गुरु पूर्णिमा विशेष- जीवन की हर यात्रा का पहला कदम गुरु महिमा से ही प्रारंभ
The Khabar Xpress 10 जुलाई 2025। जीवन में धार्मिक-आध्यात्मिक यात्रा का प्रथम कदम गुरु महिमा से ही प्रारम्भ होता है। गुरु के प्रति असीम श्रद्धा और उनके वचनों में विश्वास होने से, शिष्य के सारे भौतिक-अभौतिक कार्य स्वतः बनते चले जाते हैं। गुरु का कार्य दोहरा है- प्रथमतः वे शिष्य के समूचे कल्याण की जिम्मेदारी ओटते हैं, इसलिए निर्विघ्न प्रभु मार्ग पर आगे बढ़ने की युक्ति पूर्वक प्रेरणा देते हैं और दूसरी ओर जागतिक कार्यों में उसे सद्मार्गी और प्रामाणिक बनाते हैं।