जब सैंया भये कोतवाल तो अब डर काहे का, नगरपालिका कर्मचारी ने ही नियमो को ताक पर रखकर बना लिया पट्टा

कोई ये ना समझे कि कहानी खत्म हो गयी है। अभी भी कई बड़े नाम बाकी है। अभी भी कुछ राजा हरिश्चंद्र बनने वाले पार्षदो का काला चिट्ठा खुलेगा तो नगरपालिका कार्मिकों के भ्रष्टाचार पर भी वार होगा। चाहे कोई भी हो जनता के सामने सब सच आएगा।