द खबर एक्सप्रेस 17 सितंबर 2023। श्रीडूंगरगढ़ के अम्बेडकर भवन में आज भीम आर्मी के अध्यक्ष संदीप जयपाल की अध्यक्षता में सामाजिक सुधारक एवं राजनीतिज्ञ ई.वी. रामासामी पेरियार का जन्मदिन मनाया गया। पूर्व प्रधान पंचायत समिति श्री डूंगरगढ़ रामलाल मेघवाल ने उनके जीवन पर प्रकाश डालते हुए बताया कि इरोड वेंकट रामासामी पेरियार, पेरियार (तमिल में अर्थ -सम्मानित व्यक्ति) नाम से भी जाना जाता था। बीसवीं सदी के तमिलनाडु के एक प्रमुख राजनेता थे जो दलित-शोषित व गरीबों के उत्थान के लिए कार्यरत रहे। इन्होंने जातिवादी व गैर बराबरी वाले हिन्दुत्व का विरोध किया। जो इनके अनुसार दलित समाज के उत्थान का एकमात्र विकल्प था। पेरियार अपनी मान्यता का पालन करते हुए मृत्युपर्यंत जाति और हिंदू-धर्म से उत्पन्न असमानता और अन्याय का विरोध करते रहे। दलितों के समर्थन में 1925 में उन्होने एक आंदोलन भी चलाया। 1940 के दशक तक, ई वी रामासामी ने एक अलग पाकिस्तान के लिए मुस्लिम लीग के दावे का समर्थन किया। वे जस्टिस पार्टी के अध्यक्ष बने जिसका नाम 1944 में द्रविदर कडगम कर दिया गया था। इस पार्टी में आजादी के बाद दरार आगई जिसके कारण नई पार्टी डीएमके बनी। आजाद समाज पार्टी के विधानसभा अध्यक्ष संग्राम परिहार ने उनके बताए हुए मार्ग पर चलने का आह्वान किया।

कैलाश मेघवाल पर हुई कार्यवाही पर किया रोष व्यक्त
अम्बेडकर भवन में उपस्थित सबने एक स्वर में राजस्थान के दिग्गज नेता कैलाश मेघवाल के खिलाफ हुई कार्रवाई के विरोध में रोष व्यक्त किया।
सन्दीप जयपाल ने कहा कि कैलाश मेघवाल ने राजस्थान में बीजेपी को बनाने व खड़ा करने में अपना जीवन का समर्पित किया है तथा आज भ्रष्टाचार की आवाज उठाने पर उन्हें निलंबित कर अपमानित किया है। जिससे समाज में भारी रोष व्याप्त है। प्रत्येक व्यक्ति कैलाश मेघवाल के साथ खड़ा है।
इस सामाजिक बैठक में शामिल रहे ~ राधे आजाद ( आजाद समाज पार्टी श्री डूंगरगढ़ it cell विधानसभा अध्यक्ष ), भगवानाराम मेघवाल ( भीम आर्मी तहसील उपाध्यक्ष ), नंदकिशोर पंवार ( आजाद समाज पार्टी श्री डूंगरगढ़ it cell विधानसभा सहसयोंजक ), लालचंद चिनिया ( आजाद समाज पार्टी श्री डूंगरगढ़ it cell विधानसभा महासचिव ), रामचंद्र बारूपाल ( आजाद समाज पार्टी श्री डूंगरगढ़ it cell विधानसभा सहसंयोजक ), अशोक बारूपाल, पूनम बारूपाल, बजरंग बौद्ध, प्रकाश गांधी, हरी रीड़ी ( भीम आर्मी तहसील it cell संयोजक ), रामचन्द्र बारूपाल सहित अनेक गणमान्य मौजूद रहे।










