The Khabar Xpress 29 मार्च 2025। श्रीडूंगरगढ़ के कालुबास में गणगौर पूजन करने वाली युवतियों एवं मातृशक्ति ने परंपरागत रीति-रिवाजों के साथ गणगौर की बंदौरी निकाली। जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। महिलाओं और कुंवारी कन्याओं ने सोलह श्रृंगार कर गणगौर माता की पूजा-अर्चना की और मंगल गीत गाए।

विप्र फाउंडेशन की बीकानेर देहात महिला जिलाध्यक्ष श्रीमती विनीता सारस्वत ने बताया कि गणगौर महोत्सव राजस्थान की सांस्कृतिक विरासत का एक महत्वपूर्ण पर्व है। जिसमें महिलाएं अपनी सुख-समृद्धि और अखंड सौभाग्य की कामना करती हैं। शुक्रवार को हुए इस आयोजन में कन्या भ्रूण हत्या रोकने और बेटियों को समान अधिकार देने का सामाजिक संदेश भी दिया गया।

बंदौरी के दौरान पारंपरिक परिधानों में सजी-धजी महिलाएं श्रद्धा भाव से गणगौर गीतों के साथ राजस्थान की सांस्कृतिक विरासत को सहेज रही थी। इस अवसर पर बालिकाओं ने पारंपरिक नृत्य और लोकगीतों की प्रस्तुति दी, जिससे माहौल भक्तिमय हो गया।
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बेटी बचाओ का संदेश
इस साल की गणगौर बंदौरी खास रही क्योंकि इसमें कन्या भ्रूण हत्या के खिलाफ जागरूकता फैलाने का प्रयास किया गया। बंदौरी में शामिल महिलाओं और युवतियों ने “बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ” के नारे लगाए।
इस दौरान श्रीमती विनीता सारस्वत ने बताया कि जिस गणगौर माता की हम पूजा कर रहे हैं, उसी स्त्री शक्ति के अस्तित्व को बनाए रखना हमारी जिम्मेदारी है। महिलाओं ने यह संकल्प लिया कि वे अपने परिवार और समाज में बेटियों को समान अधिकार दिलाने के लिए प्रयास करेंगी। इस दौरान श्रीमती सुमन सारस्वत, श्रीमती सुमित्रा सारस्वत, श्रीमती टीना सारस्वत, श्रीमती सोनू छंगाणी, श्रीमती शकुंतला राठी, श्रीमती रंजना ओझा, श्रीमती वंदना ओझा, श्रीमती सीमा भोजक, श्रीमती पुष्पा शर्मा, श्रीमती शोभा शर्मा, अन्नू, खुशबू शर्मा, चंद्रिका, लवली, दिवाशा, भाविका, राधिका, कृतिका, मेघना, निकुंज, अवंतिका, तन्वी, राधे, धनक एवं मिहिका सहित मातृशक्ति उपस्थित रही।









