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ट्रॉमा सेंटर की जगह बदलने की आशंका के बीच विश्व हिंदू परिषद एवं बजरंग दल की नगर, प्रखंड व जिला पदाधिकारियों का सामूहिक इस्तीफा, हिन्दू युवाओं के संघर्ष को निजी लालच की भेंट चढ़ाने के लगाए आरोप

Published on: August 5, 2026

The Khabar Xpress 5 अगस्त 2026, श्रीडूंगरगढ़। श्रीडूंगरगढ़ में 3 सालों से घोषित ट्रॉमा सेंटर व उपजिला चिकित्सालय के निर्माण को राजनैतिक प्रभाव से रोका हुआ है और इसके पीछे स्थान बदलने की साजिश है। यह बात कहते हुए और इसी बात की नाराजगी जताते हुए श्रीडूंगरगढ़ क्षेत्र के विश्व हिंदू परिषद में लंबे समय से सक्रिय कार्यकर्ताओं ने नगर, प्रखंड सहित जिले तक के सभी पदों के दायित्वों को छोड़ दिया है।

विहिप के निवर्तमान प्रखंड अध्यक्ष संतोष बोहरा ने बताया कि नेशनल हाइवे पर करोड़ो रूपये की विवादित 7 बीघा भूमि पर समुदाय विशेष द्वारा अतिक्रमण का प्रयास था एवं इस भूमि को अतिक्रमण मुक्त करवाने के लिए संगठन द्वारा 1990 से लगातार संघर्ष किया जा रहा था। वर्ष 2014, 2015 में तो इसी प्रकरण में श्रीडूंगरगढ़ में साम्प्रदायिक तनाव भी हुआ व शहर दंगो की भेंट चढ़ गया, 7 दिन शहर में कर्फ्यू रहा, क्षेत्रवासियों ने लाठियां खाई, 450 से ज्यादा हिन्दू युवकों पर मुकदमे हुए, 155 से ज्यादा हिन्दू युवाओ को जेल भी जाना पड़ा। लेकिन उस समय के तत्कालीन विधायक किशनाराम नाई की मध्यस्थता से दोनों समुदायों के बीच भूमि आधी-आधी बांटने का समझौता भी हुआ। इसके बाद भी दोनों पक्षो में शांतिपूर्ण तनाव तो व्याप्त रहा। वर्ष 2023 में जब सरकार ने श्रीडूंगरगढ़ में ट्रॉमा सेंटर व उपजिला चिकित्सालय बनाने की घोषणा की तो दोनों समुदायों ने प्रशासन की पहल पर विवाद छोड़ते हुए मानवता के नाते इस भूमि पर अपना अधिकार छोड़ दिया। दोनों पक्षो की इस पहल से क्षेत्र में दोनों समुदायों के बीच चल रहे विवाद का भी खात्मा हुआ व सौहार्द का माहौल भी पुनः बनने लगा। लेकिन वर्ष 2023 में सरकार पुनः बदलने के बाद ट्रॉमा सेंटर के निर्माण को लगातार कोई न कोई रोड़े अटका कर रोका गया। इसके पीछे ट्रोमा सेंटर का स्थान बदलने की साजिश रही। वैचारिक समानता वाले राजनैतिक दल की सरकार होने के कारण स्थान बदलने के प्रयासों विरोध में विहिप पदाधिकारियों ने अपनी नाराजगी भी जताई।

विहिप पदाधिकारियों ने इस सबंध में वर्तमान विधायक ताराचंद सारस्वत एवं संगठन उच्चाधिकारियों से संर्पक भी किया। लेकिन सुनवाई नही होने से आहत क्षेत्र के विहिप के सभी पदाधिकारियों ने सामुहिक रूप से अपने दायित्व छोड़ दिये है। ट्रॉमा का स्थान बदलने के प्रयासों के कारण विहिप जिलाध्यक्ष जगदीश स्वामी, जिला उपाध्यक्ष प्रदीप जोशी, जिला सहमंत्री वासुदेव सारस्वत, जिला प्रशासन प्रमुख श्याम सुंदर जोशी, प्रखंड अध्यक्ष संतोष बोहरा, प्रखंड कार्यसमिति के दीपक सेठिया, भीखाराम सुथार, त्रिलोकचंद, मुकेश प्रजापत, नगर अध्यक्ष मनीष नोलखा, कार्यसमिति के लालसिंह, भूषण करवा, अशोक नाई, बजरंग दल के केके जांगिड़, पवन व्यास, श्याम गिरी आदि ने अपने दायित्व छोड़ दिये है।

लगाए आरोप- निजी लालच की भेंट चढ़ा रहे मानवता और युवाओं के संघर्ष को, फिर से करेंगे आंदोलन

श्रीडूंगरगढ़ 5 अगस्त 2026। श्रीडूंगरगढ़ क्षेत्र में लंबे समय से विश्व हिंदू परिषद से जुड़े कार्यकर्ताओं, पदाधिकारियों द्वारा सामूहिक रूप से पद दायित्व छोड़ने के बाद क्षेत्र के हिंदूवादी युवाओं में खासी नाराजगी है। अपने दायित्व छोड़ने वाले इन पदाधिकारियों ने मानवता एंव कार्यकर्ताओ के संघर्ष को निजी लालच की भेंट चढ़ा देने का आरोप लगाया है। विहिप के जिला प्रशासन प्रमुख श्याम सुंदर जोशी ने बताया कि ट्रॉमा सेंटर व उपजिला चिकित्सालय के लिए नेशनल हाइवे पर श्रीडूंगरगढ़ महाविद्यालय के सामने स्थित 7 बीघा भूमि आमजन की सुविधार्थ भी उपयुक्त है व हिन्दू युवाओं के संघर्ष का प्रतिफल होगा। इतने युवाओं ने अपना भविष्य दाँव पर लगा दिया और फिर भी ट्रॉमा का निर्माण को रोका हुआ है यह स्थिति किसी भी सूरत में बर्दाश्त नही की जाएगी व ट्रॉमा इसी भूमि पर बनाने के लिए फिर से आंदोलन तेज किया जाएगा।
समाज में सौहार्द बना रहे इसके लिये इस भुमी पर ट्रोमां बनना अत्यंत आवश्यक है
संगठन कि एक ही मांग है ट्रॉमा का निर्माण उसी विवादित स्थान पर हो वो चाहे सरकार बनाये या भामाशाह पर स्थान परिवर्तन किसी भी हाल में बर्दाश्त नहीं किया जायेगा

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