रहे हैं, इस दिन का इतिहास, थीम और निमोनिया के लक्षणों के बारे में, ताकि आप इसके प्रति जागरूक हों और निमोनिया से बचाव कर सकें।

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विश्व निमोनिया दिवस का इतिहास

विश्व निमोनिया दिवस के इतिहास की बात करें, तो इसे पहले 2009 में मनाया गया था। इस दिन को पहली बार 2009 में ग्लोबल कोएलिशन अगेंस्ट चाइल्ड न्यूमोनिया द्वारा मनाया गया था। 2009 से ही हर साल विश्व निमोनिया दिवस 12 नवंबर को एक खास थीम के साथ मनाया जाता रहा है, ताकि वैश्विक स्तर पर लोगों को इस बीमारी के प्रति जागरूक किया जा सके।

विश्व निमोनिया दिवस 2024 की थीम

2024 में विश्व निमोनिया दिवस का थीम है \”हर सांस मायने रखती है: निमोनिया को उसके रास्ते में ही रोकें\” रखी गई है। विश्व निमोनिया दिवस को इस थीम पर मनाने का मुख्य उद्देश्य लोगों को हर सांस कितनी जरूरी है, इसके प्रति जागरूक करना है। यह थीम प्रत्येक सांस के महत्वपूर्ण महत्व पर जोर देती है और निमोनिया का समय पर पता लगाने, प्रभावी उपचार और उपायों के माध्यम से निमोनिया से निपटने की तत्काल आवश्यकता पर जोर डालती है।

विश्व निमोनिया दिवस 2024 का उद्देश्य

निमोनिया एक ऐसी बीमारी है, जिसे कुछ खास उपाय अपनाकर और दवाओं का सेवन करके रोका जा सकता है। लेकिन निमोनिया के इलाज में थोड़ी सी भी लापरवाही बरती जाए, तो यह मरीज की मौत का कारण भी बन सकती है। विश्व निमोनिया दिवस को मनाने का मुख्य उद्देश्य लोगों को इस बीमारी के प्रति जागरूक करता है। आम लोगों तक इस बात की जानकारी पहुंचाना कि निमोनिया कैसे फैलता, इसका इलाज क्या है और इसके लक्षणों को कैसे पहचाना जा सकता है।

निमोनिया क्या है ?

मायो क्लिनिक की रिपोर्ट के अनुसार, निमोनिया श्वास से जुड़ी एक गंभीर समस्या है। निमोनिया में फेफड़ों में इंफेक्शन हो जाता है। फेफड़ों में इंफेक्शन के कारण निमोनिया से पीड़ित व्यक्ति को सांस लेने में परेशानी और दर्द की समस्या देखी जाती है। इतना ही नहीं गंभीर मामलों में निमोनिया के कारण फेफड़ों में पानी भी भर सकता है, जिसका इलाज समय रहते न किया जाए, तो यह मौत का कारण बन सकता है।

निमोनिया के लक्षण क्या हैं ?

निमोनिया के लक्षण हल्के से गंभीर हो सकते हैं। निमोनिया का इलाज इसके लक्षणों  पर निर्भर करता है। निमोनिया के आम लक्षण नीचे बताए गए हैं:

  • सांस लेते या खांसते समय सीने में दर्द होना
  • थकान
  • बुखार, पसीना आना और ठंड लगना
  • सामान्य से कम शारीरिक तापमान
  • मतली, उल्टी या दस्त
  • सांस लेने में कठिनाई

अगर आपको नवजात शिशुओं में ऊपर बताए गए लक्षण नजर आते हैं, तो तुरंत अपने बाल एवं शिशु रोग विशेषज्ञ से बात करें।

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Disclaimer: सलाह सहित यह सामग्री केवल सामान्य जानकारी प्रदान करती है। यह किसी भी तरह से योग्य चिकित्सा राय का विकल्प नहीं है। ऊपर दी गई जानकारी पर अमल करने से पहले डॉक्टर की राय अवश्य ले लें। The Khabar Xpress की ओर से कोई जानकारी का दावा नहीं किया जा रहा है। 

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