गुमनामी में जा रहे अपने तीज त्यौहार, कस्बे की तीज माता सवारी नहीं पहुंची गंतव्य तक, मेला स्थान पर अतिक्रमणकारियों का कब्ज़ा, हिंदूवादी संगठन व नेता भी मौन

The Khabar Xpress 13 अगस्त 2025। शहरी जीवन की तेज रफ्तार और बदलती जीवनशैली ने हमारे तीज त्योहारों को गुमनामी की ओर धकेल दिया है। सावन का महीना कभी महिलाओं के लिए उल्लास, आस्था और मेल-मिलाप का खास समय हुआ करता था। झूले, लोकगीत, मेंहदी और सोलह श्रृंगार से जुड़ी हरियाली तीज जैसे त्योहार इस मौसम की सबसे सुंदर पहचान थे तो भादवे के महीने में कजरी तीज को सुहागने हर्षोल्लास से मनाती है।