राजस्थान विधानसभा चुनाव: कांग्रेस उम्मीदवारों के लिये बड़ी खबर, सचिन पायलट की होगी महत्वपूर्ण भूमिका

द खबर एक्सप्रेस 06 सितंबर 2023। राजस्थान विधानसभा चुनाव में कांग्रेस प्रत्याशियों के नाम तय करने में पूर्व उपमुख्यमंत्री सचिन पायलट की महत्वपूर्ण भूमिका होगी। चर्चा है कि सर्वे रिपोर्ट टिकट बंटवारे का आधार बनेगी।

राजस्थान विधानसभा चुनाव में कांग्रेस प्रत्याशियों के नाम तय करने में पूर्व उप मुख्यमंत्री सचिन पायलट की महत्वपूर्ण भूमिका होगी। चर्चा है कि सर्वे रिपोर्ट टिकट बंटवारे का आधार बनेगी। कांग्रेस ने अपने स्तर पर सभी 200 विधानसभा सीटों पर सर्वे कराए है। प्रदेश प्रभारी सुखजिंदर सिंह रंधावा ने भी संकेत दिए है कि जिताऊ प्रत्याशी को ही टिकट दिया जाएगा। कमजोर प्रत्याशी चुनाव में नहीं उतारेंगे। टिकट का एकमात्र आधार जिताऊ ही होगा। ऐसा माना जा रहा है कि पार्टी पहली सूची जल्द ही जारी कर सकती है। सियासी जानकारों का कहना है कि राजस्थान में सीएम अशोक गहलोत और सचिन पायलट ही टिकट बंटवारे की धुरी रहेंगे।

गोगोई ने अपने स्तर पर फीडबैक लिया

कांग्रेस आलाकमान ने चुनाव पर्यवेक्षक मधुसुदन मिस्त्री और छानबीन समिति (स्क्रीनिंग कमेटी) के प्रमुख गौरव गोगोई को इस बारे में संकेत दिए हैं। ये नेता हाल ही में राजस्थान के दौरे पर आए थे। गोगोई ने अपने स्तर पर फीडबैक लिया है। चर्चा है कि तीन सदस्यीय छानबीन समिति प्रदेश चुनाव समिति, मुख्यमंत्री अशोक गहलोत, पायलट, कांग्रेस के प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा सहित अन्य वरिष्ठ नेताओं की ओर से सौंपे गए प्रत्याशियों के नामों की सूची पर विचार कर एक व दो नामों का पैनल तैयार करेगी। सूत्रों के अनुसार कहा तो यह भी जा रहा है कि कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी व महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा ने मिस्त्री और गोगोई को संदेश दिया है कि आगामी चुनाव में युवाओं को अधिक से अधिक टिकट दिए जाएं। सचिन पायलट खुद युवाओं को ज्यादा टिकट देने की मांग करते रहे हैं। टिकट वितरण का आधार सिर्फ जिताऊ और टिकाऊ होगा । जिताऊ के लिए उम्र कोई बाधा नहीं होगी। बैठक में सितंबर महीने तक प्रत्येक सीट पर टिकट के दावेदारों के नामों का पैनल तैयार करने का निर्णय लिया गया।

\’टिकट बंटवारे को लेकर खींचतान जारी

राजस्थान में विधानसभा चुनाव साल के अंत में है। कांग्रेस में टिकट बंटवारे को लेकर खींचतान जारी है। कांग्रेस पर्यवेक्षकों के सामने कार्यकर्ताओं के बीच जमकर लात घूसे चले हैं। सचिन पायलट चाहते है कि उनके समर्थकों का ज्यादा से ज्यादा टिकट मिले। जबकि प्रदेश प्रभारी सुखजिंदर सिंर रंधावा कह चुके हैं कि इस बार किसी गुट या किसी के कहने पर टिकट नहीं दिए जाएंगे। टिकट का आधार सिर्फ जिताऊ और टिकाऊ होगा।

सचिन पायलट टोंक से ही लड़ेंगे चुनाव

सचिन पायलट इस बार भी अपने निर्वाचन क्षेत्र टोंक से ही चुनाव लड़ेंगे। टोंक कांग्रेस ने सिर्फ सचिन पायलट की ही दावेदारी पेश की है। टोंक कांग्रेस जिला अध्यक्ष ने संकेत दिए है कि इस बार भी सचिन पायलट टोंक से ही चुनाव लड़ेंगे। बता दें विधानसभा चुनाव 2018 में सचिन पायलट ने टोंक से शानदारी जीत हासिल की थी। पायलट ने बीजेपी के युनूस खान को 53 हजार से ज्यादा मतों से हराया था। इस प्रकार माना जा रहा है कि सीएम गहलोत ने जोधपुर की सरदारपुरा से ही चुनाव लड़ेंगे।

पार्टी के तीन सर्वे हो चुके हैं पूरे

कांग्रेस के लिए प्रदेश की कई विधान सभा सीटें बेहद कमजोर है। उन सीटों पर पार्टी चेहरे बदल सकती है। पार्टी के तीनों सर्वे हो चुके हैं। उन सीटों पर रायसुमारी भी कराई जा चुकी हैं। जिन्हें चुनाव लड़ना है उन्हें संकेत दिए जा चुके हैं। वो सीटें शहरों में भी हैं। जयपुर की मालवीयनगर, सांगानेर, बगरू और विद्याधर नगर की चर्चा तेज है। यहां पर सांगानेर और मालवीयनगर पर पुराने चेहरों को उतारे जाने की चर्चा है। जबकि बगरू की कांग्रेस पार्टी की विधायक गंगा देवी की जगह युवा चेहरे के रूप में सत्यवीर अलोरिया का लगभग-लगभग नाम फाइनल है।

हालाँकि, इस सीट पर 43 आवदेन मिले हैं। विद्याधर नगर पर भी पुराने चेहरे को जगह मिल सकती है। दूदू विधान सभा सीट पर किसी बड़े चहेरे को उतारने की तैयारी है। वहीं टोंक जिले की मालपुरा- टोडारायसिंह सीट पर कई बार से कांग्रेस चुनाव जीत नहीं रही है। ऐसे में मालपुरा- टोडारायसिंह सीट से नए चेहरे के रूप में यूथ लीडर यशवीर शूरा को हरी झंडी दिए जाने की चर्चा है क्योंकि, कांग्रेस यहां पर चुनाव जीत नहीं पा रही है, ऐसे में यहां पर पार्टी की नजर बनी हुई है। इसके साथ ही झुंझनूं, सीकर और अन्य जिलों की कमजोर सीटों पर लिस्ट जारी हो सकती है।

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