The Khabar Xpress 31 जुलाई 2026, श्रीडूंगरगढ़। स्वायत्त शासन विभाग ने राजस्थान के 309 नगरीय निकायों में चुनाव की तैयारी के लिए अधिसूचना जारी कर दी है। जिला कलेक्टरों को वार्डों की आरक्षण लॉटरी निकालने की जिम्मेदारी मिली है। 15 अगस्त तक आरक्षण और 15 नवंबर तक चुनाव पूरे होंगे।
राजस्थान में पांच साल की संविधानिक समय सीमा के बावजूद चुनाव की बाट जोह रहे नगरीय निकाय चुनावों की प्रक्रिया शुरु हो गई है। स्वायत्त शासन विभाग ने एक प्रशासनिक आदेश और अधिसूचना जारी कर दी है।
इसमें प्रदेश की 309 नगरीय निकायों के सभी जिलों के कलेक्टर को वार्डों का वर्गवार और महिला आरक्षण तय करने के लिए अधिकृत कर दिया है।
राजस्थान हाई कोर्ट के सख्त रुख और तय की गई समय-सीमा के बाद राज्य सरकार ने प्रशासनिक स्तर पर नगरीय निकाय और पंचायत चुनाव की तैयारियां तेज कर दी हैं।
वार्ड आरक्षण और लॉटरी प्रक्रिया
स्वायत्त शासन विभाग की अधिसूचना के तहत नगरीय निकायों के आरक्षण और लॉटरी प्रक्रिया को दो स्तरों पर विभाजित किया गया है। इसके अनुसार प्रदेश के सभी जिलों में नगर निगमों, नगर परिषदों और नगर पालिकाओं के वार्ड की आरक्षण की लॉटरी संबंधित जिलों के कलक्टर निकालंगे।
लेकिन प्रदेश भर के नगर निगमों के महापौर, नगर परिषदों के सभापति और नगर पालिकाओं के अध्यक्ष पद के लिए आरक्षण की लॉटरी राज्य स्तर पर स्वायत्त शासन विभाग (DLB) द्वारा जयपुर में निकाली जाएगी।
क्यों महत्वपूर्ण है यह प्रशासनिक कदम ?
पिछले काफी समय से निकायों का कार्यकाल समाप्त होने के बाद भी चुनाव न हो पाने के कारण स्थानीय विकास कार्य और नागरिक सुविधाएं प्रभावित हो रही थीं।
इस अधिसूचना के आते ही प्रदेश के 309 निकायों में वार्ड स्तर पर चुनाव लड़ने की तैयारी कर रहे दावेदारों और राजनीतिक दलों की गतिविधियां तेज हो गई हैं।
OBC आयोग देगा 5 अगस्त तक रिपोर्ट
स्थानीय निकाय व पंचायतों में अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) के सही और न्यायसंगत राजनीतिक प्रतिनिधित्व को सुनिश्चित करने के लिए ओबसी सर्वे की अंतिम रिपोर्ट 5 अगस्त तक सरकार को सौंपनी है।
सर्वे रिपोर्ट के आधार पर राज्य सरकार 15 अगस्त 2026 तक प्रदेश की सभी निकायों में लॉटरी निकालेगी व आरक्षित सीटें तय करेगी। इसके बाद चुनावी प्रक्रिया शुरू होगी।
15 नवंबर तक पूरी करनी है चुनावी प्रक्रिया
गौरतलब है कि सरकार ने राजस्थान हाई कोर्ट में चुनावी कार्यक्रम का खाका पेश किया था। इस संबंध में पेश हलफनामे के अनुसार स्थानीय निकाय और पंचायती राज के चुनाव 15 नवंबर 2026 तक संपन्न करवाने हैं।









