एजुकेशन टेक्नोलॉजी एग्रीकल्चर ऐस्ट्रो ऑटो खेल ट्रेंडिंग धर्म बिजनेस मनोरंजन मूवी रिव्यू रिजल्ट लाइफस्टाइल विशेष

25 जून 1975 का आपातकाल का दिन देश के लिये काला दिन, श्रीडूंगरगढ़ भाजपा ने मनाया इसे काला दिवस के रूप में

Published on: June 25, 2024

The Khabar Xpress 25 जून 2024। आज आपातकाल की बरसी है। भारतीय जनता पार्टी इसे काला दिवस के रूप में मना रही हैं। भारतीय इतिहास के इस काले दिन को श्रीडूंगरगढ़ भाजपा कार्यालय में भाजपा विधायक ताराचन्द सारस्वत और भाजपा कार्यकर्ताओं ने काला दिवस के रूप में मनाया गया।

श्रीडूंगरगढ़ विधायक ताराचंद सारस्वत ने बताया कि 25 जून 1975 लोकतंत्र का काला दिवस, कभी ना भूलने वाला आपातकालविधायक ने कहा कि कांग्रेस पार्टी को संविधान का गला घोंटने के लिए देश की जनता से माफी मांगनी चाहिए।

विधायक ने बताया कि कांग्रेस ने संविधान का गला घोंटते हुए लोकतंत्र को खत्म करने की साजिश रची थी। रात के अंधरे में 25 जून 1975 को श्रीमती इंदिरा गांधी ने लोकतंत्र को नष्ट करने का प्रयास किया था। तब विपक्ष के नेताओं को बंद करके लोकतंत्र के गले को पूरी तरह से घोंटने का प्रयास किया था। आपातकाल के दौरान 26 जून की सुबह लोकनायक जय प्रकाश नारायण, मोरारजी देसाई, अटल बिहारी वाजपेयी, लालकृष्ण आडवाणी, अरुण जेटली, जॉर्ज फर्नांडीज समेत तमाम दिग्गज नेताओं को गिरफ्तार करके जेल में डाल दिया गया था। आपातकाल के दौरान प्रेस की आजादी पर भी हमला हुआ था और कई अखबारों के दफ्तरों की बिजली काट दी गई थी। अखबार छापने पर ही प्रतिबंध लगा दिया गया। उस दौरान कई अखबारों ने मुखर होकर आपातकाल का विरोध किया था। विधायक ने कहा कि उस समय आम नागरिक से लेकर प्रेस की अभिव्यक्ति के अधिकार को कुचला गया था। उस समय भारत के लोकतंत्र की रक्षा के लिए जिन लोगों ने आपातकाल के खिलाफ संघर्ष किया, यातनाएं झेलीं उन सबको नमन करता हूं। उनका त्याग और बलिदान देश कभी नहीं भूल पाएगा। देश भर में एक लाख से भी ज्यादा लोगों को मीसाबंदी, धारा 151 के तहत जेलों में डालते हुए, 3801 अखबारों पर प्रतिबंधित किया गया। 327 पत्रकारों को मीसा कानून के तहत जेल मे बंद कर दिया गया।

नई पीढ़ी को इस काले इतिहास के बारे में जानना जरूरी

भाजपा विधायक ने कहा कि 25 जून 1975 में देश में 21 महीने तक इमरजेंसी लगी थी। जिनका जन्म 1975 के बाद हुआ है उनको इस इतिहास को जानना जरूरी है। सभी युवाओं को इमरजेंसी के उन हालातों को जरूर जानना चाहिए। भारतीय इतिहास और लोकतंत्र का ये काला दिन है।

इमरजेंसी के वक्त क्या हालात थे, किस तरह से लोग अपना जीवन जी रहे थे, यह सारी चीजें डॉक्यूमेंट्री के माध्यम से दिखाई जाएगी। इसमें उन लोगों को भी बुलाया जाएगा जिन्होंने इमरजेंसी का वक्त देखा है।

इस दौरान विधायक ताराचंद सारस्वत नगर पालिका चेयरमैन मानमल शर्मा, शहर मंडल अध्यक्ष महावीर प्रजापत, ओबीसी मोर्चा जिलाध्यक्ष विनोद गिरी गुसाईं ,महामंत्री महेश राजोतिया, सुरेंद्र चुरा, पार्षद रजत आसोपा, रामसिंह जागीरदार, सुभाष कमलिया, हेमनाथ जाखड़, श्याम सुंदर जोशी, ओम प्रकाश गांधी, श्याम सुंदर पुरोहित, अशोक शर्मा, गिरधारी, धर्माराम नायक, भंवरलाल सारण, कन्हैयालाल गुरावा, अर्जुन लाल शर्मा, राजकुमार जोशी, रजनीकांत सारस्वत, हरिशंकर पुरोहित, चुननाथ सिद्ध, नरपत सिंह राठौड़, चेतननाथ सिद्ध, चैनाराम नायक, बैगाराम नायक सहित कार्यकर्ताओं सहित आमजन उपस्थित रहे।

Join WhatsApp

Join Now

Join Telegram

Join Now

पढ़ना न भूलें

समाजसेवा की नई मिसाल: मोहता परिवार करेगा मोहता पैलेस का विस्तार, जनहित में बनेगा सेकेंड फ्लोर

सरकारी आदेशो की खुली अवहेलना, पार्किंग में बिक रही सब्जियां, प्रशासनिक अधिकारियों की मनमानी या ठेकेदार की अवैध हफ्ता वसूली

बीकानेर–सीकर NH-11 को फोरलेन बनाने की मांग तेज, केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी को विश्वकर्मा कौशल विकास बोर्ड के अध्यक्ष रामगोपाल सुथार ने भेजा पत्र

बीकानेर में VB-GRAMG योजना अंतर्गत दो दिवसीय संभाग स्तरीय आवासीय प्रशिक्षण का शुभारंभ

श्रीडूंगरगढ़ कालू रोड स्थित अवैध शराब बिक्री के खिलाफ मोहल्लेवासी हुए लामबंद, बन्द करने के लिए विधायक व प्रशासन को लगायेंग गुहार

निःशुल्क जोड़ प्रत्यारोपण परामर्श शिविर संजीवनी मल्टी स्पेशलिटी हॉस्पिटल में सोमवार को, जयपुर के प्रसिद्ध विशेषज्ञ डॉक्टर देंगे सेवाएं

Leave a Comment