भ्रष्टाचार की पराकाष्ठा- 40 दिन पहले बनी सड़क पहली बूंदाबांदी में ही उखड़ गई, बनी बनाई नाली का निकाल दिया टेंडर
जहां हाथ रखो, वहीं दर्द है
शायद वही ईमानदार बचे हुए हैं जिनको भ्रष्टाचार करने का मौका नहीं मिला। भ्रष्टाचार करने वालों का कभी कुछ बिगड़ता नहीं है, जिससे अब हौसले ओर बुलंद हो गए हैं।