



द खबर एक्सप्रेस 15 नवम्बर 2023। अलसी के छोटे से दिखने वाले बीजों में कई जरूरी पोषण मिलते हैं जो गंभीर बीमारियों को दूर करने में मददगार हैं। अलसी के बीज और गोंद दोनों ही सेहत के लिए गुणकारी हैं। इन दोनों का ही इस्तेमाल अलग-अलग बीमारियों के उपचार में किया जाता है।
अलसी और गोंद का प्रयोग एक साथ भी कर सकते हैं। इसके लड्डू बनाकर आप खा सकते हैं। अलसी के बीजों में भरपूर कैल्शियम, फाइबर, मैग्नीशियम, फॉस्फोरस और पोटैशियम पाए जाते हैं। वहीं, गोंद में प्रोटीन, फाइबर और हेल्दी फैट होता है। ऐसे में अलसी और गोंद के लड्डू खाने से शरीर को काफी फायदा मिलता है।
अलसी और गोंद का इस्तेमाल इन 5 चीजों में कारगर
डाइजेशन सुधारे
अलसी-गोंद का लड्डू खाने से डाइजेशन मजबूत बनता है। इसमें फाइबर की मात्रा में ज्यादा होती है और ये खाने को पचाने का काम करता है। इसके साथ ही गैस और कब्ज की समस्या से भी छुटकारा दिलाता है।
पेट की चर्बी कम करने में कारगर
अलसी-गोंद का लड्डू वजन कम करने में भी कारगर माना जाता है, इसमें मौजूद फाइबर लंबे टाइम तक पेट को भरा हुआ रखता है, जिससे आपको भूख कम लगती है। इसलिए वजन बढ़ने का डर नहीं रहता है।
इम्यूनिटी बूस्टर
अलसी-गोंद के लड्डू न्यूट्रीशन से भरपूर होने के साथ-साथ विटामिन और मिनरल्स पाए जाते हैं, जो इम्यूनिटी को बूस्ट करते हैं। जिनकी इम्यूनिटी कमजोर होती है, वो अक्सर बीमार रहते हैं। इसलिए कमजोर इम्यूनिटी वाले लोगों को इसका सेवन करना चाहिए। इससे सर्दी, जुकाम और खांसी में राहत मिलती है।
हार्ट को बनाए हेल्दी
अलसी के लड्डू में अल्फा-लिनोलेनिक एसिड (α-Linolenic acid) होता है, जो एलडीएल कोलेस्ट्रॉल को कम करने में कारगर है। इसके साथ ही वजन को घटाकर दिल की बीमारियों के खतरे को कम करता है। ये ब्लड शुगर लेवल को भी घटाने में हेल्प करता है।
हड्डियां मजबूत रखता है
अलसी-गोंद के लड्डू खाने से हड्डियां मजबूत होती हैं। इसके लड्डू खाने से हड्डियों में होने वाले दर्द में भी आराम मिलता है। इसलिए बढ़ती उम्र में अलसी और गोंद का सेवन डाइट में हमेशा शामिल करना चाहिए।
इन लोगों को सेवन नहीं करना चाहिए
- अगर आपको एलर्जी है तो अलसी खाने से बचना चाहिए।
- लो ब्लड प्रेशर से पीड़ितों को अलसी से परहेज करना चाहिए।
- लूज मोशन या डायरिया से पीड़ित लोगों भूलकर भी इस्तेमाल नहीं करना चाहिए। क्योंकि अलसी में लैक्सेटिव पाया होता है।
- ओमेगा 3 फैटी एसिड होने की वजह से खून जमने का प्रोसेस धीमा करता है। जो लोग खून को पतला करने वाली दवा लेते हैं, उन्हें इसके प्रयोग से पहले डॉक्टर से सलाह करनी चाहिए।
- डिप्रेशन के मरीज अलसी खाने से परहेज करें।
Disclaimer: इस लेख में बताई गई जानकारी और सुझाव को पाठक अमल करने से पहले डॉक्टर या संबंधित एक्सपर्ट से सलाह जरूर लें।

