महिला दिवस विशेष- वीरांगनाओं की भूमि पर पश्चिमी सभ्यता का कहर : डॉ प्रगति चोरडिया

The Khabar Xpress 08 मार्च 2025। भारत एक ऐसा देश जो ना सिर्फ़ अपने वीर जवानों की वजह से जाना जाता है अपितु वीरांगनाओ की वीरता और शूर जैसी शौर्यता, पराक्रम, साहस की वजह से भी प्रसिद्ध है। प्राचीन काल से जहाँ भारत का इतिहास रानी लक्ष्मी बाई, रानी पद्मावती, जैसी महारानीयो और वीरांगनाओं से ओत- प्रोत है वही दूसरी और पश्चिमी सभ्यता से आयी हुई आज़ादी का दुरुपयोग कर महिलाये उत्पीड़न की हर पराकाष्ठा को पार करती हुई नज़र आ रही है। जिसका जीवंत उदारहण बेंगलोर से अतुल सुभास और दिल्ली से विकास का आत्म हत्या करना है। भारत एक और जहाँ प्रगति की और अग्रसर है वही दूसरी और निजी व पारिवारिक रूप में विध्वंस की शुरुआत कर चुकी है। सही व ग़लत में भेद से ले कर अपनी ग़लत बात को सच साबित कर के परिवार के वंश को ख़त्म करना उनके लिए गौरव की बात बन चुकी है। ऐसे विपरीत माहौल में परिवार का सहयोग दिन प्रतिदिन महिलाओं की प्रवर्ती को बढ़ावा दे रहा है। ना जाने कितने अतुल और विकास अपने घरों में डर कर बैठे है और भारत सरकार से न्याय की उम्मीद कर रहे है। सरकार का दृढ़ निश्चय पूर्वक युवा उत्पीड़न के ख़िलाफ़ नियम लागू ना करना युवाओं की आत्म-हत्या को बढ़ावा दे रही है। सरकार को ऐसी प्रक्रियाओं पर रोक लगाकर, पीड़ित परिवारों को न्याय सुनिश्चित करवा कर, प्रकाश की राह को देदीप्यमान करना अतिशीघ्र जरूरी है।

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