द खबर एक्सप्रेस 01 सितंबर 2023। राजस्थान में बीजेपी की 2 सितंबर को परिवर्तन यात्रा से पहले पूर्व सीएम वसुंधरा राजे धार्मिक यात्रा प्रारंभ करेंगीं । वसुंधरा राजे शुक्रवार को अपनी यात्रा की शुरुआत राजसमंद जिले में स्थिति चारभुजा मंदिर से करेंगी।विदित रहे कि दो सितंबर से राजस्थान में कांग्रेस सरकार के खिलाफ परिवर्तन यात्रा प्रारंभ करेगी। परिवर्तन यात्रा में वसुंधरा के शामिल होने पर संशय बरकरार है।दो सितंबर को सवाईमाधोपुर के त्रिनेत्र गणेश मंदिर से शुरू होने वाली परिवर्तन यात्रा की शुरुआत नड्डा करेंगे। इस मौके पर वह एक सभा को संबोधित करेंगे। वसुंधरा इस यात्रा में शामिल होंगी या नहीं, इसको लेकर संशय बना हुआ है। उनकी सवाईमाधोपुर यात्रा का कोई कार्यक्रम अभी तक जारी नहीं हुआ है। इस बार भाजपा की ओर से निकाली जा रही चार परिवर्तन यात्राओं में वसुंधरा पार्टी का चेहरा नहीं हैं। इस बात से वसुंधरा नाराज बताई जा रही हैं। हालांकि, उन्होंने इस बारे में सार्वजनिक बयान नहीं दिया है। लेकिन वसुंधरा राजे समर्थक नाराज बताए जा रहे हैं।
राजसमंद से होगी धार्मिक यात्रा की शुरुआत
मिली जानकारी के अनुसार वसुंधरा शुक्रवार को अपनी यात्रा की शुरुआत राजसमंद जिले में स्थिति चारभुजा मंदिर से करेंगी। इसी मंदिर से उन्होंने साल 2013 और 2018 में भी यात्रा की शुरुआत की थी। वसुंधरा शुक्रवार सुबह जयपुर से हेलीकाप्टर से रवाना होकर चारभुजा मंदिर पहुंचेंगी। वहां पूजा-अर्चना करने के बाद वह नाथद्वारा जाएंगी। नाथद्वारा में श्रीनाथजी के दर्शन करने के बाद बांसवाड़ा जिले में स्थित त्रिपुरा सुंदरी मंदिर जाएंगी। तीनों मंदिरों में पूजा-अर्चना करने के बाद शाम को कोटा पहुंचकर अपने विश्वस्त व पूर्व विधायक प्रहलाद गुंजल के भतीजे के निधन पर शोक व्यक्त करेंगी। इसके बाद शाम को जयपुर पहुंचेंगी।
वसुंधरा राजे की अनदेखी से समर्थक नाराज
उल्लेखनीय है कि राजस्थान में पहली बार वसुंधरा राजे के चुनाव से पहले साइड लाइन किया गया है। इससे पहले दो चुनावों में वसुंधरा राजे पार्टी का प्रमुख चेहरा थीं, लेकिन इस बार बीजेपी ने वसुंधरा राजे को सीएम फेस घोषित करने से इंकार कर दिया है। बीजेपी का कहना है कि पीएम मोदी के चेहरे पर ही विधानसभा चुनाव लड़ा जगा। यहीं नहीं वसुंधरा राजे को चुनाव से संबंधित बनाई गई अहम कमेटियों से भी दूर रखा है। वसुंधरा राजे समर्थकों को भी समितियों में जगह नहीं मिली है। जबकि वसुंधरा राजे समर्थक माने जाने वाले पूर्व केंद्रीय मंत्री कैलाश मेघवाल को पार्टी ने नोटिस थमा दिया है। सियासी जानकारों का कहना है कि वसुंधरा राजे की नाराजगी पार्टी को नुकसान पहुंचा सकती है। वसुंधरा राजे दो बार सीएम रहीं है। ऐसे में वसुंधरा राजे की अनदेखी से जनता के बीच गलत मैसेज जाएगा।