The Khabar Xpress 07 दिसम्बर 2025। श्रीडूंगरगढ़ के बिग्गाबास में सारस्वत समाज समिति कुंडिया श्रीडूंगरगढ़ द्वारा नवनिर्मित सारस्वत सदन का शुभारंभ हर्षोल्लास के साथ वैदिक अनुष्ठान के साथ संपन्न हुआ। समिति के अध्यक्ष बजरंग लाल ओझा के बताया कि हमारे आराध्य ऋषि सरस जी महाराज की परम कृपा से सरसगढ़ की पावन धरा पर सारस्वत समाज के नवनिर्मित प्रतिष्ठान ’सारस्वत सदन’ का शनिवार 6 दिसम्बर को वैदिक मंत्रोच्चार और हवन की सनातनी परम्परा के साथ मंगलमय शुभारंभ संपन्न हुआ। इस ऐतिहासिक आयोजन में समाज के वरिष्ठ प्रबुद्धजनों और मातृशक्ति की महती भागीदारी रही। मुख्य पुरोहित पण्डित कैलाश शास्त्री सुरजनसर और पुरोहितगणों के सस्वर वैदिक मंत्रों की गूंज और हवन की पवित्र अग्नि ने पूरे परिसर को आध्यात्मिक ऊर्जा और अनुपम हर्षोल्लास से भर दिया। समस्त समाज के लिए यह क्षण अत्यंत गौरव पूर्ण रहा, जहां प्रत्येक समाजबंधु ने भवन निर्माण प्रकल्प को साकार रूप में धरातल पर लाने में एकजुट होकर सामाजिक उत्तरदायित्व का निर्वहन किया। हवन में लक्ष्मीनारायण तावणियां, केसराराम सारस्वा, राधेश्याम सारस्वा पातलीसर, ओमप्रकाश गुरावा, संजय सारस्वा ने सपत्नीक उपस्थित होकर यजमान की भूमिका निभाई। कार्यक्रम में मघराज औझा, मालचंद खांतड़िया, कुनणाराम सारस्वा, गणेश कायल, भागीरथ गुरावा, श्याम सारस्वा, श्री कन्हैयालाल सारस्वा, राजेश सारस्वा, मुरली धर औझा, सूर्यप्रकाश गुरावा ने उपस्थित होकर सक्रिय भागीदारी निभाई। हवन के पश्चात सभी आगंतुकों को सरस प्रसादी वितरित की गई।

इससे पूर्व शुभारंभ की पूर्व संध्या में शुक्रवार रात्रि में भवन परिसर में संगीतमय सुंदरकांड का पाठ सम्पन्न हुआ। नव निर्मित भवन को समस्त आधुनिक सुविधाओं से लैस किया गया है, जिससे समस्त सामाजिक एवं पारिवारिक आयोजनों के लिए यह एक लोकप्रिय स्थल के रूप में उभरेगा। कार्यक्रम के दौरान भवन निर्माण में आर्थिक सहयोग देने वाले सभी भामाशाहों तथा भवन निर्माण समिति के अध्यक्ष सहित सभी सदस्यों के समर्पण और परिश्रम की सर्वत्र सराहना हुई। लोकार्पण कार्यक्रम के साक्षी बने समाज बंधुओं ने सामूहिक रूप से यह संकल्प लिया कि आने वाली पीढ़ियाँ इस योगदान को सदैव एक अद्वितीय प्रेरणा स्रोत के रूप में याद रखेगी। ‘सारस्वत सदन’ का शुभारम्भ केवल भवन का उद्घाटन नहीं, बल्कि समाज की प्रगति और एकजुटता की प्रतीक विरासत माना जा रहा है। उम्मीद जताई जा रही है कि यह अत्याधुनिक और सुव्यस्थित भवन आने वाले समय में समाज के धार्मिक, सांस्कृतिक और सामाजिक कार्यक्रमों का एक प्रमुख केंद्र बनेगा। भवन का भव्य उद्घाटन समारोह आगामी समय में प्रस्तावित है।

समिति से जुड़े राधेश्याम सारस्वत ने बताया कि इस नवनिर्मित भवन में कुल 22 कमरे, जिनमें 27 बेड, दो बड़े हॉल, चंवरी हाल, कार्यालय कक्ष, आदि का निर्माण किया गया है। यह भवन समस्त आधुनिक सुख सुविधाओं जैसे एयर कंडीशन, लिफ्ट, गीजर, डबल बेड, कबर्ड आदि से सुसज्जित है । समिति से जुड़े कन्हैयालाल सारस्वत ने बताया की नवनिर्मित भवन की हवन पूजन के पश्चात बुकिंग प्रारंभ कर दी गई है। राजेश शर्मा ने बताया कि इस भवन की बुकिंग दर बहुत ही उचित रखी गई है जिससे कि समाज बंधुओ एवं अन्य नागरिकों को सर्वोत्तम सुविधा उपलब्ध करवाई जा सके। भवन की बुकिंग शादी विवाह, सगाई, सामाजिक आयोजन, बैठक, आदि के लिए करवाई जा सकती है । गौरतलब कि बिंजासर हाल श्रीडूंगरगढ़ निवासी स्वर्गीय रामचंद्र सारस्वा की स्मृति में उनके परिवार द्वारा बिग्गा बास स्थित भूमि समाज को भवन निर्माण हेतु निशुल्क उपलब्ध करवाई गई है जिस पर समस्त सारस्वत समाज कुंडिया के आर्थिक सहयोग से इस भव्य भवन का निर्माण करवाया गया है।

शुभारंभ अवसर पर तोलाराम तावनिया, शंकरलाल सारस्वा, काशीराम तावनिया, कुनणाराम सारस्वा, शिवप्रसाद तावणियाँ, मालाराम खातड़ियां, ओमप्रकाश ओझा, रिगताराम सारस्वा, केसराराम सारस्वा, ओमप्रकाश गुरावा, मुरलीघर ओझा, महावीर तावनिया, रामकुमार सारस्वा, गणेश राम कायल, भरत कायल, कानाराम सारस्वा, सांवरमल सारस्वा, संतोष तावनिया, गणेश ओझा, मघराज ओझा, सहित अन्य समाजबंधु उपस्थित रहे।

भवन निर्माण समिति के अध्यक्ष लक्ष्मीनारायण तावणियाँ व सदस्य श्याम सारस्वत ने बताया कि भवन का भव्य उद्घाटन समारोह एवं भामाशाह सम्मान समारोह आगामी दिनों में धूमधाम से किया जाएगा।








